इतिहास को छुएगा विकास: पुरानी दिल्ली को मिलेगी नई रौनक
Delhi News
दिल्ली
चेतना मंच
02 Dec 2025 05:01 AM
Delhi News : दिल्ली के सबसे व्यस्त और ऐतिहासिक बाजारों में शामिल चांदनी चौक और सदर बाजार (Chandni Chowk and Sadar Bazar) की सूरत अब बदलने वाली है। इन बाजारों में लंबे समय से जाम, गंदगी, अतिक्रमण और आपदा प्रबंधन जैसी समस्याएं बनी हुई हैं जिन्हें देखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (CM Rekha Gupta) ने व्यापारियों की एक अहम मांग को गंभीरता से लिया है।
बीते सोमवार को दिल्ली व्यापार महासंघ (DVM) के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और भाजपा व्यापार उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा से मुलाकात कर बाजारों के पुनर्विकास को लेकर एक ठोस प्रस्ताव सौंपा। इस बैठक का नेतृत्वप्रकोष्ठ दिल्ली के संयोजक रमेश खन्ना ने किया।
क्या है व्यापारियों का प्रस्ताव?
चांदनी चौक और सदर बाजार के व्यापारियों ने सुझाव दिया है कि इन बाजारों को स्थायी रूप से स्थानांतरित किए बिना, पास में ही अस्थायी रूप से बसाया जाए, जिससे इन बाजारों का 100 प्रतिशत पुनर्विकास किया जा सके। प्रस्ताव में बताया गया है कि दोनों बाजारों को बहुमंजिला वातानुकूलित दुकानों, चौड़ी सड़कों, लिफ्ट सुविधाओं, खुले स्थानों और आपदा प्रबंधन उपायों के साथ आधुनिक रूप में विकसित किया जा सकता है। ये पूरी योजना पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर आधारित होगी जिससे सरकार और व्यापारियों दोनों को लाभ होगा।
क्यों जरूरी है यह कदम?
दरअसल, कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सुझाव दिया था कि पुरानी दिल्ली के बाजारों को बाहरी इलाकों में शिफ्ट किया जाए, ताकि वहां बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। लेकिन व्यापारियों ने इस प्रस्ताव को खारिज करते हुए कहा कि कोई भी व्यापारी अपनी पुरानी जगह छोड़कर कहीं और नहीं जाना चाहता। इसके बजाय वे चाहते हैं कि उनके मौजूदा बाजार का ही पुनर्विकास हो।
सदर बाजार के लिए विशेष प्रस्ताव
सदर बाजार को लेकर व्यापारी नेताओं ने सुझाव दिया है कि बाजार को अस्थायी रूप से 12 एकड़ में फैले खाली पशुवधशाला की जमीन पर बसाया जाए। इस दौरान मौजूदा बाजार का कायाकल्प किया जा सकता है। यह कदम बाजार की भीड़ को कम करने और व्यवस्था को सुचारु करने में कारगर साबित होगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का रुख
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने व्यापारियों के प्रस्ताव को गंभीरता से लेते हुए हर बिंदु पर चर्चा की और उद्योग मंत्री को इसका कार्यभार सौंपते हुए साफ निर्देश दिए कि पुनर्विकास का काम किसी भी व्यापारी को विस्थापित किए बिना किया जाए। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि ऐतिहासिक और व्यापारिक महत्व को बरकरार रखते हुए इस योजना को आगे बढ़ाया जाएगा।
क्या होंगे इसके फायदे?
जाम, अतिक्रमण और गंदगी की समस्याओं से राहत
बाजारों की ऐतिहासिक पहचान बरकरार रहेगी
व्यापार में वृद्धि और सरकार को बढ़ा राजस्व
आग और आपदाओं से निपटने की बेहतर तैयारी
आधुनिक और सुरक्षित खरीदारी का अनुभव
यह योजना अगर अमल में लाई जाती है तो चांदनी चौक और सदर बाजार को न केवल नई पहचान मिलेगी, बल्कि दिल्ली के शहरी विकास की दिशा में यह एक मिसाल भी बन सकती है। Delhi News