
अंतरिक्ष यान की लैंडिंग के लिए विभिन्न तरीके अपनाए जाते हैं। नासा का शटल प्रोग्राम पहले एयरप्लेन की तरह रनवे पर लैंड करता था, लेकिन इसमें एक समस्या थी, शटल की टाइल्स उतरने के समय जटिल हो जाती थीं। इसके बाद नासा ने कॉमर्शियल क्रू प्रोग्राम बनाया, जिसमें स्पेसक्राफ्ट समंदर में लैंड होता है।
समंदर में लैंडिंग का फायदा यह है कि यान को पुनः इस्तेमाल करने की संभावना रहती है, साथ ही अंतरिक्ष यात्रियों के लिए यह सुरक्षित और आरामदायक तरीका होता है। नासा का मानना है कि समंदर में लैंडिंग से यान की संरचना भी सुरक्षित रहती है, और इसका पुनः इस्तेमाल किया जा सकता है। यही कारण है कि सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर के स्पेसक्राफ्ट को समंदर में लैंड किया जाएगा।
सुनीता विलियम्स(Sunita Williams), जो अंतरिक्ष में एक सप्ताह से ज्यादा समय बिता चुकी हैं, 2024 में बोइंग स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान के जरिए लौटने वाली थीं, लेकिन तकनीकी कारणों से उनकी वापसी में देरी हुई। अब उनका स्पेसक्राफ्ट फ्लोरिडा के तट पर सुबह 3:27 बजे लैंड करेगा। यह सुनीता विलियम्स के लिए एक ऐतिहासिक और गर्व का पल है, और उनके इस अद्वितीय साहसिक कार्य पर भारत को गर्व है।Sunita Williams: