जब दिल्ली पुलिस के जवान बने गिरफ्तारी के शिकार, 20 जवान हिरासत में

दिल्ली में आयोजित एक एआई समिट के दौरान तीन युवा कांग्रेस कार्यकतार्ओं ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद वे हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रोहड़ू क्षेत्र में चले गए और वहीं ठहर गए।

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दिल्ली पुलिस
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar25 Feb 2026 07:13 PM
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Delhi News : हिमाचल प्रदेश में हुई इस घटना ने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा पैदा कर दी है। मामला उस समय शुरू हुआ जब दिल्ली में आयोजित एक एआई समिट के दौरान तीन युवा कांग्रेस कार्यकतार्ओं ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद वे हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रोहड़ू क्षेत्र में चले गए और वहीं ठहर गए। बताया जाता है कि देलही पुलिस को उनकी मौजूदगी की जानकारी मिली, जिसके बाद एक टीम उन्हें हिरासत में लेने हिमाचल पहुंची। टीम ने तीनों को पकड़ा और दिल्ली ले जाने के लिए रवाना हो गई। हालांकि, रास्ते में घटनाक्रम ने अप्रत्याशित मोड़ ले लिया।

दिल्ली पुलिस के 20 जवानों को हिरासत में लिया गया

जैसे ही स्थानीय प्रशासन को इस कार्रवाई की खबर मिली, सोलन पुलिस ने धर्मपुर के पास चंडीगढ़-कालका-शिमला हाईवे पर नाकाबंदी कर दी। आरोप है कि दूसरे राज्य में कार्रवाई से पहले आवश्यक औपचारिक सूचनाएं नहीं दी गई थीं। इसी आधार पर सोलन पुलिस ने दिल्ली पुलिस के 20 जवानों को रोककर हिरासत में ले लिया। कुछ समय के लिए दोनों राज्यों की पुलिस आमने-सामने आ गई, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

कानून के दायरे में रहकर कदम उठाना चाहिए

बाद में तीनों युवाओं को शिमला की अदालत में पेश किया गया। इस पूरी घटना ने कानूनी प्रक्रिया, अंतरराज्यीय पुलिस समन्वय और राजनीतिक दखल जैसे मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ला दिया। विपक्ष ने इसे राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बताया, जबकि दिल्ली पुलिस का कहना है कि उन्होंने कानून के दायरे में रहकर कदम उठाया। इस प्रकरण ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि जब एक राज्य की पुलिस दूसरे राज्य में कार्रवाई करती है तो किन प्रक्रियाओं का पालन अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए। यही प्रक्रिया इस पूरे विवाद का मुख्य कारण बनती दिखाई दे रही है।


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दिल्ली के चांदनी चौक में दिनदहाड़े ज्वेलरी से 50 लाख लूटे

'रिया गोल्ड' ज्वेलर्स की दुकान पर बुधवार दोपहर तेजी से ग्राहकों का आना-जाना जारी था। इसी दौरान कुछ लोग ग्राहक बनकर शॉप के अंदर घुसे। शुरू में उन्होंने गहने देखने का बहाना बनाया और कर्मचारियों से बातचीत की।

robbery in broad daylight
भीड़भाड़ वाले इलाके में दिनदहाड़े लूट (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar25 Feb 2026 05:00 PM
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Delhi Crime: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में बुधवार को दिनदहाड़े लूट की एक बड़ी वारदात सामने आई है। किनारी बाजार स्थित गली अनार वाली में बदमाशों ने एक ज्वेलरी शॉप को निशाना बनाया और बंदूक की नोक पर करीब 50 लाख रुपये के गहने लूट लिए। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।

ग्राहक बनकर किया कामयाब

जानकारी के मुताबिक, प्रसिद्ध 'रिया गोल्ड' ज्वेलर्स की दुकान पर बुधवार दोपहर तेजी से ग्राहकों का आना-जाना जारी था। इसी दौरान कुछ लोग ग्राहक बनकर शॉप के अंदर घुसे। शुरू में उन्होंने गहने देखने का बहाना बनाया और कर्मचारियों से बातचीत की। तभी अचानक उन्होंने बंदूकें निकालीं और दुकान में मौजूद कर्मचारियों को गनपॉइंट पर रख लिया।

50 लाख के गहने लूटे

बदमाशों ने कर्मचारियों को धमकाते हुए कहा कि शॉप में रखे सभी गहने बाहर निकाल दिए जाएं। अपनी जान बचाने के डर से कर्मचारियों को मजबूरन गहने बदमाशों के हवाले करने पड़े। आरोपियों ने करीब 50 लाख रुपये के गहने अपने कब्जे में लेकर मौके से फरार हो गए।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना के बाद जैसे ही बदमाश भागे, डरे-सहमे कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर चांदनी चौक थाना पुलिस की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और जांच-पड़ताल में जुट गईं। पुलिस अब आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण कर रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। चांदनी चौक जैसे भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील इलाके में दिनदहाड़े इस तरह की हिम्मत करने वाले बदमाशों की तलाश अब पुलिस की प्राथमिकता बनी हुई है। Delhi Crime

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दिल्लीवालों सावधान! वोटर लिस्ट की जांच हुई शुरू, अभी जुटा लें दस्तावेज

इसका मकसद मतदाता सूची को क्लीन और अपडेट करना है। इस दौरान दिल्ली छोड़ चुके लोगों के नाम हटाए जा सकते हैं, जबकि नए योग्य मतदाताओं को सूची में जोड़ा जाएगा ताकि चुनावी रिकॉर्ड पूरी तरह दुरुस्त रहे।

दिल्ली वोटर लिस्ट अपडेट
दिल्ली वोटर लिस्ट अपडेट
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar25 Feb 2026 01:54 PM
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Delhi News : दिल्ली के मतदाताओं के लिए एक बड़ा और बेहद अहम अपडेट सामने आया है। अगर आप राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रहते हैं और चाहते हैं कि आपका वोटिंग अधिकार किसी उलझन में न फंसे, तो अब पुराने दस्तावेजों को संभालकर रखना जरूरी हो गया है। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के निर्देश पर दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसका मकसद मतदाता सूची को क्लीन और अपडेट करना है इस दौरान दिल्ली छोड़ चुके लोगों के नाम हटाए जा सकते हैं, जबकि नए योग्य मतदाताओं को सूची में जोड़ा जाएगा ताकि चुनावी रिकॉर्ड पूरी तरह दुरुस्त रहे।

क्यों अहम बन गया 2002 का रिकॉर्ड?

निर्वाचन विभाग ने इस विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में वर्ष 2002 की मतदाता सूची को रेफरेंस बेस बनाया है। यानी अगर आप 2002 से पहले से दिल्ली में रह रहे हैं, तो आपके लिए सबसे जरूरी काम यही है कि 2002 वाली वोटर लिस्ट में अपना नाम खोजकर उसका रिकॉर्ड सुरक्षित कर लें। आमतौर पर इस एंट्री में आपका नाम, पिता/पति/अभिभावक का नाम, विधानसभा क्षेत्र, भाग संख्या (Part No.) और क्रम संख्या (Serial No.) जैसी अहम जानकारियां दर्ज होती हैं।

2002 के बाद दिल्ली आने वालों के लिए क्या नियम?

दिल्ली देशभर के लोगों का शहर है, इसलिए दूसरे राज्यों से आकर बसे मतदाताओं के लिए सत्यापन का तरीका थोड़ा अलग रखा गया है। स्वाभाविक है कि अगर आप 2002 के बाद दिल्ली आए हैं, तो आपका नाम दिल्ली की 2002 वाली वोटर लिस्ट में नहीं मिलेगा। ऐसे मामलों में आपको अपने मूल राज्य की उस अवधि की मतदाता सूची/रिकॉर्ड दिखाने की जरूरत पड़ सकती है, जब वहां आखिरी बार गहन पुनरीक्षण (SIR) हुआ था (जैसे 2002, 2003 या 2005)। इसके लिए संबंधित राज्य की CEO वेबसाइट से अपना पुराना डेटा निकालकर सुरक्षित रखें, ताकि BLO के घर-घर सत्यापन के वक्त आप उसे तुरंत उपलब्ध करा सकें और नाम को लेकर कोई उलझन न बने।

घर बैठे ऐसे खोजें अपना रिकॉर्ड

दिल्ली चुनाव कार्यालय ने मतदाताओं के लिए ऑनलाइन सर्च की सुविधा खोल दी है, ताकि लोग घर बैठे 2002 की वोटर लिस्ट में अपना रिकॉर्ड आसानी से ढूंढ सकें। आप नाम के जरिए, पोलिंग स्टेशन के आधार पर या फिर अपने क्षेत्र की पूरी सूची डाउनलोड करके जरूरी विवरण सुरक्षित कर सकते हैं। बेहतर यही है कि जो भी जानकारी मिले, उसका स्क्रीनशॉट या प्रिंट आउट अभी निकालकर रख लें। बता दें कि यह मुहिम सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं है। बिहार में यह वोटर लिस्ट क्लीन-अप पहले ही पूरा हो चुका है, जबकि उत्तर प्रदेश, गुजरात, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु समेत कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इसे तेज़ी से आगे बढ़ाया जा रहा है। Delhi News

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