दिल्ली में नया बिजली कनेक्शन लेने की प्रक्रिया अब आम लोगों के लिए पहले के मुकाबले कहीं अधिक आसान, तेज और राहतभरी हो गई है। राजधानी के उपभोक्ताओं को लंबे समय से जिस सरल और पारदर्शी व्यवस्था का इंतजार था, अब वह जमीन पर उतरती दिखाई दे रही है।

Delhi News : दिल्ली में नया बिजली कनेक्शन लेने की प्रक्रिया अब आम लोगों के लिए पहले के मुकाबले कहीं अधिक आसान, तेज और राहतभरी हो गई है। राजधानी के उपभोक्ताओं को लंबे समय से जिस सरल और पारदर्शी व्यवस्था का इंतजार था, अब वह जमीन पर उतरती दिखाई दे रही है। दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (डीईआरसी) ने नए प्रावधान लागू करते हुए बिजली कनेक्शन से जुड़ी कई ऐसी औपचारिकताओं को खत्म कर दिया है, जो अब तक लोगों के लिए परेशानी, देरी और अतिरिक्त दबाव की वजह बनती थीं। सबसे बड़ी बात यह है कि अब नए कनेक्शन के लिए आवेदन करने वालों को न तो पहले की तरह साइट निरीक्षण की अनिवार्य प्रक्रिया से गुजरना होगा और न ही शुरुआत में किसी तरह का अग्रिम भुगतान करना पड़ेगा।
नए नियमों के तहत सबसे बड़ा बदलाव यह किया गया है कि अब नया बिजली कनेक्शन जारी करने से पहले मौके पर निरीक्षण की अनिवार्यता नहीं होगी। पहले बिजली कंपनियों के अधिकारी आवेदन मिलने के बाद स्थल पर जाकर जांच करते थे। इस प्रक्रिया में समय लगता था और कई बार उपभोक्ताओं को बेवजह इंतजार करना पड़ता था। अब इस अनिवार्यता को हटाने से कनेक्शन मिलने की प्रक्रिया काफी तेज होने की उम्मीद है। डीईआरसी ने उपभोक्ताओं को एक और बड़ी राहत देते हुए आवेदन के समय अग्रिम भुगतान की व्यवस्था भी समाप्त कर दी है। यानी अब नया कनेक्शन लेने के लिए शुरुआत में जेब ढीली करने की जरूरत नहीं होगी। कनेक्शन से जुड़े निर्धारित शुल्क अब उपभोक्ता अपनी पहली बिजली बिल के साथ जमा कर सकेंगे। इस बदलाव से आर्थिक रूप से भी लोगों को काफी सुविधा मिलेगी।
आयोग ने प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए सेल्फ-डिक्लेरेशन की सुविधा भी शुरू की है। इसके तहत आवेदक को यह घोषणा देनी होगी कि उसके परिसर की आंतरिक वायरिंग किसी लाइसेंसधारी इलेक्ट्रिकल कॉन्ट्रैक्टर द्वारा जांची जा चुकी है। इस व्यवस्था से डिस्कॉम अधिकारियों की ओर से अलग से सत्यापन की जरूरत कम होगी और कागजी औपचारिकताएं भी घटेंगी। इससे उपभोक्ताओं का समय बचेगा और आवेदन प्रक्रिया पहले से ज्यादा सहज बनेगी। डीईआरसी ने यह भी साफ कर दिया है कि नया बिजली कनेक्शन देने के नाम पर कोई मनमाना या छिपा हुआ शुल्क नहीं लिया जा सकेगा। सभी चार्ज केवल आयोग द्वारा निर्धारित नियमों और मानकों के अनुसार ही वसूले जाएंगे। इससे उपभोक्ताओं को ओवरचार्जिंग की आशंका से राहत मिलेगी और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।
अगर किसी उपभोक्ता को नया बिजली कनेक्शन लेने या सेवा से जुड़ी किसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है, तो उसके लिए शिकायत निवारण की व्यवस्था भी स्पष्ट कर दी गई है। उपभोक्ता सबसे पहले संबंधित डिस्कॉम के कंज्यूमर ग्रीवांस रिड्रेसल फोरम में शिकायत दर्ज करा सकता है। वहां समाधान नहीं मिलने पर मामला बिजली ओम्बड्समैन तक ले जाया जा सकेगा। इसके बाद भी जरूरत पड़ने पर उपभोक्ता डीईआरसी का दरवाजा खटखटा सकता है। Delhi News