स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में दिल्ली सरकार एक नई पहल करने जा रही है। राजधानी में पहली बार दिल्ली सचिवालय परिसर में 'सोलर ट्री' लगाया जाएगा।

Delhi News : स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में दिल्ली सरकार एक नई पहल करने जा रही है। राजधानी में पहली बार दिल्ली सचिवालय परिसर में 'सोलर ट्री' लगाया जाएगा। सरकार का मानना है कि यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है तो भविष्य में इसे शहर के अन्य सरकारी परिसरों, सार्वजनिक स्थानों और प्रमुख इलाकों तक भी विस्तारित किया जा सकता है। इस पहल का उद्देश्य सीमित जगह में अधिकतम सौर ऊर्जा का उत्पादन कर हरित ऊर्जा को बढ़ावा देना है।
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सोलर ट्री एक विशेष प्रकार की सौर ऊर्जा प्रणाली है, जिसमें फोटोवोल्टिक पैनलों को पेड़ जैसी संरचना पर लगाया जाता है। इसके बीच में एक मजबूत धातु का स्तंभ होता है, जबकि उसकी शाखाओं की तरह अलग-अलग कोणों पर सोलर पैनल लगाए जाते हैं। इस डिजाइन का उद्देश्य कम जगह में अधिक धूप प्राप्त करना और बिजली उत्पादन की क्षमता बढ़ाना है। सोलर ट्री पर लगे पीवी पैनल सूर्य की रोशनी को अवशोषित कर उसे बिजली में बदलते हैं। यह बिजली आवश्यकता के अनुसार सीधे उपयोग की जा सकती है या फिर आधार (बेस) में लगी बैटरी में संग्रहित की जा सकती है। कई आधुनिक सोलर ट्री में ऐसे सिस्टम भी लगाए जाते हैं जो दिनभर सूर्य की दिशा के अनुसार पैनलों का कोण बदलते रहते हैं, जिससे अधिक ऊर्जा उत्पादन संभव हो पाता है।
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सामान्य सोलर पैनल लगाने के लिए छत या जमीन पर बड़े क्षेत्र की जरूरत होती है। इसके विपरीत सोलर ट्री ऊर्ध्वाधर (वर्टिकल) डिजाइन पर आधारित होता है, इसलिए यह बहुत कम जमीन घेरता है। यही वजह है कि घनी आबादी वाले शहरों में इसे अधिक उपयोगी विकल्प माना जा रहा है। सोलर ट्री का सबसे बड़ा लाभ यह है कि कम जगह में अधिक सौर पैनल लगाए जा सकते हैं। इसके अलावा यह सार्वजनिक स्थानों की सुंदरता भी बढ़ाता है। उन्नत मॉडलों में सन-ट्रैकिंग तकनीक के कारण पूरे दिन अधिक धूप मिलती है, जिससे बिजली उत्पादन बढ़ जाता है। ऐसे सिस्टम भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग, स्ट्रीट लाइट और सार्वजनिक सुविधाओं के लिए भी उपयोगी हो सकते हैं।
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सरकारी अधिकारियों के अनुसार राजधानी का पहला सोलर ट्री दिल्ली सचिवालय में स्थापित किया जाएगा, जहां मुख्यमंत्री, मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी बैठते हैं। यदि यह परियोजना सफल रहती है तो इसे शहर के अन्य प्रमुख सरकारी परिसरों और सार्वजनिक स्थानों पर भी लगाने की योजना है। सरकार का उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के नए मॉडल विकसित करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि सोलर ट्री जैसे नवाचार भविष्य के स्मार्ट शहरों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। सीमित भूमि वाले महानगरों में यह तकनीक न केवल बिजली उत्पादन बढ़ाएगी, बल्कि कार्बन उत्सर्जन कम करने और नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभा सकती है।
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