दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने कार लोन के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का खुलासा किया है।

बता दें कि इस कार्रवाई में तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और नकली आयकर रिटर्न का इस्तेमाल करके बैंकों से महंगी गाड़ियों पर लोन लेकर उन्हें बेच दिया और जानबूझकर लोन चुकाने में विफल रहे।
बता दें कि पुलिस के अनुसार, आरोपी अलग-अलग नाम और पहचान बनाकर कई बैंक खाते खोलते थे और उन खातों के जरिए कार लोन हासिल करते थे। लोन मिलने के बाद गाड़ियों को दूसरे राज्यों में रजिस्टर करा दिया जाता था, जिससे उनकी पहचान और रिकवरी मुश्किल हो जाती थी। अब तक पुलिस ने पांच महंगी गाड़ियां बरामद की हैं जिनमें मर्सिडीज, मारुति ब्रेजा, टाटा अल्ट्रोज, स्कॉर्पियो-एन और टोयोटा हाइलक्स शामिल हैं।
बता दें कि मुख्य आरोपी अमन कुमार उर्फ श्याम सुंदर उर्फ राहुल कपूर को 25 दिसंबर को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि वह फर्जी दस्तावेज बनवाकर बैंक खातों और लोन का जाल फैलाता था। इसके बाद पुलिस ने उसके साथी धीरज उर्फ आलोक उर्फ सिद्धार्थ को 8 जनवरी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि दोनों मिलकर यह पूरा रैकेट संचालित करते थे।
बता दें कि पुलिस ने फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले नरेश कुमार को 9 जनवरी को गिरफ्तार किया। उसके पास से बायोमैट्रिक स्कैनर, आई स्कैनर, वेब कैमरा और पीवीसी कार्ड बनाने की मशीन बरामद हुई है।
पुलिस का कहना है कि इस गैंग के कारण कई बैंकों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है और कई लोन अब एनपीए (Non-Performing Assets) बन चुके हैं। मामले की आगे की जांच जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि इससे जुड़े और लोगों के नाम भी सामने आएंगे। दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने दस्तावेजों और बैंक लेन-देन के प्रति सतर्क रहें।