पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान, 4 मई को आएंगे नतीजे

इलेक्शन कमीशन आफ इंडिया ने रविवार को पांच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा कर दी। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव कार्यक्रम का ऐलान किया।

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पांचों राज्यों के मुख्यमंत्री
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar15 Mar 2026 05:05 PM
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New Delhi News : इलेक्शन कमीशन आफ इंडिया ने रविवार को पांच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा कर दी। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव कार्यक्रम का ऐलान किया। घोषणा के साथ ही सभी राज्यों में आचार संहिता लागू हो गई है। चुनाव प्रक्रिया अप्रैल में पूरी होगी और 4 मई 2026 को मतगणना के साथ नतीजे घोषित किए जाएंगे।

असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को मतदान

निर्वाचन आयोग के अनुसार आसाम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव एक ही चरण में कराए जाएंगे। इन तीनों जगहों पर 9 अप्रैल 2026 को मतदान होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी। दक्षिण भारत के प्रमुख राज्य तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव एक चरण में कराए जाएंगे। यहां 23 अप्रैल 2026 को मतदान होगा और नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।

पश्चिम बंगाल में दो चरणों में चुनाव

पश्चिम बंगाल में इस बार चुनाव दो चरणों में कराए जाएंगे। 

* पहला चरण 23 अप्रैल 2026

* दूसरा चरण 29 अप्रैल 2026

दोनों चरणों के बाद मतगणना 4 मई 2026 को होगी।

17.4 करोड़ मतदाता करेंगे मतदान

निर्वाचन आयोग के मुताबिक इन पांच राज्यों में करीब 17.4 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। कुल 824 विधानसभा सीटों पर मतदान कराया जाएगा। इसके लिए लगभग 2.19 लाख मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। चुनाव प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए करीब 25 लाख चुनाव अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि पारदर्शिता और निगरानी को मजबूत करने के लिए इस बार सभी मतदान केंद्रों पर 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग की व्यवस्था की जाएगी। इससे चुनाव प्रक्रिया पर रियल-टाइम निगरानी रखी जा सकेगी और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित किया जाएगा।


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अमित शाह ने कहा- संसद में धरना लोकतांत्रिक तरीका नहीं, राहुल गांधी चाय पकौड़े खा रहे

अमित शाह ने असम के गुवाहाटी में एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि संसद जैसी सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था के दरवाजे पर बैठकर चाय-पकौड़े खाना और विरोध प्रदर्शन करना उचित नहीं है। यह लोकतंत्र और संसद की गरिमा के खिलाफ है।

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar15 Mar 2026 04:02 PM
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Protest in Parliament : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम के गुवाहाटी में एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि संसद जैसी सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था के दरवाजे पर बैठकर चाय-पकौड़े खाना और विरोध प्रदर्शन करना उचित नहीं है। यह लोकतंत्र और संसद की गरिमा के खिलाफ है।

संसद के दरवाजे पर चाय-पकौड़े खाना सही नहीं

अमित शाह ने कहा कि कभी-कभी राहुल गांधी संसद के दरवाजे पर बैठकर चाय और पकौड़े खाते हैं। क्या उन्हें यह समझ नहीं है कि नाश्ता करने की सही जगह कौन-सी है? उन्होंने कहा कि संसद देश की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक संस्था है और वहां इस तरह का व्यवहार उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाता है।

धरना देना भी लोकतांत्रिक तरीका नहीं

गृह मंत्री ने कहा कि संसद में बैठकर विरोध प्रदर्शन करना भी लोकतांत्रिक तरीका नहीं माना जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष बहस में हिस्सा लेने के बजाय प्रदर्शन की राजनीति करता है। उनके मुताबिक, संसद में चर्चा और संवाद के जरिए मुद्दों को उठाया जाना चाहिए। अमित शाह ने कहा कि जब पूरी दुनिया भारत की ताकत और युवाओं की क्षमता देखने आती है, तब इस तरह की घटनाएं देश की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचाती हैं। उन्होंने कहा कि देश की जनता ऐसी हरकतों को स्वीकार नहीं करेगी।

युवाओं को दी गई नौकरियों का भी किया जिक्र

अपने संबोधन में अमित शाह ने सरकार की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में सरकार ने 1.65 लाख से ज्यादा युवाओं को बिना पर्ची-खर्ची के नौकरी दी, और इन भर्तियों पर कोई कानूनी विवाद भी नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने पिछले 10 वर्षों में युवाओं के भविष्य को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।


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1 अप्रैल से नया नियम : फास्टैग एनुअल पास हुआ महंगा, अब देने होंगे बढ़े हुए रुपये

नेशनल हाईवे अथॉरिटी आफ इंडिया (एनएचएआई) ने फासटैग एनुअल पास की फीस बढ़ाने का फैसला किया है। अब इस पास के लिए पहले से ज्यादा शुल्क देना होगा। अब बढ़े हुए दाम पर अनुअल पास 3075 रुपये कर दी गई है।

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हाईवे पर टोल प्लाजा
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar15 Mar 2026 02:08 PM
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New Delhi News : 1 अप्रैल 2026 से हाईवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों को थोड़ा ज्यादा पैसा देना पड़ेगा। नेशनल हाईवे अथॉरिटी आफ इंडिया (एनएचएआई) ने फासटैग एनुअल पास की फीस बढ़ाने का फैसला किया है। अब इस पास के लिए पहले से ज्यादा शुल्क देना होगा। अब बढ़े हुए दाम पर अनुअल पास 3075 रुपये कर दी गई है।

कितना बढ़ा फास्टैग एनुअल पास का दाम

अब तक फास्टैग एनुअल पास की कीमत 3,000रुपये थी। लेकिन 1 अप्रैल 2026 से इसकी कीमत बढ़ाकर 3,075 रुपये कर दी गई है। यानी पास के दाम में 75 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जो करीब 2.5% का इजाफा है। यह वार्षिक पास सिर्फ नॉन-कमर्शियल निजी वाहनों के लिए लागू है, जैसे: कार, जीप, वैन पर लागु है। ट्रक, बस या अन्य कमर्शियल वाहनों पर यह सुविधा लागू नहीं होती। 

क्या फायदा मिलता है एनुअल पास में

फास्टैग एनुअल पास लेने पर 200 टोल क्रॉसिंग तक उपयोग किया जा सकता है। या 1 साल तक वैध रहता है (जो पहले पूरा हो जाए)। इससे बार-बार फास्टैग रिचार्ज करने की जरूरत नहीं पड़ती तथा हाईवे पर टोल प्लाजा से जल्दी निकलना आसान होता है। सरकार के अनुसार, यह बढ़ोतरी महंगाई और टोल रेट संशोधन के फॉमूर्ले के आधार पर की गई है। इसलिए हर साल इसमें हल्का बदलाव किया जा सकता है। अभी देश में 50 लाख से ज्यादा वाहन मालिक फास्टैग एनुअल पास का इस्तेमाल कर रहे हैं। 




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