दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे अब लगभग पूरी तरह तैयार है। केवल कुछ क्षेत्रों में सर्विस रोड और अंतिम निर्माण कार्य बाकी हैं, जिन्हें अगले 12-15 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य है। अधिकारियों के अनुसार, इस मार्ग को लगभग एक महीने के भीतर आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।

Delhi-Dehradun Expressway : दिल्ली और देहरादून को जोड़ने वाला दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे अब लगभग पूरी तरह तैयार है। केवल कुछ क्षेत्रों में सर्विस रोड और अंतिम निर्माण कार्य बाकी हैं, जिन्हें अगले 12-15 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य है। अधिकारियों के अनुसार, इस मार्ग को लगभग एक महीने के भीतर आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इस एक्सप्रेसवे की लंबाई: 210-213 किलोमीटर तथा अनुमानित निर्माण लागत: 12,000 करोड़ रुपये और इससे दिल्ली से देहरादून का यात्रा में लगने वाला समय 5-6 घंटे से घटकर 2.5-3 घंटे हो जाएगा।
इस एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली के लिए प्रमुख टोल प्लाजा बनाए गए हैं: 1. कांठा गांव, बागपत 2. रसूलपुर खेड़ी अहमद गांव, सहारनपुर। इस एक्सप्रेसवे की पूरी दूरी के लिए टोल: लगभग 675 रुपये लगेगा। तथा राउंड ट्रिप (आने-जाने के लिए): लगभग 1010 रुपये देना होगा।
वाहन प्रकार अनुमानित टोल
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हल्के वाणिज्यिक वाहन (पिकअप, मिनी बस) 1000-1100
बस और दो एक्सल वाले ट्रक 2000-2300
तीन एक्सल या बड़े वाणिज्यिक ट्रक 2300-2500
दो-पहिया वाहन कोई टोल नहीं
टोल वसूली फास्टैग प्रणाली के माध्यम से की जाएगी, ताकि टोल बूथ पर ट्रैफिक जाम न हो।
एक्सप्रेसवे पर कई इंटरचेंज बनाए गए हैं, ताकि आसानी से प्रवेश और निकास किया जा सके। प्रमुख शहर और स्थान होंगे बड़ौत, बागपत, मुजफ्फरनगर, शामली। दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा और देहरादून के बीच यात्रियों के लिए सुविधाजनक एंट्री और एग्जिट पॉइंट। एनएचएआई ने चेतावनी दी है कि कुछ लोग बेरिकेडिंग हटाकर एक्सप्रेसवे का प्रयोग कर रहे हैं, जो खतरनाक है। अभी एक्सप्रेसवे पूरी तरह से खुला नहीं है, इसलिए अधिकारिक उद्घाटन से पहले इसका प्रयोग न करें। इस मार्ग के खुलने से दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा आसान और तेज होगी। पर्यटन बढ़ेगा और व्यवसायिक गतिविधियां तेज होंगी।