सिसोदिया ने कहा कि ‘कचरी’ एक ‘प्रीमियम’ उत्पाद नहीं है। अगर विसंगति को दूर नहीं किया जाता है, तो इससे गलत बिल बनाने की प्रथा को बढ़ावा मिलेगा और कर चोरी बढ़ेगी।
उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि जीएसटी परिषद की बैठक में पापड़ और कचरी के टैक्स निर्धारण में आई विसंगति को दूर करने की मांग रखी। पापड़ पर जीरो प्रतिशत जीएसटी है, लेकिन कचरी को 18 प्रतिशत टैक्स की श्रेणी में रख दिया गया है। नमकीन, पास्ता, पिज्जा ब्रेड आदि पर पांच प्रतिशत से 12 प्रतिशत टैक्स है तो फिर कचरी पर 18 प्रतिशत रखना गलत था।
सिसोदिया ने बैठक में कहा कि यह एक विसंगति है और इसे जल्द से जल्द दूर किया जाना चाहिए। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की 49वीं बैठक यहां हुई।
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