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Delhi Hotel Fire: अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या लाइसेंसिंग और सुरक्षा नियमों के किसी उल्लंघन के कारण इस त्रासदी का दायरा इतना बड़ा हो गया।

Delhi Hotel Fire: दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर में स्थित एक होटल 'फ्लोरिश स्टे B&B' में बुधवार को लगी आग में कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई। आरोप है कि यह B&B अपनी तय क्षमता से कहीं ज़्यादा लोगों को ठहरा रहा था।
हिंदुस्तानटाइम्स.कॉम के मुताबिक अधिकारियों ने बताया कि इस जगह को सिर्फ़ छह कमरों के लिए मंज़ूरी मिली हुई थी, लेकिन यहाँ 24 कमरे चलाए जा रहे थे।
रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के एक सूत्र के अनुसार, दिल्ली टूरिज्म डिपार्टमेंट ने 'बेड-एंड-ब्रेकफ़ास्ट' योजना के तहत इस प्रॉपर्टी में केवल छह कमरों के लिए अनुमति दी थी। हालांकि, आरोप है कि यह होटल 24 कमरे चला रहा था। ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफ़ॉर्म पर भी बुकिंग के लिए 24 कमरे उपलब्ध दिखाए जा रहे थे।
अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या लाइसेंसिंग और सुरक्षा नियमों के किसी उल्लंघन के कारण इस त्रासदी का दायरा इतना बड़ा हो गया।
बुधवार सुबह 8.48 पर लगी आग
पीटीआई के मुताबिक दिल्ली फायर सर्विस (डीएफएस) के अनुसार, आज सुबह 8:48 बजे मालवीय नगर स्थित ‘फ्लरिश स्टे बेड एंड ब्रेकफास्ट (बी एंड बी) होटल’ में आग लगने की सूचना मिली थी। लोकल पुलिस कर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे। लोगों को बाहर निकालने और राहत कार्य शुरू किया।
अधिकारियों ने बताया कि मृतकों में कई विदेशी नागरिक भी शामिल हैं, जिनमें अधिकतर लोग पश्चिम एशियाई और अफ्रीकी देशों के निवासी हैं।
अधिकारियों के मुताबिक पहले यह जानकारी दी गई थी कि आग सुबह करीब 8.45 बजे लेमन ग्रीन रेस्तरां में लगी थी। हालांकि बाद में पुलिस ने स्पष्ट किया कि आग मालवीय नगर के भीड़भाड़ वाले हौज रानी क्षेत्र स्थित ‘फ्लोरिश स्टे बी एंड बी’ गेस्ट हाउस में लगी।
इमारत में एक बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और पाँच ऊपरी मंज़िलें थीं।
बताया जा रहा है कि B&B में रुके हुए लोगों में से कई लोग आस-पास के अस्पतालों में इलाज करवा रहे मरीज़ों के रिश्तेदार थे।
लोग जान बचान के लिए ऊपर से कूदे
हौज़ रानी गाँव के एक चश्मदीद वसीम राज ने कहा, "आग सुबह करीब 8:50 बजे लगी... हम तुरंत मौके पर पहुंचे और देखा कि पूरी इमारत आग की लपटों में घिरी हुई थी। कोने में गद्दों की एक दुकान है, जहां से हमने गद्दे निकालकर सड़क पर बिछा दिए। लोग इमारत की दूसरी और तीसरी मंज़िल से कूदने लगे। दमकल की टीम तुरंत मौके पर पहुँच गई और बचाव कार्य शुरू कर दिया।"
'इमारतों में हवा के आने-जाने का इंतजाम नहीं'
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक स्थानीय निवासी और घटना के चश्मदीद गिरिराज प्रजापति (40) बताया, "दुर्भाग्य से, यहां की कई इमारतें इसी तरह से बनी हुई हैं—जिनमें हवा आने-जाने का कोई इंतज़ाम नहीं है। मुझे लगता है कि इसी वजह से आग इतनी तेज़ी से फैल गई। लोग ऊपरी मंज़िलों से गद्दों पर कूद रहे थे, क्योंकि पूरी इमारत धुएँ से भर चुकी थी," ने कहा। वे वहीं के रहने वाले हैं और आग लगने के समय घटनास्थल पर ही मौजूद थे।
बांग्लादेश के रहने वाले लॉ ग्रेजुएट हैं और अपनी माँ के इलाज के लिए दिल्ली आए मिन्हाज़ुल हसन (26) ने बताया, "मेरी मां की आज सुबह घुटने बदलने की सर्जरी होनी थी, इसलिए मैं, मेरी मां और मेरा भाई पिछले पांच दिनों से यहां रुके हुए थे। मैं अस्पताल में उनके साथ था, शुक्र है कि आग लगने से दस मिनट पहले ही मेरा भाई बिल्डिंग से बाहर निकल गया था। हालांकि, हमारे सभी पासपोर्ट और सामान अंदर ही रह गए हैं, और हमें चिंता है कि वे जल गए होंगे।" वे बांग्लादेश के रहने वाले लॉ ग्रेजुएट हैं और अपनी माँ के इलाज के लिए दिल्ली आए थे।
हसन ने आगे कहा, "बिल्डिंग में हवा आने-जाने का सही इंतज़ाम नहीं था, क्योंकि वहां कोई खिड़की नहीं थी—यहां तक कि बाथरूम में भी नहीं।"
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