दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा सुधार की मांग को लेकर आमरण अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करा दिया।

Delhi News : दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा सुधार की मांग को लेकर आमरण अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करा दिया। डॉक्टरों की सलाह और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के बीच उन्हें अस्पताल ले जाया गया। वांगचुक के अस्पताल पहुंचने के बाद आंदोलन को जारी रखने की जिम्मेदारी कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने संभालते हुए अनशन पर बैठने का ऐलान किया। इसी बीच आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने लोगों से बड़ी अपील की। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए नागरिकों से जंतर-मंतर पहुंचकर आंदोलन का समर्थन करने का आग्रह किया और कहा कि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य की है। Delhi News
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हाल के वर्षों में परीक्षा प्रणाली पर लगातार सवाल उठे हैं। नीट पेपर लीक और मूल्यांकन प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों ने लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक अपने निजी हित के लिए नहीं, बल्कि देश के छात्रों के बेहतर भविष्य के लिए अनशन पर बैठे हैं। उन्होंने लोगों से सवाल करते हुए कहा कि जब परीक्षा में गड़बड़ी होती है तो हर कोई व्यवस्था पर नाराजगी जताता है, लेकिन जब उसी व्यवस्था को सुधारने की लड़ाई लड़ी जा रही है तो समाज को भी आगे आना चाहिए। केजरीवाल ने लोगों से अपील की कि यदि वे शिक्षा व्यवस्था में बदलाव चाहते हैं तो उन्हें आंदोलन का हिस्सा बनना होगा। Delhi News
इससे पहले किए गए एक अन्य बयान में अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सोनम वांगचुक को जबरन अस्पताल भेजने के बजाय सरकार को उनसे संवाद करना चाहिए था। उनका कहना था कि किसी आंदोलन को दबाने के बजाय शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में सुधार पर ध्यान दिया जाना चाहिए। Delhi News
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने भी इस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यदि परीक्षा में गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाने वालों के साथ सख्ती की जाएगी, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ होगा। उन्होंने इसे व्यवस्था की कमजोरी बताया।
वहीं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने दावा किया कि 21 दिनों तक अनशन के बावजूद केंद्र सरकार का कोई प्रतिनिधि सोनम वांगचुक से बातचीत करने नहीं पहुंचा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस ने बल प्रयोग किया और आंदोलन को दबाने की कोशिश की गई। Delhi News
दिल्ली पुलिस ने पूरे घटनाक्रम पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह और दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में सोनम वांगचुक को आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध कराने के लिए सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। पुलिस का कहना है कि यह कदम केवल उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया गया। Delhi News
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