शांति पथ पर खिला रंगों का जादू, NDMC ट्यूलिप फेस्टिवल 2026 का भव्य शुभारंभ
उद्घाटन के बाद अतिथियों ने ट्यूलिप वॉक में भाग लिया और एनडीएमसी द्वारा सजाई गई भव्य प्रदर्शनी का अवलोकन किया। राजधानी के दिल में खिले लाल, पीले, सफेद, गुलाबी और बैंगनी ट्यूलिपों ने दर्शकों को बसंत का सजीव अनुभव कराया।

Tulip Festival 2026 : प्रधानमंत्री क्षेत्र को स्वच्छ, हरित और विश्वस्तरीय बनाने के संकल्प के साथ राजधानी में बसंत का स्वागत ट्यूलिप उत्सव के रंगों से हुआ। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) द्वारा आयोजित 'ट्यूलिप फेस्टिवल 2026' का भव्य शुभारंभ शांति पथ, चाणक्यपुरी में हुआ। इस अवसर पर एनडीएमसी के अध्यक्ष केशव चंद्रा और उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने नीदरलैंड साम्राज्य की राजदूत मारिसा गेरार्ड्स की गरिमामयी उपस्थिति में इस रंगारंग उत्सव का शुभारंभ किया। इस दौरान परिषद सदस्य अनिल वाल्मीकि सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
प्रकृति और विरासत का अनूठा संगम
उद्घाटन के बाद अतिथियों ने ट्यूलिप वॉक में भाग लिया और एनडीएमसी द्वारा सजाई गई भव्य प्रदर्शनी का अवलोकन किया। राजधानी के दिल में खिले लाल, पीले, सफेद, गुलाबी और बैंगनी ट्यूलिपों ने दर्शकों को बसंत का सजीव अनुभव कराया। अध्यक्ष केशव चंद्रा ने बताया कि ट्यूलिप के इतिहास और शांति पथ के आसपास स्थित ऐतिहासिक स्थलों की जानकारी को भी प्रदर्शनी का हिस्सा बनाया गया है, जो दर्शकों को प्रकृति और विरासत के अनूठे संगम को दर्शा रही है।
17 हजार से बढ़कर 5 लाख बल्बों तक का सफर
उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने जानकारी देते हुए कहा कि वर्ष 2017-18 में केवल 17 हजार बल्बों के परीक्षण रोपण से शुरू हुई यह पहल आज एक विशाल वार्षिक आयोजन बन चुकी है। इस वर्ष कुल 5,17,500 ट्यूलिप बल्ब मंगाए गए हैं, जिनमें से 3,25,000 बल्ब एनडीएमसी और 1,92,500 बल्ब दिल्ली विकास प्राधिकरण के लिए हैं। इनमें से लगभग 2,25,000 बल्ब सेंट्रल पार्क, लोधी गार्डन, मंडी हाउस, सरदार पटेल मार्ग और उपराष्ट्रपति भवन के निकट स्थित गोल चक्करों पर लगाए गए हैं।
आम नागरिकों के लिए खास मौका
लगातार दूसरी बार एनडीएमसी ने एक लाख ट्यूलिप गमले आम जनता के लिए बिक्री हेतु उपलब्ध कराए हैं। ये गमले शांति पथ लॉन, लोधी गार्डन, नेहरू पार्क, तालकटोरा गार्डन, सेंट्रल पार्क और एनडीएमसी की नर्सरियों में बिक्री के लिए रखे गए हैं। अध्यक्ष ने नागरिकों से अपील की कि वे परिवार सहित इस प्राकृतिक उत्सव का हिस्सा बनें और प्रदर्शनी देखें।
भारत-नीदरलैंड मित्रता का प्रतीक
राजदूत मारिसा गेरार्ड्स ने अपने संबोधन में कहा कि ट्यूलिप की यात्रा मध्य एशिया से उस्मानी साम्राज्य और फिर नीदरलैंड तक पहुंची, जो भारत और नीदरलैंड के बीच बढ़ती मित्रता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि एशिया में दोबारा खिले ये डच ट्यूलिप साझा इतिहास, व्यापार और जन-से-जन संबंधों की मजबूती को दर्शाते हैं।
विकसित भारत के विजन से जुड़ा आयोजन
चहल ने बताया कि यह आयोजन 'विकसित भारत' के विजन का हिस्सा है और नई दिल्ली की पहचान को नई ऊंचाई दे रहा है। वर्तमान में चल रहे 'भारत एआई इम्पैक्ट समिट' जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के दौरान यह उत्सव विशेष आकर्षण का केंद्र बना है, जहां बड़ी संख्या में विदेशी प्रतिनिधि और पर्यटक पुष्प सज्जाओं को देखने पहुंच रहे हैं। एनडीएमसी का यह प्रयास शहरी हरियाली को बढ़ावा देने की एक दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। Tulip Festival 2026
Tulip Festival 2026 : प्रधानमंत्री क्षेत्र को स्वच्छ, हरित और विश्वस्तरीय बनाने के संकल्प के साथ राजधानी में बसंत का स्वागत ट्यूलिप उत्सव के रंगों से हुआ। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) द्वारा आयोजित 'ट्यूलिप फेस्टिवल 2026' का भव्य शुभारंभ शांति पथ, चाणक्यपुरी में हुआ। इस अवसर पर एनडीएमसी के अध्यक्ष केशव चंद्रा और उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने नीदरलैंड साम्राज्य की राजदूत मारिसा गेरार्ड्स की गरिमामयी उपस्थिति में इस रंगारंग उत्सव का शुभारंभ किया। इस दौरान परिषद सदस्य अनिल वाल्मीकि सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
प्रकृति और विरासत का अनूठा संगम
उद्घाटन के बाद अतिथियों ने ट्यूलिप वॉक में भाग लिया और एनडीएमसी द्वारा सजाई गई भव्य प्रदर्शनी का अवलोकन किया। राजधानी के दिल में खिले लाल, पीले, सफेद, गुलाबी और बैंगनी ट्यूलिपों ने दर्शकों को बसंत का सजीव अनुभव कराया। अध्यक्ष केशव चंद्रा ने बताया कि ट्यूलिप के इतिहास और शांति पथ के आसपास स्थित ऐतिहासिक स्थलों की जानकारी को भी प्रदर्शनी का हिस्सा बनाया गया है, जो दर्शकों को प्रकृति और विरासत के अनूठे संगम को दर्शा रही है।
17 हजार से बढ़कर 5 लाख बल्बों तक का सफर
उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने जानकारी देते हुए कहा कि वर्ष 2017-18 में केवल 17 हजार बल्बों के परीक्षण रोपण से शुरू हुई यह पहल आज एक विशाल वार्षिक आयोजन बन चुकी है। इस वर्ष कुल 5,17,500 ट्यूलिप बल्ब मंगाए गए हैं, जिनमें से 3,25,000 बल्ब एनडीएमसी और 1,92,500 बल्ब दिल्ली विकास प्राधिकरण के लिए हैं। इनमें से लगभग 2,25,000 बल्ब सेंट्रल पार्क, लोधी गार्डन, मंडी हाउस, सरदार पटेल मार्ग और उपराष्ट्रपति भवन के निकट स्थित गोल चक्करों पर लगाए गए हैं।
आम नागरिकों के लिए खास मौका
लगातार दूसरी बार एनडीएमसी ने एक लाख ट्यूलिप गमले आम जनता के लिए बिक्री हेतु उपलब्ध कराए हैं। ये गमले शांति पथ लॉन, लोधी गार्डन, नेहरू पार्क, तालकटोरा गार्डन, सेंट्रल पार्क और एनडीएमसी की नर्सरियों में बिक्री के लिए रखे गए हैं। अध्यक्ष ने नागरिकों से अपील की कि वे परिवार सहित इस प्राकृतिक उत्सव का हिस्सा बनें और प्रदर्शनी देखें।
भारत-नीदरलैंड मित्रता का प्रतीक
राजदूत मारिसा गेरार्ड्स ने अपने संबोधन में कहा कि ट्यूलिप की यात्रा मध्य एशिया से उस्मानी साम्राज्य और फिर नीदरलैंड तक पहुंची, जो भारत और नीदरलैंड के बीच बढ़ती मित्रता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि एशिया में दोबारा खिले ये डच ट्यूलिप साझा इतिहास, व्यापार और जन-से-जन संबंधों की मजबूती को दर्शाते हैं।
विकसित भारत के विजन से जुड़ा आयोजन
चहल ने बताया कि यह आयोजन 'विकसित भारत' के विजन का हिस्सा है और नई दिल्ली की पहचान को नई ऊंचाई दे रहा है। वर्तमान में चल रहे 'भारत एआई इम्पैक्ट समिट' जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के दौरान यह उत्सव विशेष आकर्षण का केंद्र बना है, जहां बड़ी संख्या में विदेशी प्रतिनिधि और पर्यटक पुष्प सज्जाओं को देखने पहुंच रहे हैं। एनडीएमसी का यह प्रयास शहरी हरियाली को बढ़ावा देने की एक दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। Tulip Festival 2026












