टैक्सी चालकों की समस्याओं को देखते हुए बड़ी राहत दी। उन्होंने कहा कि अहमदाबाद और दिल्ली के कई चालकों से मुलाकात में उन्होंने पाया था कि बिना कारण बताए उनका पैसा काट लिया जाता है। उन्होंने घोषणा की है कि अब हम कमीशन लेने वाले नहीं हैं।

Amit Shah : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को देश के टैक्सी चालकों (सारथियों) के लिए एक नई क्रांति की शुरुआत की। उन्होंने सहकार टैक्सी सेवा ‘भारत टैक्सी’ की आधिकारिक पर कहा कि यह पहल सारथियों की जिंदगी बदल देगी। शाह ने जोर देकर कहा कि इस मॉडल में सारथी केवल चालक नहीं, बल्कि इसके मालिक भी होंगे। समारोह को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि सहकार टैक्सी की यह शुरुआत 500-1000 वाहनों के साथ हो रही है। मुझे पूरा विश्वास है कि तीन साल के अंदर यह कश्मीर से कन्याकुमारी और द्वारका से कामाख्या तक अग्रणी सेवा बन जाएगी। उन्होंने बताया कि यह अमूल जैसे सहकारिता मॉडल पर आधारित है, जहां एक-एक सारथी इसका मालिक है।
बता दें कि शाह ने टैक्सी चालकों की समस्याओं को देखते हुए बड़ी राहत दी। उन्होंने कहा कि अहमदाबाद और दिल्ली के कई चालकों से मुलाकात में उन्होंने पाया था कि बिना कारण बताए उनका पैसा काट लिया जाता है। उन्होंने घोषणा की है कि अब हम कमीशन लेने वाले नहीं हैं। ग्राहक द्वारा किया गया भुगतान सीधे आपके खाते में जाएगा। इससे आपकी समृद्धि बढ़ेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बगैर सुनवाई के किसी भी सारथी का खाता बंद नहीं किया जाएगा।
बता दें कि इस सहकारी संस्था के तहत हर साल दो प्रतिनिधि चुने जाएंगे। तीन साल बाद सेवा द्वारा कमाए गए मुनाफे में से 20 प्रतिशत राशि सहकार में जाएगी। इसके अलावा, गिग वर्कर्स के तौर पर सारथी सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे। शाह ने बताया कि 1.25 करोड़ वर्कर्स ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण करा सकते हैं और उन्हें पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा।
बता दें कि महिला सुरक्षा को लेकर भी व्यवस्था की गई है। शाह ने कहा कि ‘सारथी दीदी’ की संकल्पना से महिलाओं की सुरक्षा होगी। ऐप पर महिला विकल्प चुनने पर ग्राहक के पास महिला सारथी ही आएगी। इसमें दोपहिया, तिपहिया और चारपहिया वाहन शामिल होंगे।
बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री ने बताया कि भारत टैक्सी की शुरुआत से बाजार में बदलाव दिखने लगा है। उन्होंने कहा कि मुझे पता चला है कि एक कंपनी ने 30% कमीशन कम कर दिया है और किसी ने मुफ्त राइड शुरू कर दी है, लेकिन भारत टैक्सी सारथी को मालिक बना रही है। उन्होंने कहा कि ‘स्वामित्व, सुरक्षा, सम्मान और सबका पहिया-सबकी उन्नति’ इसके चार मूल मंत्र हैं। 6 जून, 2025 को स्थापित इस संस्था ने मात्र 8 महीने में ही किसी भी अन्य कंपनी से अधिक रजिस्ट्रेशन हासिल किए हैं। वर्तमान में दिल्ली-एनसीआर में आठ सहायता केंद्र बनाए गए हैं। Amit Shah