
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को द्वारका एक्सप्रेसवे और अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (UER-II) का उद्घाटन किया, जो दिल्ली-एनसीआर के ट्रैफिक और कनेक्टिविटी पर बड़ा असर डालने वाला महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। कुल मिलाकर 11,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना का उद्देश्य केवल सड़क निर्माण नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के इंफ्रास्ट्रक्चर और यात्रा अनुभव को नया आयाम देना है। UER-II, दिल्ली के मास्टर प्लान 2021 का अहम हिस्सा है और इसे राजधानी के लिए तीसरी रिंग रोड के रूप में विकसित किया गया है। 142 किलोमीटर लंबी इस सड़क परियोजना को DDA और NHAI के संयुक्त प्रयास से 2018 में लगभग ₹3600 करोड़ की लागत से शुरू किया गया था। इसके पूरा होने से वेस्ट दिल्ली, आउटर दिल्ली, द्वारका, गुड़गांव और नोएडा जैसे क्षेत्रों में कनेक्टिविटी में सुधार होगा और ट्रैफिक जाम कम होगा। Delhi NCR News
UER-II के उद्घाटन के साथ दिल्ली-एनसीआर के रियल एस्टेट मार्केट में नए अवसर खुलने की संभावना है। द्वारका और नजफगढ़ जैसे इलाके इस सड़क से सीधे जुड़ने के कारण आवागमन आसान होगा, जिससे प्रॉपर्टी की कीमतों में तेजी आने की उम्मीद है। वहीं रोहिणी, पीतमपुरा और आउटर रिंग रोड के आसपास के क्षेत्र भी बेहतर कनेक्टिविटी के चलते आवासीय और वाणिज्यिक संपत्तियों की मांग में बढ़ोतरी देख सकते हैं। इसके अलावा, गुड़गांव और नोएडा के रियल एस्टेट बाजार में भी इस नई रिंग रोड से निवेशकों और खरीदारों की दिलचस्पी बढ़ने की संभावना है।
दिल्ली में रोजाना 1.2 करोड़ से अधिक वाहन सड़कों पर चलते हैं, जिससे ट्रैफिक जाम और वायु प्रदूषण गंभीर समस्या बन गई है। यूईआर-2 के खुलने के बाद नोएडा से आईजीआई हवाई अड्डा तक का सफर अब केवल 20-25 मिनट में पूरा होगा, जबकि पहले इसमें डेढ़ से दो घंटे लगते थे। इस नई सड़क के जरिए भारी वाहन शहर के भीतर से गुजरने की बजाय सीधे रिंग रोड और एक्सप्रेसवे से जाएंगे, जिससे ट्रैफिक भीड़ और वायु प्रदूषण दोनों में कमी आएगी। उल्लेखनीय है कि इस परियोजना में दिल्ली के कचरे का पुनः उपयोग किया गया है, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ी पहल साबित हो रही है।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि UER-II और द्वारका एक्सप्रेसवे के उद्घाटन से रियल एस्टेट और वाणिज्यिक निवेश के नए अवसर तेजी से सामने आएंगे। खासकर ग्रेटर नोएडा वेस्ट और UER-II के जंक्शन के आसपास के इलाके अगले कुछ वर्षों में वाणिज्यिक हब, लॉजिस्टिक पार्क, वेयरहाउस और आईटी कंपनियों के लिए नई सिलिकॉन वैली बनने की पूरी संभावना रखते हैं। Delhi NCR News