"संसद चलो" मार्च के दौरान छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर कथित पुलिस कार्रवाई का मामला अब दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच गया है।

New Delhi News : "संसद चलो" मार्च के दौरान छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर कथित पुलिस कार्रवाई का मामला अब दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच गया है। बुधवार को हुई सुनवाई में याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने अदालत के सामने दावा किया कि वायरल वीडियो में दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (एडीसीपी) संदीप लांबा एक महिला प्रदर्शनकारी को थप्पड़ मारते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि अदालत ने इस आरोप की सत्यता पर कोई टिप्पणी नहीं की। कोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया तथा घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का आदेश दिया।
New Delhi News
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायण ने अदालत को बताया कि उनकी टीम ने घटना से जुड़े अनेक वीडियो का अध्ययन किया है। उन्होंने दावा किया कि कुछ वीडियो में पुलिसकर्मी बिना पहचान बैज के दिखाई दे रहे हैं और एक वीडियो में एडीसीपी संदीप लांबा कथित रूप से एक महिला प्रदर्शनकारी को थप्पड़ मारते नजर आते हैं। उन्होंने अदालत से ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की। अदालत ने इस स्तर पर आरोपों पर कोई निष्कर्ष देने से इनकार किया और कहा कि पहले संबंधित पक्षों का जवाब आना जरूरी है।
New Delhi News
मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। साथ ही अदालत ने आदेश दिया कि घटना से जुड़े सभी महत्वपूर्ण रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, वीडियोग्राफी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुरक्षित रखे जाएं। मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर को निर्धारित की गई है।
New Delhi News
याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने कहा कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन पुलिस ने आवश्यकता से अधिक बल प्रयोग किया। अदालत में यह भी आरोप लगाया गया कि कई प्रदर्शनकारी घायल हुए और कुछ पुलिसकर्मी बिना नाम-पट्टिका के कार्रवाई करते दिखाई दिए। याचिकाकर्ताओं ने स्वतंत्र जांच, संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और आवश्यक होने पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
New Delhi News
केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस. वी. राजू ने अदालत में कहा कि याचिकाएं मुख्य रूप से सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो पर आधारित हैं, जिनकी प्रामाणिकता की अभी पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी संज्ञेय अपराध की जानकारी सामने आती है तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का पक्ष है कि प्रदर्शन के दौरान हिंसक स्थिति बनी थी और कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे।
New Delhi News
फिलहाल एडीसीपी संदीप लांबा के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज करने का न्यायालय ने आदेश नहीं दिया है। अदालत ने आरोपों की सत्यता पर कोई राय व्यक्त किए बिना केवल संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है और सभी साक्ष्य सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। आगे की कार्रवाई अदालत में दाखिल जवाब, उपलब्ध वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद ही तय होगी।
New Delhi News
विज्ञापन