न CM, न MP फिर भी केजरीवाल को मिला VIP बंगला! जानें क्यों?
भारत
चेतना मंच
07 Oct 2025 10:33 AM
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को आखिरकार राजधानी दिल्ली के लोधी एस्टेट में टाइप-VII श्रेणी का सरकारी बंगला आवंटित कर दिया गया है। यह आवंटन हाईकोर्ट की सख्ती और लगभग एक साल की लंबी प्रतीक्षा के बाद हुआ है। अब अरविंद केजरीवाल का नया पता 95, लोधी एस्टेट होगा। Arvind Kejriwal New Bungalow
दिल्ली हाईकोर्ट की तीखी टिप्पणी और केंद्र सरकार को स्पष्ट नीति के तहत काम करने की हिदायत के बाद सोमवार को यह बंगला आवंटित किया गया। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, यह बंगला बतौर राष्ट्रीय पार्टी के संयोजक के तौर पर केजरीवाल के हक में दिया गया है।
क्यों मिला केजरीवाल को यह बंगला?
दरअसल, केंद्र की जुलाई 2014 की आवास नीति के अनुसार, देश की मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय पार्टियों के अध्यक्षों या संयोजकों को दिल्ली में सरकारी आवास का प्रावधान है। हालांकि, नीति में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि किस प्रकार का बंगला मिलेगा। केजरीवाल के वकील, वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा ने हाईकोर्ट में दलील दी थी कि पहले भी राष्ट्रीय दलों के प्रमुखों को टाइप-VII श्रेणी के बंगले मिलते रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नीति में पारदर्शिता होनी चाहिए भले ही वह बीजेपी या बीएसपी की बात हो। उनका इशारा बीएसपी सुप्रीमो मायावती की ओर था जिन्हें पहले लोधी एस्टेट का बंगला आवंटित किया गया था।
हाईकोर्ट ने केंद्र को लगाई फटकार
दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले में देरी को लेकर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। 16 सितंबर को जस्टिस सचिन दत्ता ने कहा, "आवंटन किसी की मनमानी पर नहीं हो सकता यह एक पारदर्शी और स्पष्ट नीति पर आधारित होना चाहिए।" कोर्ट ने केंद्र से मौजूदा वेटिंग लिस्ट, नीति और हालिया आवंटनों की जानकारी हलफनामे के रूप में मांगी थी। 18 सितंबर की सुनवाई में खुलासा हुआ कि AAP की ओर से सुझाया गया 35, लोधी एस्टेट पहले ही जुलाई में केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी को आवंटित किया जा चुका था। कोर्ट ने इसे “चयनात्मक प्रणाली” करार दिया और चेताया कि इस तरह का रवैया स्वीकार नहीं किया जा सकता। 25 सितंबर को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को आश्वासन दिया कि 10 दिनों के भीतर केजरीवाल को “उचित” आवास दे दिया जाएगा और अब यह वादा पूरा हो चुका है।
क्या था पृष्ठभूमि में?
सितंबर 2024 में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद, अरविंद केजरीवाल ने 6 फ्लैगस्टाफ रोड स्थित आधिकारिक आवास खाली कर दिया था। तब से वह AAP के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के सरकारी आवास में अस्थायी रूप से रह रहे थे। फ्लैगस्टाफ रोड स्थित पुराने बंगले के नवीनीकरण को लेकर भाजपा ने "शीश महल" का आरोप लगाकर आप पर निशाना साधा था।
राजनीतिक बवाल और नई बहस
इस आवंटन को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। जहां AAP ने इसे न्याय की जीत करार दिया, वहीं विपक्ष ने इसे केंद्र की राजनीतिक दुर्भावना का उदाहरण बताया। भाजपा ने एक बार फिर आप की विलासिता पर सवाल उठाए हैं। लोधी एस्टेट दिल्ली का एक उच्च-वर्गीय और सुरक्षित इलाका है, जहां सिर्फ विशिष्ट श्रेणी के नेताओं और अधिकारियों को आवास मिलते हैं। टाइप-VII श्रेणी के बंगले बड़े, भव्य और अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त होते हैं।
यह पूरा घटनाक्रम न सिर्फ अरविंद केजरीवाल के लिए एक बड़ा राहत भरा फैसला है बल्कि राष्ट्रीय दलों के नेताओं के लिए आवास नीति में सुधार की बहस को भी नई हवा दे गया है। Arvind Kejriwal New Bungalow