84 लाख की मर्सिडीज बिकी ढाई लाख में, आखिर जनता से क्या चाहती है दिल्ली सरकार!
Delhi News
दिल्ली
RP Raghuvanshi
01 Dec 2025 06:50 AM
दिल्ली
RP Raghuvanshi
01 Dec 2025 06:50 AM
Delhi News : दिल्ली में 10 से 15 साल पुरानी गाड़ियों को सीज करने और पेट्रोल-डीजल देने से रोकने का जो अभियान 1 जुलाई से शुरू किया गया था अब ठंडे बस्ते में जाता दिख रहा है। दिल्ली सरकार ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) को पत्र लिखकर साफ कर दिया है कि मौजूदा सिस्टम के जरिए यह अभियान तर्कसंगत और व्यावहारिक नहीं है। साथ ही सरकार ने सुझाव दिया है कि यह नीति तभी लागू की जाए जब एनसीआर के सभी राज्यों में एक साथ इसे लागू किया जाए।
कैमरा सिस्टम पर भी उठे सवाल
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि पेट्रोल पंपों पर लगाए गए ANPR कैमरे (जो गाड़ियों के नंबर प्लेट पढ़ते हैं) तकनीकी रूप से सक्षम नहीं हैं। ऐसे में इन कैमरों के सहारे पुरानी गाड़ियों की पहचान कर ईंधन रोकने की योजना प्रभावी नहीं हो सकती। सरकार ने स्पष्ट किया कि बिना मजबूत तकनीकी और कानूनी आधार के यह अभियान अव्यवहारिक है। इस बीच वाहन मालिकों को बड़ी राहत मिल गई है, क्योंकि अभी पुरानी गाड़ियों को सीज करने की कार्रवाई स्थगित कर दी गई है।
पुरानी गाड़ियों पर सियासी घमासान
इस मुद्दे पर भाजपा और आम आदमी पार्टी आमने-सामने आ गई हैं। दिल्ली के मंत्री सिरसा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर AAP सरकार पर आरोप लगाया कि उन्होंने वाहन शोरूम मालिकों के साथ मिलकर यह पूरा "पुरानी गाड़ी सीज" अभियान रचा था, जिससे आम लोगों को आर्थिक नुकसान हो रहा था। उन्होंने उदाहरण दिया कि एक व्यक्ति को मजबूरी में 84 लाख रुपये की मर्सिडीज कार मात्र ढाई लाख रुपये में बेचनी पड़ी।
📩 CAQM को भेजा गया पत्र
दिल्ली सरकार ने CAQM को भेजे पत्र में लिखा है कि गाड़ियों को सीज करना या ईंधन देने से रोकना तब तक लागू न किया जाए, जब तक यह हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे पड़ोसी राज्यों में एकसमान रूप से लागू न हो जाए। सरकार की मांग है कि 1 नवंबर 2025 से जब पूरे एनसीआर में यह नीति लागू होगी, तभी इसे दिल्ली में भी लागू किया जाए।
नवंबर तक होगा फाइनल फैसला
इस घटना से यह साफ है कि फिलहाल पुरानी गाड़ियों पर रोक संबंधी कार्रवाई रोक दी गई है, लेकिन नवंबर में पूरे एनसीआर क्षेत्र में एकसमान नीति लागू होने के बाद ही दिल्ली में इसे फिर से शुरू किया जाएगा। तब तक वाहन मालिकों को राहत जरूर मिल गई है, लेकिन यह मुद्दा चुनावी और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर गरमाया हुआ है। Delhi News