राजधानी दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक 227 दर्ज किया गया है। प्रशासन ने प्रदूषण रोकने के लिए 1 नवंबर से निर्माण कार्यों पर पाबंदी और पीयूसीसी नियमों को सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया है।

Delhi News : दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 227 दर्ज किया गया है, जो इस मौसम की पहली 'खराब' श्रेणी की रीडिंग है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के वर्गीकरण के अनुसार 201 से 300 के बीच का एक्यूआई 'खराब' माना जाता है। सर्दी की दस्तक के साथ राजधानी की हवा में प्रदूषण का स्तर बढ़ना शुरू हो गया है। सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को जारी जानकारी के अनुसार, शहर के 59 निगरानी केंद्रों में से 56 पर प्रदूषण दर्ज किया गया। जहांगीरपुरी में एक्यूआई 308 और पूसा में 314 रहा, जिसे 'बहुत खराब' श्रेणी में रखा गया है। रात के गिरते तापमान और धीमी हवाओं के कारण वाहनों का धुआं और धूल जमीन के पास जमा हो रहे हैं, जिससे सुबह के समय प्रदूषण अधिक बढ़ जाता है। Delhi News
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प्रशासन ने प्रदूषण से निपटने के लिए विंटर एक्शन प्लान तैयार किया है, जो 1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक लागू रहेगा। इस योजना के तहत 500 पेट्रोल पंपों पर उन वाहनों को ईंधन नहीं दिया जाएगा जिनके पास वैध पीयूसीसी नहीं है। इसके साथ ही दिल्ली के बाहर पंजीकृत गैर-बीएस-6 वाहनों के प्रवेश पर भी रोक लगाई जाएगी। विंटर एक्शन प्लान के अंतर्गत 1 नवंबर से 31 जनवरी तक धूल पैदा करने वाले निर्माण और तोड़फोड़ के कार्यों पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी। अधिकारियों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में भी हवा की गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में बनी रह सकती है, जिसे नियंत्रित करने के लिए ये कदम उठाए जा रहे हैं। Delhi News
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विशेषज्ञों ने बच्चों, बुजुर्गों और सांस या हृदय रोग से पीड़ित लोगों को सुबह के समय लंबे समय तक बाहर रहने से बचने की सलाह दी है। प्रदूषण अधिक होने पर बाहर कसरत करने के बजाय घर के अंदर हल्का व्यायाम करना बेहतर बताया गया है। बाहर निकलते समय अच्छी फिटिंग वाला मास्क पहनने और पर्याप्त पानी पीने का सुझाव दिया गया है। दमा या सीओपीडी के मरीजों को अपनी दवाएं और इनहेलर नियमित रखने की सलाह दी गई है। यदि खांसी, सीने में जकड़न, सांस फूलने या आंखों में जलन जैसे लक्षण बढ़ें, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए। किसी भी पुरानी बीमारी या गर्भावस्था की स्थिति में दिनचर्या बदलने से पहले डॉक्टर से परामर्श करना अनिवार्य है। Delhi News
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