IMD के अनुसार, उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई इलाकों में अगले कुछ दिनों तक बारिश देखने को मिल सकती है। कुछ राज्यों में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।

देशभर में 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाने की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। दिल्ली के लाल किले से लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किए जाएंगे। लेकिन इस बार समारोह के बीच मौसम लोगों की चिंता बढ़ा सकता है। बंगाल की खाड़ी में बने मौसम सिस्टम और सक्रिय मानसूनी हवाओं के चलते देश के कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई इलाकों में अगले कुछ दिनों तक बारिश देखने को मिल सकती है। कुछ राज्यों में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।
दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह को लेकर मौसम विभाग का खास पूर्वानुमान सामने आया है। 15 अगस्त की सुबह लाल किले और आसपास के इलाकों में बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश की संभावना है। सुबह 6 बजे से 9 बजे के बीच हल्की बारिश होने की संभावना करीब 60 प्रतिशत बताई गई है। ऐसे में लाल किले पर होने वाले समारोह में शामिल होने वाले लोगों को मौसम को ध्यान में रखते हुए तैयारी करके पहुंचना बेहतर रहेगा। दिन के दौरान भी दिल्ली-NCR में रुक-रुककर बारिश और गरज-चमक देखने को मिल सकती है। राजधानी में अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। बारिश के बावजूद हवा में नमी अधिक रहने से लोगों को उमस परेशान कर सकती है। दिल्ली-NCR में 14 से 19 अगस्त के बीच बारिश का दौर बने रहने की संभावना है।
उत्तर प्रदेश में मानसून इस समय सक्रिय बना हुआ है। प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में कई जगह बारिश हो रही है। लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी जैसे शहरों में भी मौसम बदलता हुआ नजर आ रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, 15 अगस्त की सुबह से 16 अगस्त की सुबह तक प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, लखीमपुर खीरी, सहारनपुर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं, महोबा और ललितपुर में बारिश की संभावना ज्यादा है। इसके अलावा प्रदेश के करीब 30 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर चेतावनी दी गई है। लगातार बारिश से निचले इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है। कई जगहों पर तेज गरज के साथ बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। ऐसे मौसम में लोगों को खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी जाती है।
मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में भी मानसून सक्रिय है। मौसम सिस्टम का असर जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में ज्यादा देखने को मिल सकता है। अगले चार दिनों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश होने का अनुमान है। नर्मदापुरम, छतरपुर और उमरिया में बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं जबलपुर, सागर, रायसेन, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, कटनी, पन्ना, टीकमगढ़, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में भी अच्छी बारिश हो सकती है। लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। ग्रामीण और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम विभाग की चेतावनी पर नजर रखने की जरूरत है।
पहाड़ी राज्यों में बारिश का असर मैदानी इलाकों की तुलना में ज्यादा गंभीर हो सकता है। उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल, चंपावत और पिथौरागढ़ में भारी बारिश के साथ भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। पिथौरागढ़ में कई सड़कों पर मलबा आने से आवाजाही प्रभावित हुई है। थल-मुनस्यारी और जौलजीबी-मुनस्यारी मार्ग पर परेशानी के कारण कई गांवों का संपर्क भी प्रभावित हुआ है। कुछ इलाकों में नाले उफान पर हैं और लगातार मलबा गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं। चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं और पहाड़ों का रुख करने वाले पर्यटकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। मौसम खराब होने पर स्थानीय प्रशासन की सलाह को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हिमाचल प्रदेश में भी शिमला, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी समेत कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी है। नदियों और बरसाती नालों के आसपास जाने से लोगों को बचने की सलाह दी गई है।
बिहार में मानसून कई इलाकों में सक्रिय है। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान और सारण में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मुजफ्फरपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, वैशाली, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, अरवल और औरंगाबाद में भी बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ जगहों पर हवा की रफ्तार करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है। पटना, गया, नालंदा, नवादा और शेखपुरा में भारी बारिश की संभावना अपेक्षाकृत कम है लेकिन बादल छाए रहने और उमस से लोगों को परेशानी हो सकती है। झारखंड में भी 15 से 18 अगस्त के बीच कई हिस्सों में भारी बारिश का दौर बना रह सकता है। गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, लोहरदगा और गुमला में भारी बारिश और बिजली गिरने को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
राजस्थान में पिछले दिनों के मुकाबले मानसूनी गतिविधियों में कुछ कमी आने की संभावना है। हालांकि पूर्वी और उत्तरी राजस्थान के कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। जयपुर, अलवर, भरतपुर, कोटा, सीकर और झुंझुनूं समेत 17 जिलों में बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने को लेकर येलो अलर्ट है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है। बीकानेर और जोधपुर संभाग में हल्की बारिश या बौछारें देखने को मिल सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार 21 से 27 अगस्त के बीच राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो सकता है।
महाराष्ट्र के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। नागपुर, चंद्रपुर, गढ़चिरौली, अमरावती, भंडारा और गोंदिया में बारिश को लेकर अलर्ट है। पुणे, सतारा, कोल्हापुर और नासिक के घाट क्षेत्रों में भी मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। मुंबई, ठाणे, रायगढ़ और रत्नागिरी में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस के दौरान बाहर निकलने वाले लोगों को स्थानीय मौसम की जानकारी लेते रहना चाहिए। गुजरात में अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत, भरूच, गांधीनगर और नवसारी में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं सौराष्ट्र और कच्छ के कुछ हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत शांत रहने का अनुमान है।
दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी मानसून सक्रिय रहेगा। केरल और तटीय कर्नाटक में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। समुद्र में मौसम खराब रहने की स्थिति में मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी बारिश का असर कम नहीं होगा। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और जलभराव का खतरा बढ़ सकता है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
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