यमुना में बढ़ा अमोनिया, दिल्ली में पानी की सप्लाई 50% तक घटी
राजधानी दिल्ली में एक बार फिर पानी का संकट गहरा गया है। यमुना नदी में अमोनिया के स्तर में अचानक वृद्धि होने के कारण वजीराबाद और चंद्रावल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट प्रभावित हुए हैं, जिससे कई इलाकों में पानी की आपूर्ति 25 से 50 फीसदी तक कम कर दी गई है।

Delhi News: दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के मुताबिक बुधवार सुबह वजीराबाद के पास यमुना में कच्चे पानी में अमोनिया का स्तर 3 पीपीएम से अधिक दर्ज किया गया, जबकि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट अधिकतम 1 पीपीएम तक ही अमोनिया को सुरक्षित रूप से शुद्ध कर सकते हैं। इससे अधिक स्तर होने पर पानी को साफ करने के दौरान जहरीले रसायन बनने का खतरा रहता है, इसलिए एहतियातन प्लांटों की क्षमता घटाई गई है। डीजेबी अधिकारियों ने बताया कि वजीराबाद वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से 123 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में प्रतिदिन लगभग 131 एमजीडी पानी की आपूर्ति होती है। इससे उत्तर, मध्य और पुरानी दिल्ली के 11 विधानसभा क्षेत्रों को पानी मिलता है। वहीं चंद्रावल प्लांट से 96 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र के 9 विधानसभा क्षेत्रों में रोजाना करीब 95 एमजीडी पानी सप्लाई किया जाता है।
इन इलाकों में पानी की किल्लत
वजीराबाद प्लांट से जुड़े डिफेंस कॉलोनी, मजनूं का टीला, आईटीओ, एनडीएमसी क्षेत्र, एलएनजेपी अस्पताल, राजघाट, पंजाबी बाग, मॉडल टाउन, आजादपुर, शालीमार बाग, वजीरपुर, लॉरेंस रोड और आसपास के इलाकों में पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसके अलावा दक्षिण दिल्ली के मूलचंद, साउथ एक्सटेंशन, ग्रेटर कैलाश और कैंटोनमेंट के कुछ हिस्सों में भी पानी की समस्या सामने आ रही है। चंद्रावल प्लांट से जुड़े करोल बाग, झंडेवालान, सिविल लाइंस, पटेल नगर, राजेंद्र नगर और शादिपुर इलाकों में भी कम दबाव से पानी मिल रहा है।
जल बोर्ड की अपील
दिल्ली जल बोर्ड ने लोगों से पानी का संयमित उपयोग करने की अपील की है। बोर्ड का कहना है कि हालात सामान्य होने तक कई क्षेत्रों में कम दबाव से पानी आएगा। आपात स्थिति में पानी के टैंकर के लिए हेल्पलाइन नंबर 1916 पर संपर्क किया जा सकता है।
प्रदूषण बना बड़ी वजह
यूनाइटेड रेजिडेंट्स ज्वाइंट एक्शन ऑफ दिल्ली के अध्यक्ष अतुल गोयल ने बताया कि कई इलाकों में पानी या तो बेहद कम आ रहा है या पूरी तरह बंद है। उनका आरोप है कि हरियाणा के औद्योगिक क्षेत्रों से अमोनिया और अन्य प्रदूषक यमुना में छोड़े जाते हैं, जिनमें पानीपत की डाई फैक्ट्रियां और सोनीपत के नाले प्रमुख हैं। हालांकि हरियाणा सरकार इन आरोपों से इनकार करती रही है। फिलहाल दिल्लीवासियों को राहत के लिए यमुना में अमोनिया का स्तर कम होने और हालात सामान्य होने का इंतजार करना पड़ेगा। Delhi News
Delhi News: दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के मुताबिक बुधवार सुबह वजीराबाद के पास यमुना में कच्चे पानी में अमोनिया का स्तर 3 पीपीएम से अधिक दर्ज किया गया, जबकि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट अधिकतम 1 पीपीएम तक ही अमोनिया को सुरक्षित रूप से शुद्ध कर सकते हैं। इससे अधिक स्तर होने पर पानी को साफ करने के दौरान जहरीले रसायन बनने का खतरा रहता है, इसलिए एहतियातन प्लांटों की क्षमता घटाई गई है। डीजेबी अधिकारियों ने बताया कि वजीराबाद वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से 123 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में प्रतिदिन लगभग 131 एमजीडी पानी की आपूर्ति होती है। इससे उत्तर, मध्य और पुरानी दिल्ली के 11 विधानसभा क्षेत्रों को पानी मिलता है। वहीं चंद्रावल प्लांट से 96 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र के 9 विधानसभा क्षेत्रों में रोजाना करीब 95 एमजीडी पानी सप्लाई किया जाता है।
इन इलाकों में पानी की किल्लत
वजीराबाद प्लांट से जुड़े डिफेंस कॉलोनी, मजनूं का टीला, आईटीओ, एनडीएमसी क्षेत्र, एलएनजेपी अस्पताल, राजघाट, पंजाबी बाग, मॉडल टाउन, आजादपुर, शालीमार बाग, वजीरपुर, लॉरेंस रोड और आसपास के इलाकों में पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसके अलावा दक्षिण दिल्ली के मूलचंद, साउथ एक्सटेंशन, ग्रेटर कैलाश और कैंटोनमेंट के कुछ हिस्सों में भी पानी की समस्या सामने आ रही है। चंद्रावल प्लांट से जुड़े करोल बाग, झंडेवालान, सिविल लाइंस, पटेल नगर, राजेंद्र नगर और शादिपुर इलाकों में भी कम दबाव से पानी मिल रहा है।
जल बोर्ड की अपील
दिल्ली जल बोर्ड ने लोगों से पानी का संयमित उपयोग करने की अपील की है। बोर्ड का कहना है कि हालात सामान्य होने तक कई क्षेत्रों में कम दबाव से पानी आएगा। आपात स्थिति में पानी के टैंकर के लिए हेल्पलाइन नंबर 1916 पर संपर्क किया जा सकता है।
प्रदूषण बना बड़ी वजह
यूनाइटेड रेजिडेंट्स ज्वाइंट एक्शन ऑफ दिल्ली के अध्यक्ष अतुल गोयल ने बताया कि कई इलाकों में पानी या तो बेहद कम आ रहा है या पूरी तरह बंद है। उनका आरोप है कि हरियाणा के औद्योगिक क्षेत्रों से अमोनिया और अन्य प्रदूषक यमुना में छोड़े जाते हैं, जिनमें पानीपत की डाई फैक्ट्रियां और सोनीपत के नाले प्रमुख हैं। हालांकि हरियाणा सरकार इन आरोपों से इनकार करती रही है। फिलहाल दिल्लीवासियों को राहत के लिए यमुना में अमोनिया का स्तर कम होने और हालात सामान्य होने का इंतजार करना पड़ेगा। Delhi News












