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दिल्ली-सिलीगुड़ी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर को मिली मंजूरी, लखनऊ, वाराणसी और पटना होंगे प्रमुख स्टॉपेज; पर्यटन, व्यापार और रोजगार को मिलेगा नया बल

New Delhi News : देश में हाई स्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने दिल्ली से सिलीगुड़ी के बीच दूसरी बुलेट ट्रेन परियोजना का खाका तैयार कर लिया है। इस महत्वाकांक्षी कॉरिडोर का सबसे बड़ा लाभ उत्तर प्रदेश और बिहार को मिलने वाला है, क्योंकि ट्रेन का ठहराव लखनऊ, वाराणसी और पटना जैसे प्रमुख शहरों में प्रस्तावित है।
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केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, इस बुलेट ट्रेन के संचालन के बाद दिल्ली से वाराणसी की दूरी महज दो घंटे में तय की जा सकेगी। वर्तमान में इस यात्रा में सामान्य ट्रेनों से 8 से 10 घंटे तक का समय लगता है। वहीं दिल्ली से सिलीगुड़ी का सफर भी घटकर करीब छह घंटे का रह जाएगा, जो अभी 20 घंटे से अधिक का समय लेता है।
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रेल मंत्री ने बताया कि दिल्ली-सिलीगुड़ी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर केवल पश्चिम बंगाल या पूर्वोत्तर भारत के लिए ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश और बिहार के लाखों यात्रियों के लिए भी गेम चेंजर साबित होगा। तेज और आधुनिक परिवहन व्यवस्था से व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और विभिन्न शहरों के बीच आर्थिक संपर्क मजबूत होगा। फिलहाल देश की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर पर तेजी से काम चल रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले वर्ष इसकी शुरूआत हो सकती है। इसके बाद दिल्ली-सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर निर्माण कार्य को गति दी जाएगी।
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विशेषज्ञों का मानना है कि लखनऊ, वाराणसी और पटना जैसे शहरों के इस परियोजना से जुड़ने से धार्मिक पर्यटन, औद्योगिक निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। खासकर वाराणसी और लखनऊ जैसे शहरों में आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। यदि यह परियोजना तय समय पर पूरी होती है तो उत्तर भारत में यात्रा का स्वरूप पूरी तरह बदल सकता है। दिल्ली, यूपी, बिहार और पश्चिम बंगाल के बीच आवागमन पहले से कहीं अधिक तेज, सुविधाजनक और आधुनिक हो जाएगा।
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