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Malviya Nagar Fire : आरोपी को गुरुवार को अदालत में पेश किए जाने की संभावना है।

Delhi Hotel Fire: दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे होटल में बुधवार सुबह लगी आग ने 21 लोगों की जान ले ली। मृतकों में 12 विदेशी थे। पुलिस ने होटल के मालिक लवेकश बजाज को गिरफ्तार कर लिया है।
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक आरोपी लवकेश बजाज ने दिल्ली पुलिस से पूछताछ के दौरान बताया कि उसके पास खुद जाकर उस जगह का इंतज़ाम देखने या निगरानी करने का समय नहीं था। बजाज ने दावा किया कि उसने होटल के रोज़मर्रा के कामकाज की ज़िम्मेदारी किसी दूसरे व्यक्ति को सौंप दी थी, जो बिलिंग, हिसाब-किताब और पूरे इंतज़ाम को संभाल रहा था।
बजाज ने कथित तौर पर जांचकर्ताओं को यह भी बताया कि कमरे का साइज़ बढ़ाने और कुछ बदलाव करने जैसे ढांचागत बदलावों का सुझाव किसी दूसरे व्यक्ति ने दिया था; उस व्यक्ति ने भरोसा दिलाया था कि इस तरह के इंतज़ाम "आम बात" हैं और "दिल्ली में सब कुछ चलता है।"
पूछताछ के दौरान, बजाज ने यह भी माना कि उस जगह के पास फायर NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) नहीं था।
आरोपी को गुरुवार को अदालत में पेश किए जाने की संभावना है; दिल्ली पुलिस उसके दावों की पुष्टि करने और अन्य व्यक्तियों व उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने के लिए आगे की पूछताछ हेतु उसकी पुलिस रिमांड की मांग कर सकती है।
गैर अदातन हत्या समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज
एएनआई के मुताबिक दिल्ली के मालवीय नगर पुलिस स्टेशन में BNS की धाराओं 105 (गैर-इरादतन हत्या), 326(g) (आग लगाकर संपत्ति/परिसर को नुकसान पहुंचाना), 324(5) (किसी संपत्ति या व्यक्ति को जानबूझकर नुकसान पहुंचाना), 125(a) और 125(b) (दूसरों के जीवन या सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कार्य; लापरवाही या खतरनाक आचरण जो मानव जीवन के लिए खतरा पैदा करता है) और 287 (आग या ज्वलनशील पदार्थों के संबंध में लापरवाही; आग, ज्वलनशील सामग्री या खतरनाक पदार्थों के उपयोग में लापरवाही बरतना) के तहत एक FIR दर्ज की गई है।
होटल मालिक लवकेश बजाज की गिरफ्तारी के बाद, दिल्ली पुलिस अब होटल मैनेजर की तलाश में विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर रही है।
6 कमरों की मंजूरी बना लिए 24
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक आरोप है कि मालवीय नगर में स्थित होटल 'फ्लोरिश स्टे B&B' अपनी तय क्षमता से कहीं ज़्यादा लोगों को ठहरा रहा था। इस जगह को सिर्फ़ छह कमरों के लिए मंज़ूरी मिली हुई थी, लेकिन यहां 24 कमरे चलाए जा रहे थे। यह भी आरोप लग रहे हैं कि होटल में हवा के आने जाने का कोई प्रबंध नहीं था।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बांग्लादेश के रहने वाले लॉ ग्रेजुएट हैं और अपनी माँ के इलाज के लिए दिल्ली आए मिन्हाज़ुल हसन (26) ने बताया, "मेरी मां की आज सुबह घुटने बदलने की सर्जरी होनी थी, इसलिए मैं, मेरी मां और मेरा भाई पिछले पांच दिनों से यहां रुके हुए थे। मैं अस्पताल में उनके साथ था, शुक्र है कि आग लगने से दस मिनट पहले ही मेरा भाई बिल्डिंग से बाहर निकल गया था। हालांकि, हमारे सभी पासपोर्ट और सामान अंदर ही रह गए हैं, और हमें चिंता है कि वे जल गए होंगे।" वे बांग्लादेश के रहने वाले लॉ ग्रेजुएट हैं और अपनी माँ के इलाज के लिए दिल्ली आए थे।
हसन ने आगे कहा, "बिल्डिंग में हवा आने-जाने का सही इंतज़ाम नहीं था, क्योंकि वहां कोई खिड़की नहीं थी—यहां तक कि बाथरूम में भी नहीं।" Delhi Hotel Fire
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