सबसे भीषण घटना दिल्ली के व्यस्त सदर बाजार इलाके की है। यहां एक बहुमंजिला इमारत में लगी भीषण आग में दो मजदूरों—शंकर राय (55) और राम विशेष (35)—की मौत हो गई। इमारत में प्लास्टिक के खिलौने, रबर की गेंद और चूड़ियों का गोदाम था।

Delhi News : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पिछले 24 घंटों के दौरान आग की चार अलग-अलग घटनाओं ने दहशत का माहौल पैदा कर दिया। सदर बाजार की इमारत से लेकर रिठाला की झुग्गी बस्ती, महिपालपुर के वेयरहाउस और संगम विहार में चलती बस तक आग की लपटों ने अफरा-तफरी मचा दी। इन हादसों में कुल तीन लोगों की जान गई, जिसमें सदर बाजार के हादसे में दो मजदूरों की दर्दनाक मौत शामिल है, वहीं करोड़ों रुपये का सामान जलकर खाक हो गया।
सबसे भीषण घटना दिल्ली के व्यस्त सदर बाजार इलाके की है। यहां एक बहुमंजिला इमारत में लगी भीषण आग में दो मजदूरों—शंकर राय (55) और राम विशेष (35)—की मौत हो गई। इमारत में प्लास्टिक के खिलौने, रबर की गेंद और चूड़ियों का गोदाम था। आग इतनी तेज थी कि छत पर बने टिन शेड में सो रहे दोनों मजदूरों के शव बुरी तरह झुलस गए, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो गया। पुलिस अब उनकी अंतिम पहचान के लिए डीएनए टेस्ट कराएगी।
घटना के दौरान आग बुझाने में देरी को लेकर स्थानीय लोगों में जबरदस्त आक्रोश देखा गया। भीड़ ने दमकल विभाग और पुलिस पर पथराव कर दिया, जिसमें दमकल गाड़ियों के शीशे टूट गए। आरोप था कि फंसे लोगों को निकालने में तेजी नहीं दिखाई गई। पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। देर रात शुरू हुआ बचाव अभियान गुरुवार तड़के 3:20 बजे खत्म हुआ, लेकिन कूलिंग ऑपरेशन पूरे दिन जारी रहा।
उधर, रिठाला गांव के पास बंगाली बस्ती में देर रात लगी आग ने कहर ढ़ा दिया। करीब 70 झुग्गियां आग की चपेट में आकर जल गईं। इस हादसे में 17 वर्षीय किशोरी रानी खातून की जलकर मौत हो गई। आग इतनी विनाशकारी थी कि लाखों रुपये का सामाम राख हो गया और गैस सिलेंडर फटने की आवाजें सुनाई दीं। दमकल विभाग ने तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
इसी बीच संगम विहार इलाके में दोपहर करीब 12:57 बजे एक चलती हुई डीटीसी बस में अचानक आग लग गई। हालांकि, चालक और कंडक्टर ने समय पर बस रोककर अपनी जान बचा ली और दमकल विभाग ने आग बुझा ली, लेकिन इस घटना से सड़क पर लंबा जाम लग गया। वहीं, महिपालपुर के वेयरहाउस में भी लगी आग से करोड़ों का नुकसान हुआ है।
पुलिस अब सभी चारों घटनाओं के कारणों की जांच कर रही है। सदर बाजार की इमारत में संकरी सीढ़ियों और अवैध रूप से भरे हुए माल को भी आग के विकराल रूप लेने का प्रमुख कारण माना जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि अगर होली के कारण अधिकतर मजदूर गांव न गए होते, तो जानमाल का नुकसान कहीं अधिक हो सकता था।