Today Weather Update: IMD के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, 13 अगस्त को कई राज्यों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। वहीं उत्तर भारत में बारिश का दौर अगले कुछ दिनों में और बढ़ने की संभावना है।

मानसून के बीच देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में बने कम दबाव के क्षेत्र का असर मध्य और पूर्वी भारत के मौसम पर दिखाई दे रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, 13 अगस्त को कई राज्यों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। वहीं उत्तर भारत में बारिश का दौर अगले कुछ दिनों में और बढ़ने की संभावना है।
दिल्ली-NCR में 13 अगस्त का मौसम बाकी कई राज्यों की तुलना में कुछ अलग रह सकता है। राजधानी और आसपास के इलाकों में आज भारी बारिश की चेतावनी नहीं है ऐसे में लोगों को उमस और गर्मी से परेशानी महसूस हो सकती है। हालांकि, मौसम पूरी तरह साफ रहने की भी संभावना नहीं है और स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। दिल्ली-NCR के लोगों के लिए राहत की बात यह है कि IMD ने 14 से 18 अगस्त के बीच हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में भारी बारिश की संभावना जताई है। यानी आने वाले दिनों में राजधानी क्षेत्र में मानसून की गतिविधियां तेज हो सकती हैं।
उत्तर प्रदेश के मौसम की बात करें तो 13 अगस्त से पूर्वी यूपी में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। IMD के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 13 से 18 अगस्त के बीच अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। ऐसे में पूर्वी यूपी के लोगों को अगले कुछ दिनों में मौसम को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की संभावना 14 से 17 अगस्त के बीच जताई गई है। इसका मतलब है कि स्वतंत्रता दिवस के आसपास पश्चिमी यूपी में भी मानसून सक्रिय हो सकता है। बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव और सड़कों पर यातायात प्रभावित होने जैसी परेशानियां सामने आ सकती हैं।
पहाड़ी राज्यों में मानसून की सक्रियता बनी हुई है। IMD ने उत्तराखंड में 13 अगस्त को भारी बारिश की संभावना जताई है। हिमाचल प्रदेश में भी 13 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा उत्तराखंड में 15 और 18 अगस्त को भी भारी बारिश की संभावना बताई गई है। पहाड़ी इलाकों में लगातार या तेज बारिश होने पर सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं और संवेदनशील स्थानों पर स्थानीय स्तर पर परेशानी बढ़ सकती है। इसलिए यात्रा करने वाले लोगों के लिए मौसम और स्थानीय प्रशासन की सलाह पर नजर रखना बेहतर रहेगा।
राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। IMD के ताजा अपडेट के अनुसार पश्चिमी राजस्थान में 13 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है। वहीं पूर्वी राजस्थान में भी मानसून सक्रिय बना हुआ है। राजस्थान में बारिश की तीव्रता अलग-अलग इलाकों में अलग रह सकती है। ऐसे में स्थानीय मौसम अपडेट को ध्यान में रखकर ही लंबी दूरी की यात्रा की योजना बनाना उचित रहेगा।
मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के पास कम दबाव का क्षेत्र बना है। इसके अगले चरण में और मजबूत होने की संभावना जताई गई थी। इस मौसम प्रणाली का असर पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियों के रूप में दिखाई दे सकता है। मानसून के दौरान बंगाल की खाड़ी में बनने वाली ऐसी प्रणालियां जब आगे बढ़ती हैं तो इनके प्रभाव से अलग-अलग राज्यों में बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है। यही वजह है कि मौसम विभाग लगातार इसकी दिशा और ताकत पर नजर रख रहा है।
मध्य भारत के कई हिस्सों में भी मानसून की गतिविधियां बनी हुई हैं। IMD के पूर्वानुमान में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत कुछ क्षेत्रों में बारिश की संभावना जताई गई है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है। बारिश के दौरान निचले इलाकों में पानी जमा होने और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने जैसी स्थानीय समस्याएं पैदा हो सकती हैं। ऐसे में लोगों को जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचना चाहिए और मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा टालना बेहतर होगा।
IMD के ताजा पूर्वानुमान को देखें तो उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश का मुख्य दौर आने वाले दिनों में ज्यादा सक्रिय हो सकता है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 13 से 18 अगस्त, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 14 से 17 अगस्त के बीच भारी बारिश की संभावना जताई गई है। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में भी 14 से 18 अगस्त के बीच भारी बारिश की संभावना है। इस लिहाज से 13 अगस्त को जहां कुछ इलाकों में उमस और सामान्य मानसूनी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं वहीं 14 अगस्त के बाद उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश का असर ज्यादा साफ दिखाई दे सकता है।
मानसून के इस दौर में मौसम तेजी से बदल सकता है। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों, भारी बारिश वाले जिलों और जलभराव की आशंका वाले शहरों में रहने वाले लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए। वाहन चालकों को बारिश के दौरान गति नियंत्रित रखने और जलभराव वाली सड़कों पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
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