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Delhi NCR News : फरीदाबाद के नीमका जेल में एक गंभीर गलती सामने आई है, जिसने कानून व्यवस्था की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां दो कैदियों के नाम और उनके पिता के नाम एक समान होने की वजह से जेल प्रशासन ने गलत व्यक्ति को रिहा कर दिया। भयंकर आरोपों में बंद 27 वर्षीय नितेश पांडे, जो बाल यौन शोषण के केस में जेल में था, उसे छोड़ दिया गया जबकि जमानत पाने वाला दूसरा नितेश अब भी जेल में है।
27 वर्षीय नितेश पांडे को अक्टूबर 2021 में नौ साल के बच्चे के साथ दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और तब से जेल में बंद था। वहीं, दूसरा 24 वर्षीय नितेश, जिस पर कोई उपनाम दर्ज नहीं था, पिछले रविवार को घर में घुसने और मारपीट के मामले में गिरफ्तार हुआ था। फरीदाबाद की अदालत ने सोमवार को इसी दूसरे नितेश को जमानत दे दी थी।
आश्चर्यजनक यह है कि दोनों कैदियों के नामों में अंतर होने के बावजूद और एक के पास उपनाम होने के बाद भी जेल प्रशासन ने बिना कड़ाई से जांच किए 27 वर्षीय आरोपी नितेश पांडे को जेल से बाहर जाने दिया। यह चूक न केवल गंभीर है, बल्कि न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े करती है। जेल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट विक्रम सिंह ने बताया, "हमने सदर थाना में शिकायत दर्ज कराई है कि नितेश पांडे ने अपनी असली पहचान छिपाकर रिहाई प्राप्त की।" वहीं, सदर पुलिस स्टेशन के SHO उमेश कुमार ने कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है और जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा। Delhi NCR News
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