नितिन नबीन ने भरा नामांकन, भाजपा में ‘युवा’ टीम की तैयारी
नई टीम में युवाओं को खास तवज्जो दी जाएगी। प्रस्तावित पदाधिकारियों में अधिकांश की उम्र 55 वर्ष से कम हो सकती है। राज्यों से नए और सक्रिय चेहरों को राष्ट्रीय स्तर पर अहम जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी, ताकि संगठन को नई ऊर्जा दी जा सके।

भाजपा आने वाले राजनीतिक दौर से पहले संगठन और सरकार—दोनों स्तरों पर खुद को नए सिरे से मजबूत करने की तैयारी में जुट गई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, नितिन नबीन के भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की प्रक्रिया शुरू होने और मोदी 3.0 सरकार के दो साल पूरे होने से पहले बड़े बदलावों की रूपरेखा तैयार की जा रही है। इसी कड़ी में नितिन नबीन ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भर दिया है।
संगठन में नई पीढ़ी को आगे लाने की तैयारी
बता दें कि पार्टी सूत्रों का कहना है कि भाजपा की राष्ट्रीय संगठन टीम का जल्द ही पुनर्गठन किया जाएगा। इस नई टीम में युवाओं को खास तवज्जो दी जाएगी। प्रस्तावित पदाधिकारियों में अधिकांश की उम्र 55 वर्ष से कम हो सकती है। राज्यों से नए और सक्रिय चेहरों को राष्ट्रीय स्तर पर अहम जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी, ताकि संगठन को नई ऊर्जा दी जा सके।
2029 लोकसभा चुनाव पर फोकस
बता दें कि यह पूरी कवायद 2029 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर की जा रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी का उद्देश्य संगठनात्मक मजबूती, कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी और राजनीतिक संदेश को अधिक स्पष्ट व प्रभावी बनाना है। नई टीम में ऐसे नेताओं को प्राथमिकता मिलेगी जिनकी पृष्ठभूमि संघ से जुड़ी रही हो और जो पार्टी की विचारधारा के प्रति प्रतिबद्ध हों। हालांकि, जरूरत के मुताबिक कुछ नए चेहरे बाहर से भी शामिल किए जा सकते हैं।
मंत्रिपरिषद के कामकाज की समीक्षा
सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार में मंत्रियों के कामकाज और विभागीय जिम्मेदारियों की भी समीक्षा चल रही है। मौजूदा मंत्रिपरिषद में 2021 के बाद से बड़े बदलाव नहीं हुए हैं। कई मंत्री एक से अधिक विभाग संभाल रहे हैं, जबकि कुछ नेता अपने राजनीतिक करियर के अंतिम चरण में माने जा रहे हैं। नई संगठन टीम के गठन के बाद मंत्रिपरिषद में फेरबदल की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं।
भाजपा शासित राज्यों में भी बदलाव के संकेत
भाजपा शासित राज्यों में भी परिस्थितियों के अनुसार बदलाव पर विचार किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में सामाजिक संतुलन को लेकर मंथन जारी है, जहां किसी दलित नेता को बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा है। बिहार और राजस्थान में कैबिनेट विस्तार या फेरबदल पर विचार हो रहा है, जबकि मणिपुर में सरकार गठन को अंतिम रूप देने की कोशिशें तेज हैं।
राज्यसभा सीटों पर पार्टी की रणनीति
आने वाले एक साल में राज्यसभा की 70 से अधिक सीटें रिक्त होने वाली हैं, जिनमें से लगभग 30 भाजपा सांसद सेवानिवृत्त होंगे। पार्टी को उम्मीद है कि वह कम से कम 33 सीटों पर जीत हासिल कर सकती है। उम्मीदवारों के चयन में संगठन की जरूरत, प्रशासनिक अनुभव और सामाजिक समीकरणों को अहम आधार बनाया जाएगा।
भाजपा आने वाले राजनीतिक दौर से पहले संगठन और सरकार—दोनों स्तरों पर खुद को नए सिरे से मजबूत करने की तैयारी में जुट गई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, नितिन नबीन के भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की प्रक्रिया शुरू होने और मोदी 3.0 सरकार के दो साल पूरे होने से पहले बड़े बदलावों की रूपरेखा तैयार की जा रही है। इसी कड़ी में नितिन नबीन ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भर दिया है।
संगठन में नई पीढ़ी को आगे लाने की तैयारी
बता दें कि पार्टी सूत्रों का कहना है कि भाजपा की राष्ट्रीय संगठन टीम का जल्द ही पुनर्गठन किया जाएगा। इस नई टीम में युवाओं को खास तवज्जो दी जाएगी। प्रस्तावित पदाधिकारियों में अधिकांश की उम्र 55 वर्ष से कम हो सकती है। राज्यों से नए और सक्रिय चेहरों को राष्ट्रीय स्तर पर अहम जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी, ताकि संगठन को नई ऊर्जा दी जा सके।
2029 लोकसभा चुनाव पर फोकस
बता दें कि यह पूरी कवायद 2029 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर की जा रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी का उद्देश्य संगठनात्मक मजबूती, कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी और राजनीतिक संदेश को अधिक स्पष्ट व प्रभावी बनाना है। नई टीम में ऐसे नेताओं को प्राथमिकता मिलेगी जिनकी पृष्ठभूमि संघ से जुड़ी रही हो और जो पार्टी की विचारधारा के प्रति प्रतिबद्ध हों। हालांकि, जरूरत के मुताबिक कुछ नए चेहरे बाहर से भी शामिल किए जा सकते हैं।
मंत्रिपरिषद के कामकाज की समीक्षा
सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार में मंत्रियों के कामकाज और विभागीय जिम्मेदारियों की भी समीक्षा चल रही है। मौजूदा मंत्रिपरिषद में 2021 के बाद से बड़े बदलाव नहीं हुए हैं। कई मंत्री एक से अधिक विभाग संभाल रहे हैं, जबकि कुछ नेता अपने राजनीतिक करियर के अंतिम चरण में माने जा रहे हैं। नई संगठन टीम के गठन के बाद मंत्रिपरिषद में फेरबदल की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं।
भाजपा शासित राज्यों में भी बदलाव के संकेत
भाजपा शासित राज्यों में भी परिस्थितियों के अनुसार बदलाव पर विचार किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में सामाजिक संतुलन को लेकर मंथन जारी है, जहां किसी दलित नेता को बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा है। बिहार और राजस्थान में कैबिनेट विस्तार या फेरबदल पर विचार हो रहा है, जबकि मणिपुर में सरकार गठन को अंतिम रूप देने की कोशिशें तेज हैं।
राज्यसभा सीटों पर पार्टी की रणनीति
आने वाले एक साल में राज्यसभा की 70 से अधिक सीटें रिक्त होने वाली हैं, जिनमें से लगभग 30 भाजपा सांसद सेवानिवृत्त होंगे। पार्टी को उम्मीद है कि वह कम से कम 33 सीटों पर जीत हासिल कर सकती है। उम्मीदवारों के चयन में संगठन की जरूरत, प्रशासनिक अनुभव और सामाजिक समीकरणों को अहम आधार बनाया जाएगा।












