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Delhi Metro Blue Line : दिल्ली की लाइफलाइन कहे जाने वाली मेट्रो की ब्लू लाइन बुधवार सुबह हांफने लगी। इसी के साथ शुरू हुआ हजारों यात्रियों का ट्रेन पकड़ने के लिए संघर्ष।

Delhi News: दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन पर बुधवार, 24 जून को सुबह के पीक ऑवर में अचानक सिग्नलिंग समस्या के कारण सेवाएं ठप हो गईं। इससे हजारों आम यात्रियों को करीब दो घंटे तक भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ऑफिस जाने की भागदौड़ भरी सुबह में लोग प्लेटफॉर्म पर खचाखच भरी मेट्रो पकड़ने के लिए संघर्ष करते नजर आए। लोगों के परेशान बेबस चेहरे उनके हालात की कहानी बयां कर रहे थे।
मेट्रो प्रशासन ने इस दौरान यात्रियों को कोई ठोस जानकारी देने की जहमत नहीं उठाई। ट्रेन के अंदर सिर्फ “सेवा में देरी” का उद्घोषणा बार-बार सुनाई दे रही थी। कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई कि यह समस्या कब तक जारी रह सकती है ताकि यात्रि बस या अन्य विक्लपों को इस्तेमाल करने की सोचें।
डीएमआरसी ने क्या कहा?
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) का आधिकारिक एक्स अकाउंट सुबह 7:47 बजे जाकर सक्रिय हुआ, जहां सिर्फ इतना बताया गया कि सिग्नलिंग समस्या के कारण ब्लू लाइन प्रभावित है और बाकी लाइनें सामान्य हैं। लगभग एक घंटे बाद 8:41 बजे दूसरा ट्वीट आया कि सेवाएं सामान्य हो गई हैं। लेकिन हकीकत इससे काफी अलग थी। मेट्रो ट्रेनें अभी भी अनियमित अंतराल पर आ रही थीं और खचाखच भरी थीं।
सबसे ज्यादा मार यमुना बैंक इंटरचेंज स्टेशन पर पड़ी। वैशाली और नोएडा की ओर जाने वाले यात्रियों को यहां मेट्रो बदलनी पड़ती है। लंबे इंतजार के बाद जब ट्रेन आती, वह पहले से ही फुल भरी होती। लोग प्लेटफॉर्म पर मिनटों-मिनटों तक खड़े रहकर ठंडी सांसें भरते रहे। सुबह करीब 9:30 बजे जाकर सेवाएं पूरी तरह सामान्य हो सकीं।
सोशल मीडिया पर लोगों ने जाहिर किया गुस्सा
डीएमआरसी के ट्वीट के रिप्लाई में आम लोगों ने अपना गुस्सा जाहिर किया


कब होगा पूर्ण समाधान
यह पहली बार नहीं है। सिग्नलिंग संबंधी दिक्कतें ब्लू लाइन पर लगभग नियमित हो गई हैं, खासकर सुबह और शाम के पीक आवर्स में जब यात्री संख्या सबसे ज्यादा होती है। हर बार यही कहानी दोहराई जाती है—समस्या आती है, देरी होती है, यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ती है और डीएमआरसी बाद में “सामान्य” होने का ऐलान कर देती है।
डीएमआरसी को समझना चाहिए कि मेट्रो दिल्ली-NCR के लाखों आम नागरिकों की लाइफलाइन है, कोई प्रयोगशाला नहीं। बार-बार होने वाली इन खामियों को “सामान्य ट्रेंड” मानकर नजरअंदाज करना यात्रियों के साथ अन्याय है। बेहतर सिग्नलिंग सिस्टम, समय पर सूचना, वैकल्पिक व्यवस्था और जवाबदेही के बिना ये परेशानी जारी रहेगी। डीएमआरसी को अब सिर्फ ट्वीट करने से आगे बढ़कर ठोस कदम उठाने चाहिए, वरना रोज ऑफिस-घर की दौड़ में फंसते आम यात्री इसका खामियाजा उठाते रहेंगे। Delhi News
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