
Cremation ground for dogs : यह कोई कल्पना नहीं है बल्कि परम सत्य है कि अब इंसानों की तरह से ही पूरे विधि-विधान के साथ कुत्तों का भी दाह संस्कार हुआ करेगा। इस अनूठे कार्य का सबसे पहले बीड़ा उठाया है दिल्ली नगर निगम यानि MCD ने। MCD ने NCR का कुत्तों के लिए पहला शमशान घाट बनाकर तैयार कर दिया है। 15 दिसंबर 2023 को इस अनोखे शमशान घाट पर कुत्तों का दाह संस्कार शुरू हो जाएगा।
सब जानते हैं कि करोड़ों लोग कुत्ता लापते हैं। कुत्ते के मरने के बाद उसके अंतिम संस्कार की कोई भी व्यवस्था अब तक नहीं थी। आमतौर पर लोग मरने पर कुत्ते को जमीन में दफना देते हैं। अब एमसीडी ने भारत की राजधानी दिल्ली के द्वारका में कुत्तों के अंतिम संस्कार के लिए मोक्ष धाम तैयार कर दिया है। दिल्ली के द्वारका के सेक्टर-29 में कुत्तों के अंतिम संस्कार के लिए शवदाह स्थल बनाया गया है। 700 वर्ग मीटर क्षेत्रफल पर बनाए गए इस शवदाह गृह में कुत्तों का अंतिम संस्कार पूरे विधि-विधान से करने की व्यवस्था तैयार की गयी है। यहां आईजीएल ने गैस की पाईप लाइन भी बिछाई है। गैस के कनेक्शन को विशेष रूप से शव दाह के लिए बनाई गई दो अलग-अलग भटिटयों से जोड़ा गया है।
भारत में यह अपनी किस्म का पहला अनूठा शमशान घाट होगा। इस शमशान घाट में कुत्तों का अंतिम संस्कार तो किया ही जाएगा साथ ही कुत्तों की अस्थियां चुनकर उन्हें एक लॉकर रूम में रखा जाएगा। लॉकर रूम से अस्थियां लेकर कुत्तों के मालिक अपने प्रिय पालतू कुत्ते की अस्थि विसर्जन का काम भी कर सकते हैं। इस शमशान घाट की सबसे बड़ी विशेषता यही है कि यह भारत का पहला ऐसा स्थल बना है जहां कुत्तों का अंतिम संस्कार किया जा सकेगा।
दिल्ली के द्वारका क्षेत्र में बनाए गए इस अनूठे शवदाह स्थल पर न केवल पालतू कुत्तों का बल्कि आवारा तथा अनाथ कुत्तों का भी अंतिम संस्कार किया जा सकेगा। इतना ही नहीं बिल्ली तथा बंदरों का भी अंतिम संस्कार किया जा सकेगा। इसी शवदाह केन्द्र में कुत्तों के लिए नशबंदी केन्द्र भी बनाया गया है। कुत्तों के अंतिम संस्कार के लिए वजन के हिसाब से दो हजार रूपए से लेकर तीन हजार रूपए तक का मामूली शुल्क भी लगाया गया है। आवारा व अनाथ कुत्तों का दाह संस्कार नि:शुल्क रखा गया है।
MCD के अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली में भारत का पहला अनोखा शवदाह स्थल बनाया गया है। कुत्तों के अंतिम संस्कार के लिए बनाए गए शवदाह स्थल की परिकल्पना को देखकर देश की एक दर्जन से अधिक नगर पालिका व नगर निगम इसी प्रकार से कुत्तों के लिए अंतिम संस्कार स्थल या मोक्ष स्थल बनाने की योजना बना रहे हैं। जल्द ही भारत के लगभग सभी शहरों में कुत्तों के लिए अंतिम संस्कार स्थल बनकर तैयार हो जाएंगे।