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दिल्ली में मेट्रो सफर को और आसान और तेज बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। राजधानी में मेट्रो के 7 नए कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया गया है जिनके तहत करीब 97 किलोमीटर लंबा नया नेटवर्क तैयार होगा।

दिल्ली में मेट्रो सफर को और आसान और तेज बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। राजधानी में मेट्रो के 7 नए कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया गया है जिनके तहत करीब 97 किलोमीटर लंबा नया नेटवर्क तैयार होगा। इस प्रोजेक्ट में 65 नए मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे जिससे दिल्ली के कई ऐसे इलाके भी मेट्रो से जुड़ जाएंगे जहां अभी तक यह सुविधा नहीं पहुंच पाई थी। सरकार का कहना है कि इस विस्तार से न सिर्फ सफर आसान होगा बल्कि ट्रैफिक और प्रदूषण को भी कम करने में मदद मिलेगी।
इस नए प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह है कि यह सिर्फ सेंट्रल या पॉश एरिया तक सीमित नहीं है। नरेला, नजफगढ़, मीठापुर और खेड़ा कलां जैसे इलाकों को भी मेट्रो नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। अभी इन जगहों से सेंट्रल दिल्ली तक पहुंचने में लोगों को काफी समय लगता है लेकिन नए रूट बनने के बाद सफर काफी आसान और कम समय में पूरा हो सकेगा। इससे वहां रहने वाले लोगों के लिए नौकरी, पढ़ाई और रोजमर्रा के कामों में बड़ी राहत मिलेगी।
दिल्ली मेट्रो के नए कॉरिडोर शहर के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ने के लिए तैयार किए गए हैं। इनमें धांसा बस स्टैंड से नांगलोई, सेंट्रल सेक्रेट्रिएट से किशनगढ़, समयपुर बादली से नरेला, कीर्ति नगर से पालम, जोरबाग से साकेत/जी-ब्लॉक, शास्त्री पार्क से मयूर विहार फेज-3 और केशवपुरम से रोहिणी सेक्टर-34 तक के रूट शामिल हैं। ये सभी रूट इस तरह डिजाइन किए गए हैं कि लोगों को कम से कम इंटरचेंज करना पड़े और सफर ज्यादा सीधा और सुविधाजनक हो।
दिल्ली में बढ़ते ट्रैफिक की समस्या किसी से छिपी नहीं है। रोजाना घंटों जाम में फंसना आम बात हो गई है। ऐसे में मेट्रो का यह विस्तार लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा। खासकर कीर्ति नगर से पालम और शास्त्री पार्क से मयूर विहार जैसे रूट उन इलाकों को जोड़ेंगे जहां सड़क मार्ग से सफर करना मुश्किल और समय लेने वाला होता है। इससे लोगों का समय बचेगा और सड़क पर वाहनों का दबाव भी कम होगा।
सरकार ने इन नए कॉरिडोर में से चार को प्राथमिकता दी है और कोशिश है कि इन्हें 2029 से पहले पूरा कर लिया जाए। इन प्रोजेक्ट्स की डीपीआर पहले ही तैयार की जा चुकी है और अब कैबिनेट मंजूरी का इंतजार है। बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार भी जल्द ही इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे सकती है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन और राज्य सरकार के बीच इसको लेकर कई अहम बैठकें हो चुकी हैं।
इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 48 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। हालांकि यह रकम बड़ी लग सकती है, लेकिन इसके फायदे लंबे समय तक मिलेंगे। इससे लाखों लोगों का रोज का सफर आसान होगा समय की बचत होगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी। साथ ही जिन इलाकों में मेट्रो पहुंचेगी वहां प्रॉपर्टी की कीमतें और विकास भी तेजी से बढ़ेगा।
दिल्ली मेट्रो पहले ही राजधानी की लाइफलाइन बन चुकी है और अब यह नया विस्तार इसे और मजबूत बनाएगा। नए रूट बनने के बाद शहर के कोने-कोने तक मेट्रो पहुंचने का सपना और करीब आ जाएगा। आने वाले समय में दिल्ली की यात्रा पहले से ज्यादा आसान, तेज और आरामदायक होने वाली है।
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