रिक्शा लूटकांड का खुलासा, लूटपाट का आरोपी 'चमन' गिरफ्तार

तलाश के दौरान पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली कि लूट में शामिल एक आरोपी रामस्वरूप विद्यार्थी मार्ग पर स्थित एक सीएनजी पंप के पास खड़ा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी और आरोपी को धर दबोचा।

Rickshaw robbery case solved
दिल्ली पुलिस की सक्रियता (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar05 Feb 2026 07:12 PM
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Delhi Crime : दिल्ली पुलिस ने एक रिक्शा चालक के साथ हुई सनसनीखेज लूट का पर्दाफाश करते हुए शातिर लुटेरे चमन को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया है कि नशे की लत पूरी करने के लिए उसने यह वारदात को अंजाम दिया था।

घटना का विवरण

बता दें कि पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह मामला 3 फरवरी 2026 का है। पीड़ित रिक्शा चालक रात के समय पहाड़गंज से अपना काम निपटाकर वापस लौट रहा था। जैसे ही वह रोहतक रोड स्थित एक जूस की दुकान के पास पहुंचा, तीन युवकों ने उसका रास्ता रोक लिया। आरोपियों ने बहुत ही शातिर तरीके से वारदात को अंजाम दिया। एक आरोपी ने रिक्शा चालक को धक्का देकर गिरा दिया, जबकि दो अन्य ने उसके हाथ-पैर पकड़ लिए। इसके बाद तीसरे आरोपी ने जबरन उसकी पैंट की जेब से ओप्पो (Oppo) कंपनी का मोबाइल फोन निकाल लिया और तीनों फरार हो गए। पीड़ित की शिकायत पर आनंद पर्वत थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी

बता दें कि वारदात की गंभीरता को देखते हुए एसीपी पटेल नगर और आनंद पर्वत थाने के एसएचओ के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच के साथ-साथ अपने मुखबिरों को भी सक्रिय कर दिया। तलाश के दौरान पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली कि लूट में शामिल एक आरोपी रामस्वरूप विद्यार्थी मार्ग पर स्थित एक सीएनजी पंप के पास खड़ा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी और आरोपी को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपी की पहचान चमन (22 वर्ष) के रूप में हुई है, जो आनंद पर्वत की पंजाबी बस्ती का रहने वाला है। तलाशी लेने पर उसके पास से रिक्शा चालक का लूटा हुआ मोबाइल फोन बरामद हो गया।

नशे की लत और आपराधिक इतिहास

बता दें कि प्रारंभिक पूछताछ में चमन ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने बताया कि शीघ्र पैसे कमाने और अपनी नशे की लत पूरी करने के लिए वह चोरी, झपटमारी और लूट जैसी वारदातों को अंजाम देता है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब चमन पुलिस की पकड़ में आया है। इससे पहले वर्ष 2025 में भी उसे आनंद पर्वत थाने में आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार किया जा चुका है। वर्तमान में पुलिस चमन के अन्य दो साथियों की तलाश में जुटी हुई है, जो अभी फरार चल रहे हैं। पुलिस ने शीघ्र ही उन्हें भी गिरफ्तार करने का दावा किया है। Delhi Crime

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संसद में हंगामा: सुरक्षा विवाद के बीच पीएम मोदी का भाषण रद्द

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में इस बात की जानकारी दी कि आखिर प्रधानमंत्री का भाषण और उनकी उपस्थिति क्यों नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि उन्हें सूचना मिली थी कि हंगामे के दौरान विपक्ष के कई सांसद प्रधानमंत्री की सीट तक पहुंच सकते हैं, जिससे कोई अप्रत्याशित घटना घट सकती थी।

PMs speech
PM के भाषण को लेकर राजनीति तेज (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar05 Feb 2026 05:10 PM
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Sansad Hangaama : संसद के बजट सत्र में विपक्ष के जोरदार हंगामे के चलते गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही फिर बुरी तरह प्रभावित हुई। विपक्षी सदस्यों के नारेबाजी और वेल में पहुंचने के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिभाषण नहीं हो सका और अंत में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पीएम के भाषण के बिना ही ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इस घटनाक्रम पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं।

'अप्रत्याशित घटना की आशंका, इसलिए रोका पीएम को आने से'

बता दें कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में इस बात की जानकारी दी कि आखिर प्रधानमंत्री का भाषण और उनकी उपस्थिति क्यों नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि उन्हें सूचना मिली थी कि हंगामे के दौरान विपक्ष के कई सांसद प्रधानमंत्री की सीट तक पहुंच सकते हैं, जिससे कोई अप्रत्याशित घटना घट सकती थी।स्पीकर ने कहा कि मैंने पीएम से सदन में नहीं आने का आग्रह किया था। पीएम ने मेरे आग्रह को माना। मैं प्रधानमंत्री का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने मेरे आग्रह को स्वीकार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सांसदों का पीएम की सीट तक पहुंचना संसद की गरिमा के खिलाफ था, इसीलिए सुरक्षा को देखते हुए यह कदम उठाना पड़ा।

प्रियंका गांधी का पलटवार- 'तीन महिलाओं के सामने हिम्मत नहीं'

बता दें कि वहीं, लोकसभा अध्यक्ष के इस बयान पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रधानमंत्री पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री स्पीकर के पीछे छिप रहे हैं। कल उनमें सदन में आने की हिम्मत नहीं थी, क्योंकि तीन महिलाएं बेंच के सामने खड़ी थीं। यह क्या बकवास है? प्रियंका ने सरकार पर आरोप लगाया कि उसकी मंशा चर्चा कराने की नहीं है, इसीलिए सदन में कोई सार्थक बहस नहीं हो पा रही है।

शब्द संग्राम जारी, सदन स्थगित

बता दें कि गुरुवार को लगातार चौथे दिन संसद के दोनों सदनों में शब्द संग्राम देखने को मिला। विपक्ष के हंगामे के बीच पीएम मोदी सदन में मौजूद भी रहे, लेकिन बातचीत का माहौल नहीं बन पाया। अंत में सत्ता पक्ष ने आखिरी समय में रणनीति बनाते हुए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा समाप्त कराकर उसे ध्वनिमत से पारित करा दिया। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। Sansad Hangaama

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दिल्ली-NCR में बंद होगी पेट्रोल-डीजल कारें, फ्यूचर प्लान तैयार

प्रस्ताव के मुताबिक BS-I, BS-II और BS-III वाहनों को बिना देरी हटाने की दिशा में कदम उठाने होंगे, जबकि BS-IV वाहनों को अगले पांच वर्षों में चरणबद्ध तरीके से बाहर करने की सिफारिश है।

दिल्ली-NCR में EV युग की तैयारी
दिल्ली-NCR में EV युग की तैयारी
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar05 Feb 2026 01:42 PM
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Delhi News : दिल्ली-NCR में रहने वाले पेट्रोल और डीजल वाहन मालिकों के लिए बड़ी खबर है। बढ़ते प्रदूषण और हवा की बिगड़ती गुणवत्ता को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) की ओर से गठित एक्सपर्ट पैनल ने एक ड्राफ्ट रोडमैप तैयार किया है। इस प्रस्ताव का मकसद आने वाले वर्षों में पेट्रोल-डीजल वाहनों को चरणबद्ध तरीके से कम करना और क्षेत्र को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की तरफ तेजी से ले जाना है। ड्राफ्ट में अलग-अलग श्रेणी के वाहनों के लिए संभावित समय-सीमा भी सुझाई गई है।

BS-IV और BS-VI वाहनों का क्या होगा?

आईआईटी मद्रास के प्रो. अशोक झुनझुनवाला की अगुवाई वाले एक्सपर्ट पैनल ने ड्राफ्ट रोडमैप में साफ संकेत दिए हैं कि अब पुराने उत्सर्जन मानकों वाली गाड़ियों के लिए दिल्ली-NCR की सड़कों पर स्पेस लगातार घटने वाली है। प्रस्ताव के मुताबिक BS-I, BS-II और BS-III वाहनों को बिना देरी हटाने की दिशा में कदम उठाने होंगे, जबकि BS-IV वाहनों को अगले पांच वर्षों में चरणबद्ध तरीके से बाहर करने की सिफारिश है। इसी कड़ी में BS-VI दोपहिया वाहनों को 2035 तक और BS-VI कारों को 2040 तक फेज-आउट करने का लक्ष्य सुझाया गया है।

2030 के बाद नई पेट्रोल-डीजल कार का रजिस्ट्रेशन नहीं?

ड्राफ्ट का सबसे बड़ा असर उन उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है जो आने वाले वर्षों में नई कार खरीदने की तैयारी में हैं। प्रस्ताव में सिफारिश की गई है कि अप्रैल 2030 के बाद दिल्ली-NCR में नई कारों का रजिस्ट्रेशन केवल इलेक्ट्रिक वाहनों तक सीमित कर दिया जाए। अगर यह रोडमैप लागू होता है, तो नई पेट्रोल-डीजल कार खरीदने के विकल्प लगभग समाप्त हो सकते हैं। कमर्शियल सेगमेंट को लेकर ड्राफ्ट और भी सख्त नजर आता है। सुझाव है कि अप्रैल 2027 से नई टैक्सियां, और व्यावसायिक उपयोग वाले नए दोपहिया वाहन को इलेक्ट्रिक (Zero Tailpipe Emission - ZTE) बनाना अनिवार्य करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।

सख्ती की असल वजह समझिए

पैनल ने इस सख्ती के पीछे स्वास्थ्य संबंधी गंभीर कारण बताए हैं। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि AQI 250 से ऊपर जाने पर प्रदूषित हवा का असर बेहद खतरनाक हो जाता है यहां तक कि नवजात शिशु के लिए दिनभर में 10 से 15 सिगरेट जितने धुएं के बराबर प्रदूषण सांस के जरिए अंदर जाने जैसी बात कही गई है। साथ ही, नेब्युलाइजर और इनहेलर की बढ़ती मांग को भी चेतावनी के संकेत के तौर पर देखा गया है। इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए पैनल ने राइट टू चार्ज का कानूनी ढांचा तैयार करने की सिफारिश की है, ताकि घरों और दफ्तरों में चार्जिंग सुविधा सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा, PUC व्यवस्था को और सख्त करने के लिए सड़कों पर चलते वाहनों की रिमोट सेंसिंग डिवाइस से जांच करने का प्रस्ताव भी शामिल है। Delhi News

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