दिल्ली के दिल में बसा चांदनी चौक, एक शहजादी की फरमाइश से लिखी गई बाजार की दास्तान
Chandni Chowk
भारत
चेतना मंच
30 Jun 2025 05:03 PM
Chandni Chowk : जब बात दिल्ली के बाजारों की होती है तो सबसे पहला नाम जो जुबान पर आता है, वो है चांदनी चौक। शर्दियों की शॉपिंग हो, पारंपरिक कपड़े लेने हों या स्वादिष्ट स्ट्रीट फूड का मजा लेना हो चांदनी चौक हर लिहाज से दिल्लीवालों का दिल है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इस बाजार का नाम चांदनी चौक (Chandni Chowk) ही क्यों पड़ा? और इसकी शुरुआत आखिर हुई कैसे? आइए आज हम चांदनी चौक जैसी मशहूर बाजार की कहानी थोड़ा करीब से जानते हैं।
एक शहजादी की फरमाइश से बना था चांदनी चौक
दिल्ली का चांदनी चौक सिर्फ एक बाजार नहीं बल्कि इतिहास की गलियों में बसी एक दास्तान है। यह बाजार मुगल सम्राट शाहजहां के दौर में 17वीं सदी में बसाया गया था। जब शाहजहां ने अपनी राजधानी आगरा से दिल्ली (शाहजहानाबाद) शिफ्ट की, तो उन्होंने अपने लिए भव्य लाल किला बनवाया और उसी के ठीक सामने इस बाजार की नींव रखी। लेकिन इस बाजार की शुरुआत एक शहजादी के शौक से जुड़ी हुई है। शाहजहां की बेटी जहांआरा बेगम को शॉपिंग का बेहद शौक था। जब शाहजहां को यह बात पता चली तो उन्होंने अपनी लाडली बेटी के लिए एक भव्य और व्यवस्थित बाजार बनवाने का फैसला किया जो सिर्फ शॉपिंग के लिए ही नहीं, बल्कि एक अनुभव के तौर पर भी यादगार हो। जहांआरा ने खुद इस बाजार का डिजाइन तैयार किया और यही बना दिल्ली का सबसे पुराना और ऐतिहासिक बाजार चांदनी चौक।
इस बाजार का नाम क्यों पड़ा चांदनी चौक?
अब बात करते हैं इस खूबसूरत नाम की। ऐसा कहा जाता है कि, इस बाजार की अर्धचंद्राकार (हाफ मून शेप) बनावट थी और इसके बीचोंबीच एक सुंदर तालाब और नहर भी बनाई गई थी। जब चांदनी रात में चांद की रोशनी उस पानी की सतह पर पड़ती तो पूरा इलाका चांदनी से चमक उठता। उस नजारे से प्रेरित होकर इस जगह का नाम पड़ा चांदनी चौक।
आज भी शॉपिंग का ताज
आज, सैकड़ों साल बाद भी चांदनी चौक अपने उसी रंग-रूप में बसा हुआ है भीड़, चहल-पहल, स्वाद, संस्कृति और शॉपिंग से भरपूर। यहां आकर हर कोई एक बार पुरानी दिल्ली की रूह को महसूस करता है। और शायद यही वजह है कि यह बाजार दिल्ली की आत्मा कहलाता है। अगर आप भी इतिहास के साथ शॉपिंग का लुत्फ उठाना चाहते हैं, तो अगली बार चांदनी चौक जरूर जाइए क्योंकि यहां हर गली, हर दुकान, एक कहानी कहती है।