दिल्ली विधानसभा परिसर में सुरक्षा बढ़ाने के लिए आठ वॉचटावर, अंडर-व्हीकल स्कैनर और RFID जैसे आधुनिक सिस्टम लगाए जा रहे हैं।

Delhi News : दिल्ली विधानसभा परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आठ वॉचटावर लगाए जा रहे हैं, जिनमें से एक का काम पूरा हो चुका है। इस सुरक्षा अपग्रेड में CRPF के लिए समर्पित पेट्रोलिंग ट्रैक और वाहनों की पहचान के लिए RFID तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सोमवार, 19 अक्टूबर और मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को इन बदलावों की घोषणा की। यह कदम पिछले समय में मिले बम धमाकों की धमकियों और एक सुरक्षा चूक, जिसमें एक अनधिकृत कार परिसर में दाखिल हो गई थी, के बाद उठाया गया है। इस पहल का उद्देश्य विधायकों, कर्मचारियों और आगंतुकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। Delhi News
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परिसर की बाहरी निगरानी के लिए सामने, पीछे और रिसेप्शन क्षेत्रों में कुल आठ वॉचटावर बनाए जा रहे हैं, जहाँ CRPF की तैनाती होगी। इसके साथ ही CRPF के लिए एक समर्पित पेट्रोलिंग ट्रैक तैयार किया जा रहा है, जिसका लगभग 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा वाहनों की सघन जांच के लिए गेट नंबर 2 और 5 पर अंडर-व्हीकल स्कैनिंग सिस्टम (UVSS) लगाए जाएंगे। वाहनों की पहचान के लिए RFID तकनीक का उपयोग होगा और बैरियर पर फोटोग्राफिक आईडी की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा, आगंतुकों के प्रबंधन के लिए डिजिटल सिस्टम लागू किया जाएगा। Delhi News
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गेट नंबर 1 से 5 तक ऑटोमैटिक स्लाइडिंग दरवाजे लगाए जा रहे हैं और सुरक्षा के लिए हाइड्रोलिक बोलार्ड्स का इस्तेमाल किया जाएगा। परिसर में पहले से मौजूद लगभग 120 सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी ताकि उन हिस्सों (डार्क स्पॉट्स) को कवर किया जा सके जहाँ कैमरे नहीं हैं। इन प्रणालियों के इंस्टॉलेशन के दौरान अस्थायी व्यवधान हो सकता है। वर्तमान में शेष वॉचटावरों और तकनीकी प्रणालियों को स्थापित करने का काम जारी है, जिसके बाद इन्हें पूरी तरह संचालित किया जाएगा। Delhi News
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