बाटला हाउस एनकाउंट: आतंकी आरिज की फांसी की सजा उम्रक़ैद में बदली, दिल्ली हाईकोर्ट ने लिया निर्णय
बाटला हाउस एनकाउंट
दिल्ली
RP Raghuvanshi
30 Nov 2025 09:44 AM
दिल्ली
RP Raghuvanshi
30 Nov 2025 09:44 AM
बाटला हाउस एनकाउंट: दिल्ली हाईकोर्ट ने बाटला हाउस एनकाउंट केस में दोषी आरिज खान को दोषी माना है, लेकिन उसकी मौत की सजा को उम्रकैद में बदल दिया है। बाटला हाउस मुठभेड़ में दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा शहीद हो गए थे।
बाटला हाउस एनकाउंट 2008 में दिल्ली के ओखला इलाके में हुआ था। जिसमें पुलिस ने आतंकवादियों को मार गिराया था, लेकिन उसके एक इंस्पेक्टर एमसी शर्मा को भी इस हमले के दौरान शहादत देनी पड़ी थी। बाटला हाउस एनकाउंट
2008 में हुआ था चर्चित बाटला हाउस एनकाउंट
2008 में दिल्ली में सिलसिलेवार बम विस्फोट हुए थे। इन सिलसिलेवार बम विस्फोटों में 39 लोग मारे गए थे, जबकि 159 घायल हुए थे। इसके कुछ दिन बाद मोहन चंद शर्मा ने विस्फोटों के लिए जिम्मेदार आतंकवादियों की तलाश में ओखला के बाटला हाउस पर छापा मारा था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की बाटला हाउस में आरोपी आतंकियों से मुठभेड़ हुई थी और इसमें इंस्पेक्टर एमसी शर्मा 19 सितंबर 2008 को शहीद हो गए थे।
बाटला हाउस एनकाउंट
इस घटना में आतंकियों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी थी, जिसमें इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा की जान चली गई थी, जबकि पुलिसकर्मी बलवंत सिंह-राजवीर पर भी जानलेवा हमला किया गया। इसके बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आतंकी आतिफ आमीन और मोहम्मद साजिद मारे गए थे, जबकि एक आरोपी शहजाद अहमद को गिरफ्तार किया गया था।
बाद में आरोपी शहजाद अहमद को 2013 में सजा हुई थी। वहीं इस मुठभेड़ के दौरान आतंकी आरिज भाग निकला था, बाद में जिसे साल 2018 में नेपाल से गिरफ्तार किया गया था।
बाटला हाउस एनकाउंट: निचली अदालत से मिली थी फांसी की सजा
निचली अदालत ने 15 मार्च 2021 को आरिज खान को मृत्युदंड की सजा देते हुए, उस पर 11 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था। फैसले के बाद निचली अदालत ने हाई कोर्ट को मौत की सजा की पुष्टि के लिए भेज दिया था। दिल्ली हाईकोर्ट ने इस पर लंबी सुनवाई और सभी पक्षों की दलील सुनने के बाद बीते 18 अगस्त को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
दिल्ली पुलिस ने अदालत के समक्ष आरिज खान की सामाजिक व्यवहार जांच रिपोर्ट और मनोवैज्ञानिक विश्लेषण रिपोर्ट पेश करते हुए बताया कि जेल में उसका आचरण असंतोषजनक है। आज, इस मामले पर फैसला सुनते हुए जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल और जस्टिस अमित शर्मा की बेंच ने आरिज खान दोषी ठहराया और उसकी सजा को बरकरार रखा, हालांकि उन्होंने मौत की सजा को उम्रकैद में बदल दिया।
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