दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के नजफगढ़ में गोयला डेयरी पर 16 करोड़ रुपये की लागत से बायोगैस प्लांट शुरू किया गया है, जो रोजाना 200 मीट्रिक टन गोबर का प्रसंस्करण करेगा।

Delhi News : इस नए संयंत्र के माध्यम से डेयरी संचालकों को गोबर इकट्ठा करने के लिए प्रति किलोग्राम 67 पैसे का भुगतान किया जाएगा। यह पहल यमुना नदी में नालों के जरिए गोबर जाने से रोकने और प्रदूषण कम करने के प्रयासों का हिस्सा है, जिससे पशुपालकों की आय बढ़ेगी। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के नजफगढ़ स्थित गोयला डेयरी में एक अत्याधुनिक बायोगैस प्लांट का उद्घाटन किया। इस सुविधा का निर्माण नगर निगम दिल्ली (MCD) द्वारा 16 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। यह संयंत्र रोजाना 200 मीट्रिक टन गोबर को प्रोसेस करने की क्षमता रखता है।
इस प्लांट से प्रतिदिन लगभग 14,000 क्यूबिक मीटर कच्चा बायोगैस और 5.6 टन शुद्ध संपीड़ित बायोगैस (CBG) का उत्पादन होगा। उत्पादित गैस को पाइपलाइन के माध्यम से इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड को उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा, संयंत्र से निकलने वाली स्लरी का उपयोग जैविक उर्वरक के रूप में किया जाएगा।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि पिछले 18 महीनों में इस तरह के तीन संयंत्र चालू किए जा चुके हैं और छह और प्लांट लगाने की योजना है। इससे पहले नंगली सकरावती प्लांट ने 55,000 टन गोबर प्रोसेस किया, जिसके लिए किसानों को 3.5 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। डेयरी कॉलोनियों में नालों की व्यवस्था के लिए 50 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस परियोजना का उद्देश्य कचरे से धन बनाने के विजन को पूरा करना है, जिससे पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रगति होगी। अब यह प्लांट गोबर प्रोसेसिंग का काम शुरू करेगा।
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