स्वतंत्रता दिवस से पहले दिल्ली-एनसीआर में पतंगबाजी को लेकर दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने आम लोगों के लिए अहम सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है।

New Delhi News : स्वतंत्रता दिवस से पहले दिल्ली-एनसीआर में पतंगबाजी को लेकर दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने आम लोगों के लिए अहम सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। DMRC ने लोगों से अपील की है कि वे एलिवेटेड मेट्रो लाइनों और उनके आसपास पतंग न उड़ाएं। मेट्रो की ओवरहेड इलेक्ट्रिक वायरिंग में पतंग या मांझा फंसने से न केवल मेट्रो परिचालन प्रभावित हो सकता है, बल्कि बिजली के तारों की चपेट में आने से गंभीर हादसा भी हो सकता है। दिल्ली और एनसीआर में 15 अगस्त के आसपास पतंग उड़ाने की पुरानी परंपरा है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग घरों की छतों और खुले स्थानों से पतंग उड़ाते हैं। लेकिन कई रिहायशी इलाकों में एलिवेटेड मेट्रो लाइनें लोगों के घरों के काफी नजदीक से गुजरती हैं। ऐसे में पतंग की डोर के मेट्रो के बिजली के तारों तक पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है। DMRC ने इसी जोखिम को देखते हुए लोगों से सहयोग करने की अपील की है।
New Delhi News
दिल्ली मेट्रो की एलिवेटेड लाइनों पर ट्रेनों को बिजली देने के लिए 25,000 वोल्ट के ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE) तार लगे होते हैं। ये तार हमेशा ऊंचे वोल्टेज पर रहते हैं। यदि पतंग की डोर या मांझा इन तारों के संपर्क में आता है तो यह बेहद खतरनाक स्थिति पैदा कर सकता है। DMRC के मुताबिक OHE से सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से संपर्क जानलेवा साबित हो सकता है। खासकर धातु या बिजली का संचालन करने वाले मांझे के मामले में जोखिम और बढ़ जाता है। इसलिए मेट्रो लाइन के आसपास पतंग उड़ाना केवल मेट्रो सेवा के लिए खतरा नहीं है, बल्कि पतंग उड़ाने वाले व्यक्ति की जान के लिए भी गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। लोगों को यह समझना जरूरी है कि केवल तार को हाथ से छूना ही खतरनाक नहीं है। किसी ऐसी वस्तु के माध्यम से भी विद्युत संपर्क बन सकता है, जो बिजली का संचालन करती हो। इसी वजह से मेट्रो के बिजली वाले हिस्से से पर्याप्त दूरी बनाए रखना जरूरी है।
New Delhi News
पतंग की डोर अगर मेट्रो के OHE सिस्टम में फंस जाती है तो इसका असर सीधे ट्रेन संचालन पर पड़ सकता है। डोर OHE तारों में उलझ सकती है या चलती ट्रेन के पैंटोग्राफ में फंस सकती है। पैंटोग्राफ वह उपकरण है, जिसके जरिए ट्रेन ऊपर लगे बिजली के तारों से विद्युत आपूर्ति प्राप्त करती है। पतंग की डोर फंसने पर OHE में ट्रिपिंग हो सकती है। इसके अलावा पैंटोग्राफ या ट्रेन के दूसरे हिस्सों को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। ऐसी स्थिति में प्रभावित हिस्से पर मेट्रो सेवा रोककर पहले डोर को हटाना और व्यवस्था को सुरक्षित करना पड़ सकता है। इससे यात्रियों को देरी और सेवा में व्यवधान का सामना करना पड़ सकता है। यानी एक छोटी सी पतंग की डोर सैकड़ों या हजारों यात्रियों की यात्रा प्रभावित कर सकती है।
New Delhi News
DMRC ने दिल्ली-एनसीआर के लोगों से साफ तौर पर कहा है कि एलिवेटेड मेट्रो लाइन के आसपास पतंग न उड़ाएं। खासकर उन रिहायशी इलाकों में सावधानी बरतने की जरूरत है, जहां मेट्रो लाइन घरों और इमारतों के नजदीक से गुजरती है। मेट्रो प्रशासन ने लोगों से कहा है कि वे पतंगबाजी का आनंद ऐसे खुले स्थानों पर लें, जो मेट्रो के बुनियादी ढांचे से पर्याप्त दूरी पर हों। इससे पतंग उड़ाने वालों के साथ-साथ मेट्रो यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकेगी।
New Delhi News
DMRC ने बताया है कि पतंगों से होने वाली संभावित परेशानी से निपटने के लिए उसका अपना निगरानी और त्वरित कार्रवाई तंत्र मौजूद है। पतंगबाजी के दौरान ऐसे स्थानों पर विशेष टीमें तैनात की जाती हैं, जहां पतंग की डोर मेट्रो के OHE सिस्टम में फंसने की संभावना अधिक रहती है। यदि मेट्रो ढांचे के आसपास पतंग की डोर दिखाई देती है तो कर्मचारी उसे जल्द से जल्द हटाने की कोशिश करते हैं। इसके साथ ही ट्रेन ऑपरेटरों और स्टेशन स्टाफ को भी इस अवधि में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। DMRC ने पिछले वर्षों में भी पतंगों के कारण होने वाली OHE ट्रिपिंग को कम करने के लिए कई तकनीकी और परिचालन उपाय किए हैं। 2025 में मेट्रो ने बताया था कि अगस्त में पतंग की डोर से जुड़ी सेवा बाधित होने की घटनाएं 2021 के 102 मामलों से घटकर 2025 में 11 रह गई थीं।
New Delhi News
DMRC के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में मेट्रो नेटवर्क करीब 416 किलोमीटर तक फैला हुआ है। नेटवर्क के बड़े हिस्से में एलिवेटेड ट्रैक हैं, जहां ट्रेनों को बिजली देने के लिए OHE सिस्टम का इस्तेमाल होता है। इतने बड़े नेटवर्क पर रोजाना बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं। ऐसे में किसी एक स्थान पर OHE से जुड़ी तकनीकी समस्या का असर यात्रियों की आवाजाही पर पड़ सकता है।
New Delhi News
स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली में पतंगबाजी विशेष रूप से लोकप्रिय है। 15 अगस्त के आसपास बड़ी संख्या में लोग सुबह से लेकर शाम तक छतों और खुले स्थानों से पतंग उड़ाते हैं। इसी वजह से मेट्रो प्रशासन के लिए यह अवधि अतिरिक्त सतर्कता वाली होती है। पतंग की संख्या बढ़ने के साथ मेट्रो लाइन के पास डोर के पहुंचने की संभावना भी बढ़ जाती है। यदि डोर OHE में फंसती है तो बिजली आपूर्ति बाधित होने के साथ ट्रेन संचालन पर असर पड़ सकता है। इसलिए DMRC ने लोगों से अपील की है कि स्वतंत्रता दिवस का उत्सव जरूर मनाएं, लेकिन मेट्रो लाइन से सुरक्षित दूरी बनाकर ही पतंग उड़ाएं।
New Delhi News
पतंग उड़ाते समय केवल मेट्रो लाइन से दूरी ही नहीं, बल्कि इस्तेमाल किए जाने वाले मांझे को लेकर भी सावधानी जरूरी है। धातु या बिजली का संचालन करने वाला मांझा बिजली के तारों के संपर्क में आने पर बेहद खतरनाक हो सकता है। DMRC की एडवाइजरी का मूल संदेश यही है कि पतंगबाजी सुरक्षित स्थान पर की जाए और मेट्रो के बिजली वाले बुनियादी ढांचे से किसी भी तरह का संपर्क न होने दिया जाए। इससे स्वतंत्रता दिवस पर पतंगबाजी का उत्साह भी बना रहेगा और मेट्रो सेवाएं भी बिना बाधा चलती रहेंगी।
New Delhi News
विज्ञापन