Delhi Pollution Alert: बहुत खराब श्रेणी में पहुंचा AQI, जानिए आपके इलाके का हाल

Delhi AQI Today: दिल्ली की हवा एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। बुधवार सुबह दिल्ली का AQI 312 दर्ज किया गया जिससे सांस लेना मुश्किल हो गया है। CPCB के आंकड़ों के अनुसार कई इलाकों में वायु गुणवत्ता बहुत खराब से अत्यंत खराब श्रेणी में बनी हुई है।

Delhi AQI Level
दिल्ली की हवा फिर हुई जहरीली
locationभारत
userअसमीना
calendar04 Feb 2026 10:41 AM
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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की हवा एक बार फिर जहरीली हो गई है। बुधवार सुबह दिल्ली में घना कोहरा छाया रहा और इसके साथ ही वायु गुणवत्ता में तेज गिरावट दर्ज की गई। सुबह करीब 7 बजे दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 312 दर्ज किया गया जो सीधे तौर पर लोगों की सेहत पर बुरा असर डालने वाली बहुत खराब श्रेणी में आता है। प्रदूषण और धुंध के इस खतरनाक मेल ने राजधानी में सांस लेना तक मुश्किल बना दिया है।

सुबह के समय दिल्ली में घना कोहरा

बुधवार तड़के दिल्ली के कई इलाकों में घने कोहरे की मोटी परत देखने को मिली। अक्षरधाम, इंडिया गेट और कर्तव्य पथ जैसे प्रमुख क्षेत्रों में विजिबिलिटी काफी कम रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, ITO इलाके में AQI 334 रिकॉर्ड किया गया जो हवा की बेहद खराब स्थिति को दर्शाता है।

दिल्ली के इन इलाकों में सबसे ज्यादा खराब हवा

CPCB के ताजा आंकड़ों के मुताबिक राजधानी के कई हिस्सों में वायु गुणवत्ता बेहद चिंताजनक स्तर पर बनी हुई है। आनंद विहार में AQI 376, मुंडका में 381, अशोक विहार में 366 और चांदनी चौक में 358 दर्ज किया गया। इसके अलावा बवाना (329), आरके पुरम (346) और सिरीफोर्ट (340) में भी हवा अत्यंत खराब श्रेणी में रही।

कुछ इलाकों में हालात थोड़े बेहतर

हालांकि, दिल्ली के कुछ हिस्सों में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर देखी गई। नरेला और आया नगर में AQI 252 दर्ज किया गया जो‘खराब श्रेणी में आता है। श्री अरबिंदो मार्ग (221), मंदिर मार्ग (257) और IGI एयरपोर्ट T3 (243) में भी हवा बाकी इलाकों की तुलना में थोड़ी साफ रही लेकिन इसे भी सुरक्षित नहीं कहा जा सकता।

हरियाणा के करनाल में भी छाया घना कोहरा

दिल्ली से सटे हरियाणा के करनाल जिले में भी बुधवार सुबह घना कोहरा देखने को मिला। मौसम और प्रदूषण के इस असर से पूरे NCR क्षेत्र में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

AQI क्या होता है और इसका मतलब क्या है?

एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी AQI हवा की गुणवत्ता को मापने का पैमाना है। हम आपको कुछ इस प्रकार समझा रहे हैं।

0–50: अच्छी

51–100: संतोषजनक

101–200: मध्यम

201–300: खराब

301–400: बहुत खराब

401–500: गंभीर

312 का AQI सीधे तौर पर सांस, आंखों और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ाता है।

IMD ने जारी किया येलो अलर्ट

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, कुछ इलाकों में गरज के साथ बारिश, बिजली गिरने और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। यही स्थिति हरियाणा और चंडीगढ़ में भी बनी रह सकती है।

बारिश से मिल सकती है राहत की उम्मीद

IMD का कहना है कि हल्की बारिश और तेज हवाओं से मौसम में बदलाव आ सकता है, जिससे प्रदूषण के स्तर में थोड़ी गिरावट संभव है। तड़के दिल्ली और NCR के कई इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई जो आने वाले घंटों में हवा को कुछ हद तक साफ कर सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह

विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्तर के प्रदूषण में बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को खास सावधानी बरतनी चाहिए। बिना जरूरत बाहर निकलने से बचें, मास्क का इस्तेमाल करें और घर के अंदर एयर प्यूरीफायर या वेंटिलेशन का ध्यान रखें।

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दिल्ली की कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल, 15 दिन में 800 से ज्यादा गुमशुदगी

15 जनवरी तक के आंकड़ों के अनुसार, लापता हुए 807 लोगों में से 572 लोग अब भी लापता हैं। पुलिस के अनुसार, इन मामलों की जांच जारी है, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों का अब तक पता न चल पाना कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

Missing persons alarm in Delhi
दिल्ली में गुमशुदगी का संकट (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar03 Feb 2026 10:29 PM
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Delhi News : नए साल 2026 की शुरुआत राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लिए चिंताजनक संकेत लेकर आई है। दिल्ली पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी से 15 जनवरी के बीच राजधानी से कुल 807 लोग लापता हो चुके हैं। औसतन हर दिन करीब 54 लोगों के गायब होने का मामला सामने आ रहा है, जिसने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

महिलाएं और लड़कियां सबसे ज्यादा असुरक्षित

बता दें कि पता होने वालों में महिलाओं और लड़कियों की संख्या सबसे अधिक है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 15 दिनों में लापता हुए 807 लोगों में से 509 महिलाएं और लड़कियां हैं, जबकि पुरुषों की संख्या 298 दर्ज की गई है। वयस्क श्रेणी में भी महिलाओं की संख्या 363, जबकि पुरुषों की संख्या 253 रही। यह स्थिति महिला सुरक्षा को लेकर किए जा रहे दावों की पोल खोलती नजर आ रही है।

बच्चों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल

बता दें कि राजधानी में नाबालिग बच्चों की गुमशुदगी भी चिंता का बड़ा कारण बन गई है। रिपोर्ट के अनुसार, इन 15 दिनों में 191 नाबालिग बच्चे लापता हुए हैं। इसका मतलब है कि हर दिन औसतन 13 बच्चे अपने घरों से गायब हो रहे हैं। सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि लापता नाबालिगों और किशोरों में से करीब 71 प्रतिशत बच्चों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

572 लोग अब भी लापता, पुलिस के सामने चुनौती

बता दें कि 15 जनवरी तक के आंकड़ों के अनुसार, लापता हुए 807 लोगों में से 572 लोग अब भी लापता हैं। पुलिस के अनुसार, इन मामलों की जांच जारी है, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों का अब तक पता न चल पाना कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। नए साल की शुरुआत में ही इतनी बड़ी संख्या में लोगों का गायब होना न सिर्फ प्रशासन के लिए चुनौती है, बल्कि आम नागरिकों के मन में असुरक्षा की भावना को भी गहरा कर रहा है। Delhi News

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दिल्ली में 2 लाख राशन कार्ड संदेह के घेरे में, बड़े स्तर पर जांच शुरू

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत हर साल इस तरह के सत्यापन अभियान चलाए जाते हैं, ताकि फर्जी लाभार्थियों की पहचान कर प्रणाली में पारदर्शिता लाई जा सके और राशन की चोरी पर रोक लगाई जा सके।

Delhi ration scam
दिल्ली में 2 लाख कार्डों की जांच जारी (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar03 Feb 2026 09:03 PM
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Delhi News : दिल्ली की सरकारी राशन वितरण व्यवस्था में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। राशन कार्डों की हालिया समीक्षा में करीब 2.02 लाख कार्ड संदिग्ध पाए गए हैं, जिनसे जुड़े लगभग 7.71 लाख लाभार्थियों के रिकॉर्ड में गंभीर खामियां सामने आई हैं। इस खुलासे के बाद खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने व्यापक जांच शुरू कर दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 6,038 राशन कार्ड मृत व्यक्तियों के नाम पर दर्ज पाए गए हैं, जबकि 16 हजार से अधिक कार्ड डुप्लीकेट हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि सिस्टम में लंबे समय से गड़बड़ियां चली आ रही थीं।

अमीर भी उठा रहे थे गरीबों की योजना का लाभ

बता दें कि जांच में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया है कि बड़ी संख्या में आर्थिक रूप से संपन्न लोग भी मुफ्त राशन का लाभ ले रहे थे। दस्तावेजों के मुताबिक, 1.44 लाख से अधिक राशन कार्ड धारकों की सालाना आय 6 लाख रुपये से ज्यादा पाई गई है। वेरिफिकेशन के दौरान 19,346 कंपनी डायरेक्टर, 77,014 वाहन मालिक और 2,700 से अधिक ऐसे लोग चिन्हित किए गए हैं जिनका जीएसटी टर्नओवर 25 लाख रुपये से अधिक है। इसके अलावा करीब 1.59 लाख लाभार्थी जमीन के मालिक भी पाए गए हैं।

फिलहाल कोई राशन कार्ड रद्द नहीं

बता दें कि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अभी तक किसी भी राशन कार्ड को रद्द नहीं किया गया है। विभाग ने 2.76 लाख कार्ड धारकों को कारण बताओ नोटिस और एसएमएस भेजे हैं। अधिकारियों के अनुसार यह प्रक्रिया नियमित सत्यापन का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी लाभ केवल वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे। दिल्ली के सभी 70 फूड सप्लाई ऑफिस (FSO) इस सत्यापन अभियान में सक्रिय रूप से लगे हुए हैं। पात्र पाए जाने वाले लाभार्थियों का राशन तुरंत बहाल कर दिया जाएगा।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

बता दें कि इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा विधायक हरीश खुराना ने कहा कि हमारा उद्देश्य किसी भी गरीब का राशन रोकना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी धन और संसाधन सही लोगों तक पहुंचे। 

प्रशासन का कहना है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत हर साल इस तरह के सत्यापन अभियान चलाए जाते हैं, ताकि फर्जी लाभार्थियों की पहचान कर प्रणाली में पारदर्शिता लाई जा सके और राशन की चोरी पर रोक लगाई जा सके। Delhi News

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