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दरअसल दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित राजधानी कॉलेज में हिन्दी अकादमी दिल्ली और उर्दू अकादमी के सहयोग से अंजुमन फ़रोग़ ए उर्दू दिल्ली द्वारा पद्मश्री बेकल उत्साही की जयंती पर भव्य कवि सम्मेलन और मुशायरे का आयोजन किया। इस अवसर पर सभी कवियों / शायरों और वक्ताओं ने बेकल उत्साही जी को याद किया, और अपने संस्मरण साझा किए। बेकल उत्साही साहब की बेटियां डॉ सोफिया और आरिफ़ा उत्साही सहित अनेक परिजन और चाहने वाले उपस्थित रहे। आरिफ़ा उत्साही ने अपने पिताश्री बेकल उत्साही जी की याद में किए गए इस समारोह के आयोजन पर आयोजक संस्थाओं का आभार व्यक्त करते हुए बहुत ही मार्मिक वक्तव्य दिया। वरिष्ठ शायर दीक्षित दनकौरी की अध्यक्षता में, मोईन शादाब के शानदार मंच संचालन में सभी आमंत्रित शायरों और कवियों ने काव्य पाठ करके हॉल में उपस्थित सभी काव्य प्रेमी श्रोताओं को रसिक्त कर दिया। काव्य पाठ करने वालों में अरविंद असर, अलका शरर, जावेद क़मर, शाहिद अंजुम, डॉ.चेतन आनंद, मोइन शादाब, संतोष सिंह, गार्गी कौशिक, शशि पांडेय, मोनिका शर्मा ने और रविन्द्र रफ़ीक ने शानदार काव्यपाठ किया। मुख्य अतिथि के रूप में शशि गर्ग सीए उपस्थित रहे। राजधानी कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर दर्शन पांडेय ने सभी आमंत्रित कवियों, अतिथियों और कार्यक्रम में पधारे सभी आगंतुकों का स्वागत किया। अनिल मीत, हशमत भारद्वाज, डॉ खुर्रम 'नूर' साहब, पूनम मल्होत्रा, कार्यक्रम समन्वयक प्रोफेसर जसवीर त्यागी, प्रोफेसर सुमन, प्रोफेसर जितेंद्र कुमार सहित अनेक साहित्य प्रेमी श्रोता और विद्यार्थी उपस्थित थे।