
Delhi Excise Case : नई दिल्ली/ नोएडा। सीबीआई ने नोएडा स्थित एक निजी समाचार चैनल के तत्कालीक कॉमर्शियल प्रमुख अरविंद कुमार सिंह को गिरफ्तार किया और कोर्ट में पेश किया। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने अरविंद कुमार सिंह को 18 मई तक सीबीआई रिमांड पर भेज दिया है।
सीबीआई के आरोपी अरविंद कुमार सिंह जून 2021 से जुलाई 2022 तक हवाला मनी केस में शामिल थे।सोमवार को उन्हें विशेष न्यायाधीश एमके नागपाल के समक्ष पेश किया गया। कोर्ट ने सीबीआई की दलीलों को ध्यान में रखते हुए उनकी सीबीआई रिमांड 18 मई तक बढ़ा दी है।
कोर्ट ने कहा कि इस अदालत की सुविचारित राय है कि अभियुक्त से कुछ और पूछताछ की आवश्यकता है और अन्य दस्तावेजी के साथ-साथ डिजिटल साक्ष्य के साथ उसका टकराव भी आवश्यक है, जो मामले की जांच के दौरान रिकॉर्ड पर आया है। अदालत ने कहा कि 18 मई तक सीबीआई की हिरासत में भेजा जा रहा है।
सीबीआई के अनुसार, उसकी जांच अभी भी एक प्रारंभिक अवस्था में है और जांच अधिकारी को इसे संचालित करने और आरोपी से व्यापक पूछताछ करने और ऐसे सभी मौखिक और दस्तावेजी के संबंध में उससे पूछताछ करने के लिए पर्याप्त समय और अवसर दिए जाने की आवश्यकता है। उसके खिलाफ अब तक जो सबूत सामने आए हैं।
ईडी और सीबीआई ने आरोप लगाया है कि आबकारी नीति को संशोधित करते समय अनियमितताएं की गईं, लाइसेंस धारकों को अनुचित लाभ दिया गया, लाइसेंस शुल्क माफ या कम किया गया और सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बिना एल-1 लाइसेंस बढ़ाया गया। लाभार्थियों ने आरोपी अधिकारियों को "अवैध" लाभ दिया और पता लगाने से बचने के लिए अपने खाते की पुस्तकों में गलत प्रविष्टियां कीं।
एक आरोप है कि आबकारी विभाग ने निर्धारित नियमों के विरुद्ध एक सफल निविदाकर्ता को लगभग 30 करोड़ रुपये की बयाना जमा राशि वापस करने का निर्णय लिया था। भले ही कोई सक्षम प्रावधान नहीं था, COVID-19 के कारण 28 दिसंबर, 2021 से 27 जनवरी, 2022 तक निविदा लाइसेंस शुल्क पर छूट की अनुमति दी गई थी।
इससे सरकारी खजाने को कथित तौर पर 144.36 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जिसे दिल्ली के लेफ्टिनेंट-गवर्नर विनय कुमार सक्सेना की सिफारिश के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक संदर्भ पर स्थापित किया गया है।