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दिल्ली में घर खरीदना हर किसी का सपना होता है लेकिन मंहगाई के चलते यहां घर बसाना महज एक सपना ही बनकर रह जाता है। ऐसे में राजधानी दिल्ली में घर खरीदने का सपना देखने वालों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है।

दिल्ली में घर खरीदना हर किसी का सपना होता है लेकिन मंहगाई के चलते यहां घर बसाना महज एक सपना ही बनकर रह जाता है। ऐसे में राजधानी दिल्ली में घर खरीदने का सपना देखने वालों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। दिल्ली विकास प्राधिकरण अब एक नई योजना के जरिए शहर में ऐसे इलाकों को विकसित करने जा रहा है जो सीधे मेट्रो और नमो भारत स्टेशनों से जुड़े होंगे। इसका सीधा फायदा यह होगा कि लोगों को काम के पास ही घर मिल सकेगा और रोजाना की लंबी यात्रा से राहत मिलेगी।
इस नई योजना को ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) कहा जाता है। आसान भाषा में समझें तो इसका मतलब है कि जहां सार्वजनिक परिवहन जैसे दिल्ली मेट्रो और नमो भारत की सुविधा मौजूद है वहां आसपास के इलाकों को बेहतर तरीके से बसाया जाए। इस नीति के तहत मेट्रो कॉरिडोर और नमो भारत स्टेशनों के आसपास 500 मीटर तक के क्षेत्र को खास विकास क्षेत्र माना जाएगा। यहां पर ऐसे घर बनाए जाएंगे जो आम लोगों की पहुंच में हों और साथ ही वहां जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएं।
इस योजना का दायरा छोटा नहीं है। लगभग 207 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को इसके तहत विकसित किया जाएगा। इसका मतलब है कि दिल्ली के कई बड़े हिस्सों में आने वाले समय में नई ऊंची इमारतें और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर देखने को मिलेगा। सरकार ने इन इलाकों में 400 से 500 तक FAR (Floor Area Ratio) की अनुमति देने का फैसला किया है। इससे बिल्डर्स ज्यादा ऊंची इमारतें बना सकेंगे और एक ही जगह पर ज्यादा लोगों के रहने की सुविधा तैयार होगी।
इस पूरी योजना का सबसे अहम हिस्सा है सस्ते घरों पर जोर। कुल निर्माण क्षेत्र का करीब 65 प्रतिशत हिस्सा सिर्फ आवास के लिए रखा जाएगा। इसका मकसद यह है कि मध्यम वर्ग और जरूरतमंद लोगों को शहर के अंदर ही अच्छा और किफायती घर मिल सके। इसके साथ ही बड़े प्लॉट्स पर भी विकास की अनुमति दी गई है, जिससे योजनाबद्ध तरीके से कॉलोनियां विकसित की जा सकेंगी। इससे अव्यवस्थित बसावट की समस्या भी कम होने की उम्मीद है।
इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि लोगों को अपने घर से मेट्रो या नमो भारत स्टेशन तक पहुंचने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। इससे रोजाना का सफर आसान होगा ट्रैफिक कम होगा और प्रदूषण पर भी असर पड़ेगा। सरल शब्दों में कहें तो यह योजना सिर्फ घर बनाने की नहीं है बल्कि एक ऐसी जिंदगी देने की कोशिश है जहां काम, यात्रा और रहने की सुविधा एक ही दायरे में मिल सके। अगर यह योजना सही तरीके से लागू होती है तो आने वाले समय में दिल्ली का रहन-सहन काफी बदल सकता है और शहर पहले से ज्यादा व्यवस्थित और सुविधाजनक बन सकता है।
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