संजय सिंह ने कहा कि यह पहली बार हुआ है कि किसी सत्तारूढ़ मुख्यमंत्री को जेल में डालकर उनके खिलाफ दुष्प्रचार किया गया। उन्होंने मांग की कि वर्तमान सरकार को भंग कर दिल्ली में फिर से चुनाव कराए जाएं।

Delhi Politics: आप पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने दिल्ली विधानसभा चुनावों को लेकर एक बड़ा बयान देते हुए उन्हें फिर से कराने की मांग उठाई है। संजय सिंह ने संसद में आरोप लगाया कि दिल्ली में प्रचंड बहुमत से सत्तारूढ़ सरकार को गिराने की साजिश रची गई है और उसके मंत्रियों व नेताओं को जेल में डाला गया है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है।
संजय सिंह ने कहा कि यह पहली बार हुआ है कि किसी सत्तारूढ़ मुख्यमंत्री को जेल में डालकर उनके खिलाफ दुष्प्रचार किया गया। उन्होंने मांग की कि वर्तमान सरकार को भंग कर दिल्ली में फिर से चुनाव कराए जाएं, ताकि दिल्ली की जनता एक बार फिर सही फैसला ले सके। उन्होंने सदन में सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनता के फैसले को इस तरह से खत्म करना उचित नहीं है।
शराब घोटाले के मामले में भी संजय सिंह ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने बताया कि कथित शराब घोटाले में आरोपमुक्त 23 लोगों को हाईकोर्ट से नोटिस जारी किए गए हैं। इस पर उन्होंने कहा कि सीबीआई (CBI) की अर्जी पर निचली अदालत के फैसले पर रोक नहीं लगाई गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी अपना पक्ष हाईकोर्ट में पेश करेगी।
विपक्ष के प्रदर्शन का मुद्दा उठाते हुए संजय सिंह ने महंगाई को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश के मौजूदा हालात महंगाई की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान से रिश्ते खराब होने के कारण महंगाई बढ़ी है, क्योंकि समुद्री मार्ग से कच्चा तेल और गैस की आपूर्ति ईरान से होती थी।
इस दौरान संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी सीधा हमला किया। उन्होंने कहा, "इस आपदा में अवसर पीएम मोदी के दोस्तों ने ढूंढ लिया है।" उन्होंने आरोप लगाया कि गैस के दाम अडानी ने तीन गुना बढ़ा दिए हैं और तेल के दाम भी बढ़ने वाले हैं। उन्होंने कहा कि देश में हो रही महंगाई के लिए पीएम मोदी जिम्मेदार हैं।
संजय सिंह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए जा रहे अविश्वास प्रस्ताव का भी बड़े स्तर पर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी विपक्ष के साथ खड़ी है और वह इस अविश्वास प्रस्ताव का पूरा समर्थन करती है। उनके इस रुख से विपक्ष की एकजुटता का संदेश मिला है। Delhi Politics