IMD Alert: मई तक झुलसाएगा पारा! इन राज्यों में पड़ेगी सबसे खतरनाक लू

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मार्च से मई के लिए बड़ा पूर्वानुमान जारी किया है जिसमें देश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से अधिक तापमान और लू के बढ़ते खतरे की चेतावनी दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार पूर्व, मध्य और दक्षिण भारत में हीटवेव के दिन बढ़ सकते हैं।

Heatwave Alert
क्या इस बार गर्मी होगी रिकॉर्ड तोड़?
locationभारत
userअसमीना
calendar01 Mar 2026 05:36 AM
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गर्मी अभी ठीक से शुरू भी नहीं हुई है और चेतावनी पहले ही आ गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मार्च से मई के लिए जो पूर्वानुमान जारी किया है वह चिंताजनक है। रिपोर्ट के मुताबिक इस बार प्री-मानसून सीजन में देश के ज्यादातर हिस्सों में तापमान सामान्य से ज्यादा रहने की संभावना है। कई राज्यों में लू के दिन बढ़ सकते हैं जिससे आम लोगों की दिनचर्या, सेहत और खेती तक प्रभावित हो सकती है।

क्या कहता है IMD का पूर्वानुमान?

IMD के अनुसार मार्च, अप्रैल और मई के दौरान अधिकतम यानी दिन का तापमान देश के अधिकांश भागों में सामान्य से ऊपर रहेगा। हालांकि उत्तर-पश्चिम भारत और मध्य भारत के कुछ सीमित इलाकों में तापमान सामान्य या थोड़ा कम रह सकता है। न्यूनतम यानी रात का तापमान भी ज्यादातर जगहों पर सामान्य से ज्यादा रहने की संभावना है। इसका मतलब है कि रात में भी लोगों को ज्यादा राहत नहीं मिलेगी। दिन और रात दोनों समय गर्मी बढ़ने से शरीर पर असर ज्यादा पड़ सकता है। यह पूर्वानुमान मल्टी-मॉडल एनसेंबल सिस्टम पर आधारित है जिसमें अलग-अलग मौसम मॉडलों के आंकड़ों को मिलाकर अनुमान तैयार किया जाता है।

किन इलाकों में बढ़ेगा लू का खतरा?

IMD ने साफ कहा है कि इस बार हीटवेव के दिन सामान्य से ज्यादा हो सकते हैं। खासकर पूर्व और पूर्व-मध्य भारत में लू का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है। दक्षिण-पूर्व भारत के कई हिस्सों में भी गर्म हवाएं लोगों को परेशान कर सकती हैं। जब तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर चला जाता है और लगातार तेज गर्म हवाएं चलती हैं तो उसे लू कहा जाता है। यह स्थिति आमतौर पर अप्रैल और मई में ज्यादा देखने को मिलती है लेकिन इस बार मार्च से ही असर दिख सकता है।

मार्च महीने का अलग संकेत

मार्च के लिए IMD का अनुमान थोड़ा मिला-जुला है। कुछ क्षेत्रों में दिन का तापमान सामान्य से कम रह सकता है लेकिन पूर्वोत्तर भारत, पश्चिमी हिमालय क्षेत्र और मध्य व दक्षिण भारत के कई हिस्सों में गर्मी सामान्य से ज्यादा रहने की संभावना है। रात का तापमान भी कई जगहों पर सामान्य से ऊपर रह सकता है। दिन और रात के तापमान में यह बदलाव खासकर फसलों और किसानों के लिए चुनौती बन सकता है।

तेज गर्मी का किन-किन चीजों पर पड़ेगा असर?

स्वास्थ्य पर प्रभाव

ज्यादा गर्मी से डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और थकावट जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। बुजुर्ग, छोटे बच्चे, बाहर काम करने वाले मजदूर और पहले से बीमार लोग ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं।

बिजली की बढ़ती मांग

तेज गर्मी के कारण एसी, कूलर और पंखों का इस्तेमाल बढ़ेगा जिससे बिजली की मांग भी तेजी से बढ़ सकती है।

पानी की किल्लत

गर्मी बढ़ने से जल स्रोतों पर दबाव बढ़ेगा। कई इलाकों में पानी की कमी की समस्या सामने आ सकती है।

कृषि पर असर

रबी फसलों की कटाई के समय ज्यादा तापमान किसानों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है। तेज गर्मी से फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों प्रभावित हो सकते हैं। फिलहाल प्रशांत महासागर के भूमध्यरेखीय क्षेत्र में कमजोर ला नीना की स्थिति बनी हुई है। हालांकि मौसम मॉडल बताते हैं कि मार्च से मई के दौरान यह स्थिति कमजोर होकर सामान्य यानी ENSO-तटस्थ अवस्था में जा सकती है। ऐसे बदलाव अक्सर तापमान को प्रभावित करते हैं और कई बार गर्मी को बढ़ावा देते हैं।

किन बातों का रखें ध्यान?

तेज गर्मी को देखते हुए लोगों को अभी से सावधानी बरतने की जरूरत है। ज्यादा पानी पीना, धूप में बाहर निकलने से बचना, हल्के और सूती कपड़े पहनना और दोपहर के समय छांव में रहना जरूरी होगा। किसान भी मौसम अपडेट पर नजर रखें और जरूरत के मुताबिक अपने काम की योजना बनाएं। IMD समय-समय पर अपडेट जारी करता रहेगा। अगर मौसम में कोई बड़ा बदलाव होता है तो नई जानकारी साझा की जाएगी। फिलहाल संकेत साफ हैं कि इस बार मार्च से मई तक गर्मी अपने तेवर दिखा सकती है

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शराब नीति केस में बरी होने के बाद कांग्रेस का तीखा हमला

देवेंद्र यादव ने कहा कि यह मामला देश की राजनीति में दोहरे मापदंड और जांच एजेंसियों के चयनात्मक इस्तेमाल को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि यह मॉडल बताता है कि सत्ता के सामने झुकते ही आरोपों के दाग हल्के पड़ने लगते हैं।

Kejriwal Devendra Yadav
दिल्ली कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar28 Feb 2026 04:38 PM
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Delhi News : दिल्ली की राजनीति में आज (शनिवार) को एक नया सियासी तूफान खड़ा हो गया है। दिल्ली कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने आप पार्टी के संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के शराब नीति मामले में बरी होने पर भाजपा और केजरीवाल दोनों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया है कि गंभीर भ्रष्टाचार के आरोपों के बावजूद, केजरीवाल—भाजपा की 'वॉशिंग मशीन' में धुलकर खुद को पाक-साफ दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।

सत्ता के सामने झुकने से आरोपों के दाग हल्के पड़ते हैं'

देवेंद्र यादव ने कहा कि यह मामला देश की राजनीति में दोहरे मापदंड और जांच एजेंसियों के चयनात्मक इस्तेमाल को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि यह मॉडल बताता है कि सत्ता के सामने झुकते ही आरोपों के दाग हल्के पड़ने लगते हैं। देश में एक खतरनाक प्रवृत्ति विकसित हो रही है, जहां सत्ता के सामने सरेंडर करने पर आरोप कमजोर पड़ते दिखाई देते हैं।

2022 की शिकायत और 'सोम ग्रुप' का कनेक्शन

अपने बयान में कांग्रेस अध्यक्ष ने पिछले रिकॉर्ड को भी खंगाला। उन्होंने याद दिलाया कि 3 जून 2022 को दिल्ली प्रदेश कांग्रेस ने पंजाब के अकाली दल के नेता दीप मल्होत्रा का नाम लेते हुए शराब नीति से जुड़ी गंभीर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि पंजाब में बीजेपी और अकाली दल के संभावित समीकरणों की चर्चा के बीच इस मामले को नजरअंदाज क्यों किया गया? यादव ने आगे जानकारी दी कि 5 सितंबर 2022 को दिल्ली कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल आर्थिक अपराध शाखा के पास गया था। प्रतिनिधिमंडल ने बीजेपी के खाते में शराब घोटाले से जुड़ी कंपनी 'सोम ग्रुप' द्वारा 2 करोड़ रुपये के चंदे से जुड़े दस्तावेज सौंपे थे। उन्होंने आरोप लगाया, "यदि जांच निष्पक्ष होती तो बीजेपी के बड़े नेता और केजरीवाल दोनों कानून के दायरे में होते।"

जांच एजेंसियों पर 'शतरंज का मोहरा' बनने का आरोप

देवेंद्र यादव ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) पर चुनावी जरूरतों से प्रभावित होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "मोदी सरकार जांच एजेंसियों का इस्तेमाल शतरंज के मोहरों की तरह करती है। जहां चुनाव होते हैं, वहीं ईडी और सीबीआई की सक्रियता बढ़ जाती है।" उन्होंने आरोप लगाया कि गुजरात और पंजाब में केजरीवाल का राजनीतिक उपयोग किया जा रहा है, जबकि तमिलनाडु में कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम को परेशान करने की तैयारी इसी रणनीति का हिस्सा है।

शराब नीति पर बौछाने वाले सवाल

कांग्रेस नेता ने दिल्ली की शराब नीति को लेकर केजरीवाल पर कई सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा :

  • यदि अरविंद केजरीवाल पूरी तरह ईमानदार थे, तो अनियमितताओं के संकेत मिलते ही नीति वापस लेकर बदलाव क्यों किया गया?
  • कई मोबाइल फोन और सिम कार्ड नष्ट क्यों किए गए?
  • *कमीशन 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत क्यों किया गया?
  • "एक पर एक फ्री" जैसी योजनाओं का सामाजिक प्रभाव और शराब पीने की आयु कम करने का फैसला किस मंशा से लिया गया?

उन्होंने कहा कि ये सवाल कल्पना पर आधारित नहीं, बल्कि सार्वजनिक रूप से सामने आए तथ्यों पर आधारित हैं।

'कानूनी लड़ाई अभी बाकी, जनता की अदालत में दोषी'

राउज एवेन्यू कोर्ट के फैसले और सीबीआई द्वारा ठोस सबूत न पेश करने के मुद्दे को उठाते हुए यादव ने कहा कि यह निचली अदालत का फैसला है। उन्होंने कहा कि अतीत में दिल्ली हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित मामलों में गंभीर टिप्पणियां की हैं और देखना बाकी है कि यह फैसला उच्च अदालतों में कितना टिक पाता है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने साफ किया कि कानूनी प्रक्रिया अभी समाप्त नहीं हुई है और कांग्रेस पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्ष जांच की मांग पर अडिग है। उन्होंने कहा, "सबसे बड़ी अदालत जनता की अदालत है, जहां केजरीवाल पहले ही दोषी साबित हो चुके हैं।" Delhi News

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आबकारी नीति मामले में राहत के बाद आप पार्टी का तगड़ा हमला

प्रतिक्रिया देते हुए आप पार्टी ने कहा कि इस ऐतिहासिक फैसले ने मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा की झूठ और राजनीतिक दुश्मनी पर आधारित गंदी राजनीति को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है। पार्टी ने आरोप लगाया, "वे अपने उन राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को खत्म करना चाहते थे।

Aap Party keriwal cort
कोर्ट ने दिल्ली आबकारी नीति को बताया 'साफ' (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar28 Feb 2026 02:13 PM
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AAP Party : दिल्ली आबकारी नीति मामले में सीबीआई की विशेष अदालत के फैसले के बाद आम आदमी पार्टी (आप) ने बड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला है। पार्टी ने कोर्ट के फैसले को 'ऐतिहासिक' बताते हुए इसे 'सच्चाई की जीत और तानाशाही की हार' करार दिया है। आप का दावा है कि यह मामला पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को जेल भेजने की एक गहरी साजिश थी, जो आज नाकाम हो गई है।

मोदी सरकार और कांग्रेस पर 'तमाचा'

आप पार्टी ने कहा कि तथाकथित दिल्ली आबकारी घोटाला मामले को खारिज करने वाला यह फैसला मोदी सरकार के मुंह पर करारा तमाचा है। पार्टी के प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी को खत्म करने के इरादे से भाजपा के साथ साठगांठ करने वाली कांग्रेस पार्टी के लिए भी यह फैसला झूठा साबित होने वाला है। पार्टी ने कहा, "अदालत का 598 पन्नों का फैसला इस मामले को मुकदमे के लायक भी नहीं मानता। यह पार्टी के उस लगातार स्टैंड को सही साबित करता है कि यह मामला आप पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को जेल भेजने की एक गहरी साजिश थी। अरविंद केजरीवाल और उनके साथियों की ईमानदार छवि को खराब करने की जो हताश कोशिश की गई थी, वह आज नाकाम हो गई है।"

'बेनकाब हुई भाजपा की गंदी राजनीति'

प्रतिक्रिया देते हुए आप पार्टी ने कहा कि इस ऐतिहासिक फैसले ने मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा की झूठ और राजनीतिक दुश्मनी पर आधारित गंदी राजनीति को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है। पार्टी ने आरोप लगाया, "वे अपने उन राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को खत्म करना चाहते थे जिन्हें मोदी और उनके साथी चुनावों या जनता की अदालत में नहीं हरा सकते थे।" केंद्रीय एजेंसियों पर सवाल उठाते हुए आप ने कहा कि कोर्ट के फैसले ने पहले से ही दागदार केंद्रीय एजेंसियों की साख को और भारी ठेस पहुंचाई है। पार्टी ने कहा, "ये एजेंसियां अपने राजनीतिक आकाओं की सेवा करने के लिए अपनी पेशेवर ईमानदारी से पूरी तरह समझौता कर चुकी हैं। आबकारी मामले में सीबीआई पर की गई टिप्पणियों से साफ है कि देश की इस प्रमुख जांच एजेंसी को इतना बदनाम करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।"

कांग्रेस और अधिकारियों पर निशाना

आप पार्टी ने कांग्रेस पर भी कोई नहीं सोचा। पार्टी ने कहा, "अदालत के फैसले से मोदी जी की बीजेपी के साथ-साथ कांग्रेस भी पूरी तरह बेनकाब हो गई है। यह कांग्रेस ही थी जिसने काल्पनिक आरोपों के साथ इस मनगढ़ंत मामले की शुरुआत की थी और आम आदमी पार्टी को राजनीतिक रूप से खत्म करने की गुप्त सहमति के तहत इसे बीजेपी को सौंप दिया गया था।"

इसके अलावा, दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना और पूर्व मुख्य सचिव नरेश कुमार को भी निशाने पर लेते हुए आप ने कहा कि फैसले को पढ़ने से यह साफ हो जाता है कि बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व के गुर्गे बेहद अक्षम साबित हुए। उन्हें बड़े पैमाने पर झूठ गढ़कर अरविंद केजरीवाल सरकार को अस्थिर करने का काम सौंपा गया था, लेकिन उनके द्वारा सीबीआई को परोसा गया झूठ अदालत में आरोप पत्र के संज्ञान की सीमा भी पार नहीं कर सका।

'कोई लाभ नहीं पहुंचाया गया'

आप पार्टी ने अदालत के फैसले का हवाला देते हुए दावा किया कि अदालत ने अपने फैसले में जोर देकर स्पष्ट किया है कि कोई भी आपसी लेन-देन नहीं हुआ था और न ही किसी भी संस्था या व्यक्ति को लाभ पहुंचाने का कोई प्रयास किया गया था। पार्टी ने कहा, "तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल या उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के खिलाफ किसी भी गलत काम से जोड़ने का कोई सबूत नहीं था।" पार्टी ने पुनः इस बात पर जोर दिया कि आम आदमी पार्टी 'कट्टर ईमानदार' है और यह फैसला उनकी ईमानदारी की पुष्टि करता है। AAP Party

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