दिल्ली एनसीआर के स्कूलों में प्रदूषण के चलते 2 महीने आउटडोर गेम्स और खेलकूद गतिविधियों पर रोक की सलाह दी गई है। जानें CAQM की एडवाइजरी और बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी जरूरी बातें।

दिल्ली एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण के बीच बच्चों की सेहत को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन यानी CAQM की एडवाइजरी के मुताबिक, दिल्ली एनसीआर के स्कूलों में अगले दो महीनों तक आउटडोर स्पोर्ट्स और खुले मैदान में होने वाली गतिविधियों से बच्चों को दूर रखने की सलाह दी गई है। इसका असर सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में होने वाली खेलकूद गतिविधियों पर पड़ेगा। दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे इलाकों में सर्दियों के दौरान हवा की गुणवत्ता खराब होने की समस्या सामने आती है। ऐसे समय में बच्चों का खुले मैदान में खेलना स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय बन जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए स्कूलों को आउटडोर गतिविधियों को रोकने या उन्हें इनडोर जगहों पर कराने की सलाह दी गई है।
सर्दियों के मौसम में दिल्ली एनसीआर की हवा में प्रदूषण का स्तर बढ़ने के कारण धुंध और स्मॉग की स्थिति बन सकती है। हवा में मौजूद बारीक प्रदूषक कण सांस के जरिए शरीर में पहुंचते हैं। बच्चों के फेफड़े संवेदनशील होने के कारण प्रदूषित हवा में ज्यादा देर तक रहना उनके लिए चिंता का विषय माना जाता है। जब बच्चे खुले मैदान में फुटबॉल, क्रिकेट, बास्केटबॉल या एथलेटिक्स जैसी गतिविधियां करते हैं, तो वे सामान्य समय की तुलना में तेज और गहरी सांस लेते हैं। ऐसे में प्रदूषित हवा के संपर्क में आने की आशंका बढ़ जाती है। बच्चों को इसी स्थिति से बचाने के लिए स्कूलों में आउटडोर स्पोर्ट्स गतिविधियों पर रोक लगाने की बात कही गई है।
CAQM की एडवाइजरी के अनुसार, दिल्ली एनसीआर के स्कूलों में अगले दो महीनों के दौरान मैदान में होने वाली आउटडोर स्पोर्ट्स एक्टिविटीज से बचने को कहा गया है। इनमें फुटबॉल, क्रिकेट, बास्केटबॉल और एथलेटिक्स जैसी खेल गतिविधियां शामिल हैं। इस दौरान स्कूलों में होने वाले एनुअल स्पोर्ट्स मीट और स्पोर्ट्स डे जैसे आयोजनों को भी रोकने की सलाह दी गई है। इसका मकसद बच्चों को प्रदूषित हवा में लंबे समय तक शारीरिक गतिविधि करने से बचाना है।
प्रदूषण के दौरान खुले मैदान में होने वाली मॉर्निंग असेंबली और दूसरी गतिविधियों को लेकर भी स्कूलों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। एनसीसी और एनएसएस परेड जैसी गतिविधियों को खुले मैदान में कराने से बचने या उन्हें इनडोर हॉल में शिफ्ट करने की बात कही गई है। सुबह के समय बच्चों को लंबे समय तक खुले वातावरण में रखने से बचने के लिए स्कूल इन गतिविधियों के आयोजन का तरीका बदल सकते हैं। इस दौरान बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया है।
आउटडोर खेलों पर रोक के दौरान बच्चों को पूरी तरह शारीरिक गतिविधियों से दूर रखने के बजाय इनडोर विकल्पों को बढ़ावा देने की सलाह दी गई है। स्कूल योग, चेस और कैरम जैसी गतिविधियों को अपना सकते हैं। इसके अलावा क्विज और आर्ट जैसी प्रतियोगिताएं भी कराई जा सकती हैं। इस तरह बच्चों की पढ़ाई के साथ उनकी रचनात्मकता और शारीरिक सक्रियता को भी बनाए रखने की कोशिश की जा सकती है। खराब हवा की स्थिति में खुले मैदान की जगह इनडोर गतिविधियां बच्चों के लिए बेहतर विकल्प हो सकती हैं।
दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण बढ़ने के दौरान अभिभावकों को भी बच्चों की सेहत का ध्यान रखने की जरूरत है। बाहर निकलते समय एन-95 मास्क का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही बच्चों को पर्याप्त पानी पिलाने और ताजे फल देने पर ध्यान दिया जा सकता है। शारीरिक रूप से सक्रिय रहने के लिए बच्चे घर के अंदर हल्की स्ट्रेचिंग और योग कर सकते हैं। इससे आउटडोर खेलों पर रोक के दौरान भी उनकी नियमित शारीरिक गतिविधि जारी रह सकती है।
दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण की समस्या खासकर सर्दियों के दौरान बच्चों और अन्य संवेदनशील लोगों के लिए चिंता का विषय बनती है। ऐसे में स्कूलों की आउटडोर गतिविधियों को सीमित करने का उद्देश्य बच्चों को खराब हवा के सीधे संपर्क से बचाना है। अगले दो महीनों के दौरान स्कूलों में आउटडोर खेलों की जगह इनडोर गतिविधियों को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई है। हवा की गुणवत्ता में सुधार होने तक बच्चों को प्रदूषण से बचाने के लिए स्कूल और अभिभावक दोनों स्तर पर सावधानी बरतना महत्वपूर्ण रहेगा।
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