ड्रेनेज सुधार के लिए दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता का एक्शन प्लान
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि ड्रेनेज मास्टर प्लान राजधानी के तेजी से बढ़ते शहरीकरण, जलवायु परिवर्तन और जनसंख्या दबाव को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य वर्षा जल को सुरक्षित और तेजी से यमुना तक पहुंचाना और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करना है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने राजधानी को जलभराव की समस्या से स्थायी राहत दिलाने की दिशा में बड़ा और दूरगामी कदम उठाया है। दिल्ली को आधुनिक, वैश्विक और विकसित राजधानी बनाने के लक्ष्य के तहत सरकार ने ड्रेनेज मास्टर प्लान के अंतर्गत चार प्रमुख ट्रंक ड्रेनों के निर्माण और विस्तार कार्य को तेज कर दिया है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद हर साल मॉनसून में होने वाली जलभराव की समस्या से दिल्ली के बड़े हिस्से को राहत मिलने की उम्मीद है।
ड्रेनेज मास्टर प्लान पर फोकस
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली में 1970 के दशक में ड्रेनेज मास्टर प्लान बनाया गया था, लेकिन बढ़ती आबादी, तेज शहरीकरण और निर्माण गतिविधियों के बावजूद उसमें अपेक्षित बदलाव नहीं हो पाए। इसके कारण जलनिकासी व्यवस्था कमजोर होती चली गई। अब सरकार ने राजधानी की भौगोलिक स्थिति, जनसंख्या दबाव और जलभराव के कारणों को ध्यान में रखते हुए ड्रेनेज सिस्टम में व्यापक सुधार शुरू किया है।
जलभराव वाले इलाकों को प्राथमिकता
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि किसी भी महानगर की पहचान उसकी मजबूत और वैज्ञानिक जल-निकासी व्यवस्था से होती है। इसी सोच के साथ दिल्ली सरकार ने उन इलाकों को प्राथमिकता दी है, जहां वर्षों से जलभराव, ओवरलोडेड सीवर लाइनों और खराब ड्रेनेज के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता रहा है।
किराड़ी–मुंडका में बनेगा नया ट्रंक ड्रेन
पश्चिमी दिल्ली के किराड़ी, मुंडका, बवाना और नांगलोई विधानसभा क्षेत्रों में जलभराव की समस्या को खत्म करने के लिए रेलवे लाइन के समानांतर 4.5 किलोमीटर लंबे ट्रंक ड्रेन के निर्माण का प्रस्ताव है। यह ड्रेन मुंडका हॉल्ट स्टेशन से शुरू होकर सप्लीमेंट्री ड्रेन में मिलेगा। इसकी खासियत यह है कि रास्ते में आने वाले सभी सेकेंडरी ड्रेनों का पानी इसमें समाहित किया जाएगा। रेलवे भूमि में निर्माण के लिए रेलवे के साथ एमओयू साइन हो चुका है। प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति मिलते ही इसे 15 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
दक्षिण दिल्ली की जल-निकासी का होगा पुनर्गठन
लाडो सराय टी-पॉइंट से पुल प्रह्लादपुर तक लंबे समय से जलभराव की समस्या बनी हुई है। इसे देखते हुए एमबी रोड स्टॉर्म वॉटर ड्रेन परियोजना को ड्रेनेज मास्टर प्लान में शामिल किया गया है। यह परियोजना पीडब्ल्यूडी द्वारा क्रियान्वित की जा रही है। इसके तहत पुराने और क्षतिग्रस्त ड्रेनों को बदला जाएगा। साथ ही करीब 500 पेड़ों के ट्रांसप्लांटेशन, फुटपाथ निर्माण और बिजली-पानी की यूटिलिटी शिफ्टिंग का भी प्रावधान है।
उत्तर-पश्चिम दिल्ली को मिलेगी राहत
किराड़ी से रिठाला (रोहिणी) तक 7,200 मीटर लंबे ट्रंक ड्रेन का निर्माण उत्तर-पश्चिम दिल्ली की पुरानी समस्या का समाधान करेगा। इस परियोजना का लगभग 600 मीटर काम पूरा हो चुका है। शेष कार्य पेड़ों की कटाई की अनुमति में देरी के कारण रुका था, जिसे अब सुलझा लिया गया है।
रोहतक रोड पर युद्ध स्तर पर काम
रोहतक रोड (एनएच-10) पर जलभराव की समस्या को खत्म करने के लिए स्टॉर्म वॉटर ड्रेन के निर्माण और सुधार का काम तेजी से किया जा रहा है। यह परियोजना नांगलोई रेलवे मेट्रो स्टेशन से टीकरी बॉर्डर तक दोनों ओर ड्रेनों के निर्माण और सुधार से जुड़ी है।
जलवायु परिवर्तन और जनसंख्या दबाव पर रेखा गुप्ता बताया
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि ड्रेनेज मास्टर प्लान राजधानी के तेजी से बढ़ते शहरीकरण, जलवायु परिवर्तन और जनसंख्या दबाव को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य वर्षा जल को सुरक्षित और तेजी से यमुना तक पहुंचाना और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करना है। उन्होंने भरोसा जताया कि इन चारों परियोजनाओं के पूरा होने के बाद दिल्ली को हर मॉनसून में होने वाली जलभराव की समस्या से बड़ी हद तक स्थायी राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने राजधानी को जलभराव की समस्या से स्थायी राहत दिलाने की दिशा में बड़ा और दूरगामी कदम उठाया है। दिल्ली को आधुनिक, वैश्विक और विकसित राजधानी बनाने के लक्ष्य के तहत सरकार ने ड्रेनेज मास्टर प्लान के अंतर्गत चार प्रमुख ट्रंक ड्रेनों के निर्माण और विस्तार कार्य को तेज कर दिया है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद हर साल मॉनसून में होने वाली जलभराव की समस्या से दिल्ली के बड़े हिस्से को राहत मिलने की उम्मीद है।
ड्रेनेज मास्टर प्लान पर फोकस
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली में 1970 के दशक में ड्रेनेज मास्टर प्लान बनाया गया था, लेकिन बढ़ती आबादी, तेज शहरीकरण और निर्माण गतिविधियों के बावजूद उसमें अपेक्षित बदलाव नहीं हो पाए। इसके कारण जलनिकासी व्यवस्था कमजोर होती चली गई। अब सरकार ने राजधानी की भौगोलिक स्थिति, जनसंख्या दबाव और जलभराव के कारणों को ध्यान में रखते हुए ड्रेनेज सिस्टम में व्यापक सुधार शुरू किया है।
जलभराव वाले इलाकों को प्राथमिकता
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि किसी भी महानगर की पहचान उसकी मजबूत और वैज्ञानिक जल-निकासी व्यवस्था से होती है। इसी सोच के साथ दिल्ली सरकार ने उन इलाकों को प्राथमिकता दी है, जहां वर्षों से जलभराव, ओवरलोडेड सीवर लाइनों और खराब ड्रेनेज के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता रहा है।
किराड़ी–मुंडका में बनेगा नया ट्रंक ड्रेन
पश्चिमी दिल्ली के किराड़ी, मुंडका, बवाना और नांगलोई विधानसभा क्षेत्रों में जलभराव की समस्या को खत्म करने के लिए रेलवे लाइन के समानांतर 4.5 किलोमीटर लंबे ट्रंक ड्रेन के निर्माण का प्रस्ताव है। यह ड्रेन मुंडका हॉल्ट स्टेशन से शुरू होकर सप्लीमेंट्री ड्रेन में मिलेगा। इसकी खासियत यह है कि रास्ते में आने वाले सभी सेकेंडरी ड्रेनों का पानी इसमें समाहित किया जाएगा। रेलवे भूमि में निर्माण के लिए रेलवे के साथ एमओयू साइन हो चुका है। प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति मिलते ही इसे 15 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
दक्षिण दिल्ली की जल-निकासी का होगा पुनर्गठन
लाडो सराय टी-पॉइंट से पुल प्रह्लादपुर तक लंबे समय से जलभराव की समस्या बनी हुई है। इसे देखते हुए एमबी रोड स्टॉर्म वॉटर ड्रेन परियोजना को ड्रेनेज मास्टर प्लान में शामिल किया गया है। यह परियोजना पीडब्ल्यूडी द्वारा क्रियान्वित की जा रही है। इसके तहत पुराने और क्षतिग्रस्त ड्रेनों को बदला जाएगा। साथ ही करीब 500 पेड़ों के ट्रांसप्लांटेशन, फुटपाथ निर्माण और बिजली-पानी की यूटिलिटी शिफ्टिंग का भी प्रावधान है।
उत्तर-पश्चिम दिल्ली को मिलेगी राहत
किराड़ी से रिठाला (रोहिणी) तक 7,200 मीटर लंबे ट्रंक ड्रेन का निर्माण उत्तर-पश्चिम दिल्ली की पुरानी समस्या का समाधान करेगा। इस परियोजना का लगभग 600 मीटर काम पूरा हो चुका है। शेष कार्य पेड़ों की कटाई की अनुमति में देरी के कारण रुका था, जिसे अब सुलझा लिया गया है।
रोहतक रोड पर युद्ध स्तर पर काम
रोहतक रोड (एनएच-10) पर जलभराव की समस्या को खत्म करने के लिए स्टॉर्म वॉटर ड्रेन के निर्माण और सुधार का काम तेजी से किया जा रहा है। यह परियोजना नांगलोई रेलवे मेट्रो स्टेशन से टीकरी बॉर्डर तक दोनों ओर ड्रेनों के निर्माण और सुधार से जुड़ी है।
जलवायु परिवर्तन और जनसंख्या दबाव पर रेखा गुप्ता बताया
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि ड्रेनेज मास्टर प्लान राजधानी के तेजी से बढ़ते शहरीकरण, जलवायु परिवर्तन और जनसंख्या दबाव को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य वर्षा जल को सुरक्षित और तेजी से यमुना तक पहुंचाना और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करना है। उन्होंने भरोसा जताया कि इन चारों परियोजनाओं के पूरा होने के बाद दिल्ली को हर मॉनसून में होने वाली जलभराव की समस्या से बड़ी हद तक स्थायी राहत मिलेगी।












