दिल्ली-NCR में GRAP-1 की पाबंदियों के बीच निर्माण और कचरे पर सख्ती होगी। ऊंची इमारतों में एंटी-स्मॉग गन, सड़क की धूल और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर जानें पूरी जानकारी।

Delhi News : दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के पहले चरण यानी GRAP-1 की पाबंदियां लागू कर दी गई हैं। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के खराब श्रेणी में पहुंचने के बाद प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर निगरानी और सख्ती बढ़ाने की तैयारी है। निर्माण स्थलों से निकलने वाली धूल, खुले में कचरा जलाने और सड़कों पर उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करना इस कार्रवाई के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है।
GRAP-1 लागू होने के बाद दिल्ली-NCR में निर्माण और तोड़फोड़ से होने वाले धूल प्रदूषण को रोकने पर विशेष जोर रहेगा। निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के उपायों, सामग्री को ढककर रखने और मलबे के उचित निस्तारण जैसे नियमों का पालन सुनिश्चित करना जरूरी होगा। खुले में कचरा जलाने और सड़कों पर धूल उड़ने की समस्या को रोकने के लिए भी संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी बढ़ेगी। दिल्ली में ऊंची इमारतों पर एंटी-स्मॉग गन अनिवार्य किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। इन उपकरणों का उद्देश्य हवा में मौजूद धूल के कणों को कम करने में मदद करना है। हालांकि, इनके इस्तेमाल की विस्तृत शर्तों और लागू होने वाली इमारतों के दायरे की पुष्टि संबंधित आधिकारिक आदेश से की जानी चाहिए। Delhi News
दिल्ली सरकार में वन एवं पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि दिल्ली की सड़कों से धूल कम करना सरकार की दीर्घकालिक योजना का अहम हिस्सा है। इसके तहत सड़कों की बेहतर सतह, नियमित रखरखाव और धूल नियंत्रण के उपायों पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने सभी सड़कों को चरणबद्ध तरीके से बेहतर बनाने की योजना का भी उल्लेख किया। इसके साथ ही पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहनों पर निर्भरता कम करके इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की बात कही गई। दिल्ली और व्यापक NCR क्षेत्र में प्रदूषण फैलाने वाले ईंधन-आधारित उद्योगों को लेकर भी सरकार ने कार्रवाई और स्थानांतरण की दीर्घकालिक योजना का जिक्र किया है। इन प्रस्तावों के क्रियान्वयन, समयसीमा और दायरे की जानकारी आधिकारिक नीति और आदेशों से स्पष्ट होगी। Delhi News
GRAP (Graded Response Action Plan) यानी ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान वायु प्रदूषण बढ़ने पर चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाने वाले उपायों की व्यवस्था है। इसका पहला चरण AQI के खराब स्तर पर पहुंचने पर लागू किया जाता है। इसका उद्देश्य प्रदूषण को और गंभीर होने से रोकना तथा धूल, कचरे और अन्य प्रदूषणकारी गतिविधियों पर नियंत्रण बढ़ाना है। GRAP-1 का असर मुख्य रूप से निर्माण स्थलों, सड़क रखरखाव, कचरा प्रबंधन और प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों की निगरानी पर दिखाई दे सकता है। आम लोगों के लिए भी खुले में कचरा नहीं जलाना, निजी वाहनों का अनावश्यक इस्तेमाल कम करना और प्रदूषण नियंत्रण संबंधी निर्देशों का पालन करना उपयोगी होगा। दिल्ली-NCR में प्रदूषण की स्थिति पर आने वाले दिनों में निगरानी अहम रहेगी। GRAP-1 के उपाय कितने प्रभावी साबित होते हैं, यह वायु गुणवत्ता के अगले आंकड़ों और संबंधित एजेंसियों की कार्रवाई से स्पष्ट होगा। Delhi News
दिल्ली सरकार में वन एवं पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पिछले 10 से 12 वर्षों से दिल्ली की हवा गंभीर प्रदूषण की समस्या से जूझ रही है। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार पर आरोप लगाया कि उसने प्रदूषण के लिए पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान को जिम्मेदार ठहराया, लेकिन समस्या के समाधान के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए। सिरसा के अनुसार, मौजूदा सरकार प्रदूषण से निपटने के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों तरह के उपायों पर काम कर रही है। उनके बयान के मुताबिक, सरकार का लक्ष्य दिल्ली में प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों पर कार्रवाई करना और सड़क की धूल को नियंत्रित करना है। Delhi News
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