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दिल्ली-एनसीआर में आटो, टैक्सी और अन्य कमर्शियल वाहन चालकों ने 23 मई तक हड़ताल पर जाने का ऐलान किया था।

New Delhi News : दिल्ली-एनसीआर में आटो, टैक्सी और अन्य कमर्शियल वाहन चालकों ने 23 मई तक हड़ताल पर जाने का ऐलान किया था। हड़ताल की घोषणा के बाद राजधानी और आसपास के इलाकों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका से लोग परेशान हो उठे थे। इन लोगों के हड़ताल पर जाने से रोजाना सफर करने वाले लाखों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता। लेकिन अब अभी-अभी ये खुशखबरी मिली है कि वाहन चालकों ने अपने हड़ताल का निर्णय वापस ले लिया है।
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इस हड़ताल के मद्देनजर दिल्ली आटो और टैक्सी यूनियन का कहना है कि पिछले 15 वर्षों से किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। वहीं दूसरी ओर पेट्रोल-डीजल और सीएनजी की कीमतों के साथ-साथ वाहन मेंटेनेंस का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है। यूनियन नेताओं का आरोप है कि बढ़ती महंगाई के बावजूद सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है, जिससे चालक आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए युनियन ने हड़ताल का निर्णय लिया था, लेकिन अब सरकार और प्रशासन की ओर से सार्थक पहल को देखते हुए हड़ताल का निर्णय वापस ले लिया गया है।
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यूनियन ने सरकार से जल्द से जल्द किराया संशोधन और अन्य मांगों को पूरा करने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो स्थगित किए गए आंदोलन को फिर से शुरू किया जाएगा। इसी क्रम में 23 मई को दिल्ली सचिवालय के बाहर बड़े प्रदर्शन की घोषणा को भी टाल दिया गया है। अगर हड़ताल स्थगित न होता तो हड़ताल के चलते दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम समेत पूरे एनसीआर क्षेत्र में आॅटो और टैक्सी सेवाओं पर असर पड़ सकता था। एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और दफ्तर जाने वाले लोगों को वैकल्पिक व्यवस्था का सहारा लेना पड़ता जिससे काफी परेशानी हो सकती थी।
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