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वहीं, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में भी इन दो दिनों के दौरान ठंड का असर महसूस होगा। पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 11 से 14 नवंबर तक तापमान में लगातार गिरावट के चलते ठंड बढ़ सकती है।

राजधानी दिल्ली में ठंड के साथ वायु प्रदूषण ने भयावह रूप ले लिया है। राजधानी और एनसीआर के 35 से अधिक क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 के पार पहुंच गया है, जो रेड अलर्ट के दायरे में आता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह हवा लोगों की सेहत के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रही है। सांस फूलना, आंखों में जलन और लगातार खांसी जैसी समस्याएं आम हो गई हैं, जिससे शहरवासी मुश्किल में हैं। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक घने कोहरे और शीतलहर का चेतावनी अलर्ट जारी किया है। आज दिल्ली का अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम 11 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। ठंडी हवाओं और प्रदूषण की यह घातक मिली-जुली स्थिति राजधानीवासियों के लिए चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
दिल्ली-एनसीआर के कुछ इलाके इस समय हवा की खतरनाक स्थिति में हैं। सबसे ज्यादा प्रदूषण बवाना (AQI 462) और वजीरपुर (AQI 460) में दर्ज किया गया। इसके अलावा अलीपुर 434, आनंद विहार 442, अशोक विहार 435, आया नगर 426, बुराड़ी क्रॉसिंग 442, चांदनी चौक 412, मथुरा रोड 447, करणी सिंह 437, द्वारका-सेक्टर 8 445, आईटीओ 441, जहांगीरपुरी 448, जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम 434, मुंडका 450 और पंजाबी बाग 451 जैसे इलाके AQI 400 से ऊपर हैं। नोएडा में AQI 413, गुरुग्राम में 331 और गाजियाबाद में 386 रिकॉर्ड किया गया है, जो हवा की गंभीरता को दर्शाता है। हालांकि, AQI.इन की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली की असलियत इससे भी भयावह है और राजधानी का वास्तविक AQI 717 तक पहुंच चुका है। इस हवा में रहना किसी चुनौती से कम नहीं, और स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
उत्तराखंड में अगले 14 नवंबर तक मौसम शुष्क रहने का अनुमान है, लेकिन ठंड का असर लगातार बढ़ रहा है। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा, मंडी, सोलन और हमीरपुर में तापमान लगातार गिर रहा है और कई इलाकों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। सुबह की ठंडी हवाओं ने शहरवासियों की नींद उड़ा दी है, जबकि दिन में हल्की धूप भी ठंड से राहत देने में असफल साबित हो रही है। इस मौसम में पहाड़ी इलाकों में रहने वालों को गर्म कपड़ों और सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में 11 और 12 नवंबर को शीतलहर चलने की संभावना है। वहीं, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में भी इन दो दिनों के दौरान ठंड का असर महसूस होगा। पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 11 से 14 नवंबर तक तापमान में लगातार गिरावट के चलते ठंड बढ़ सकती है। इसके अलावा, झारखंड और ओडिशा में 12 नवंबर को ठंड के चरम स्तर तक पहुँचने की संभावना जताई गई है। इस मौसम में बाहरी गतिविधियों पर असर पड़ सकता है, इसलिए लोगों को गर्म कपड़ों और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में अगले पांच दिनों तक तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, जिससे मौसम अपेक्षाकृत स्थिर बना रहेगा। वहीं, महाराष्ट्र और गुजरात में भी तापमान स्थिर रहने का अनुमान है। तेलंगाना में अगले 2-3 दिनों के दौरान तापमान में 3-4 डिग्री की गिरावट देखने को मिल सकती है। दक्षिण भारत में मौसम का मिजाज कुछ अलग है। केरल, माहे और लक्षद्वीप में भारी बारिश की संभावना है, जबकि तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में गरज और बिजली गिरने के साथ बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है। इस मौसम में दक्षिणी राज्यों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने और यात्रा में सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
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