नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के खिलाफ संसद मार्च की तैयारी कर रही CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) ने सोमवार को बड़ा दावा किया। पार्टी का कहना है कि केंद्र सरकार ने पहली बार उनसे बातचीत की पहल की है।

Delhi News : नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के खिलाफ संसद मार्च की तैयारी कर रही CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) ने सोमवार को बड़ा दावा किया। पार्टी का कहना है कि केंद्र सरकार ने पहली बार उनसे बातचीत की पहल की है। हालांकि, इस दावे पर केंद्र सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। CJP लंबे समय से पेपर लीक के मामलों को लेकर केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को घेर रही है। पार्टी की मांग है कि इन मामलों की जवाबदेही तय करते हुए शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें। Delhi News
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, CJP के एक प्रवक्ता ने दावा किया है कि केंद्र सरकार ने पहली बार आधिकारिक स्तर पर संवाद स्थापित करने की कोशिश की है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया कि बातचीत की पहल किस मंत्रालय या किस अधिकारी की ओर से की गई। वहीं, सरकार की ओर से इस पूरे मामले पर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। Delhi News
सफदरजंग अस्पताल में भर्ती जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने पहले कहा था कि यदि संसद के मानसून सत्र में सांसद पेपर लीक के मुद्दे को गंभीरता से उठाने का भरोसा देते हैं तो वह अपना भूख हड़ताल समाप्त कर देंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि स्वास्थ्य कारणों से वह संसद मार्च में शामिल नहीं हो पाते हैं, तो विभिन्न दलों के सांसद अस्पताल पहुंचकर इस मुद्दे को संसद में उठाने का आश्वासन दें। वांगचुक ने अपने संदेश में कहा था कि उनकी प्रमुख मांग शिक्षा व्यवस्था में हुई विफलताओं, विशेषकर पेपर लीक जैसे मामलों की जवाबदेही तय करने और इस मुद्दे पर संसद में चर्चा सुनिश्चित करने की है। CJP के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दिपके ने दावा किया कि संसद मार्च देश के सबसे बड़े लोकतांत्रिक आंदोलनों में शामिल होगा। उन्होंने कहा कि पिछले एक महीने से जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन को देशभर से समर्थन मिल रहा है और बड़ी संख्या में लोग दिल्ली पहुंच रहे हैं। दिपके ने कहा कि यह आंदोलन लोकतांत्रिक अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर है तथा पार्टी संसद तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। Delhi News
संसद मार्च की घोषणा के बाद दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। जंतर-मंतर, संसद भवन और नई दिल्ली के कई संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन ने नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है। दिल्ली पुलिस के डीसीपी सचिन शर्मा ने स्पष्ट किया है कि प्रस्तावित मार्च या जुलूस के लिए न तो कोई अनुमति मांगी गई है और न ही प्रशासन की ओर से इसकी मंजूरी दी गई है। Delhi News
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