Delhi News : दिल्ली की नव-निर्वाचित मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों ने शुक्रवार को सचिवालय पहुंचकर कार्यभार ग्रहण नहीं किया। इस देरी के कारणों पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। गुरुवार को रेखा गुप्ता के साथ प्रवेश वर्मा, मनजिंदर सिंह सिरसा, पंकज सिंह, रविंदर इंद्रजीत सिंह, कपिल मिश्रा और आशीष सूद ने शपथ ली थी। रेखा गुप्ता अपने मंत्रिमंडल सहयोगियों के साथ दिल्ली सचिवालय पहुंची थी लेकिन आखिरी वक्त पर किसी कारण से उन्होंने फैसला लिया और कार्यभार ग्रहण नहीं किया।
100 दिनों का एक्शन प्लान तैयार किया
भाजपा ने दिल्ली में सत्ता संभालने के बाद 100 दिनों का एक्शन प्लान तैयार किया है, जिसमें यमुना की सफाई, पानी की समस्या का समाधान, परिवहन सुधार और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों को प्राथमिकता दी गई है। आज जल बोर्ड और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के साथ बैठक भी निर्धारित है। लेकिन आज कार्यभार ग्रहण न करने पर अधिकारियों में संशय की स्थिति बनी हुई है। उम्मीद की जा रही है कि कार्यभार ग्रहण करने के बाद एक्शन प्लान को कार्यरूप दिया जाएगा।
मंत्रियों के कमरों में लगी तस्वीरों को लेकर विवाद
मंत्रियों के कमरों में लगी तस्वीरों को लेकर विवाद उठ रहा है। सामान्य प्रशासन विभाग को इन तस्वीरों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। कमरों में आंबेडकर और भगत सिंह की तस्वीरें लगी हुई हैं। इस विवाद के चलते किसी भी मंत्री ने आज कार्यभार ग्रहण नहीं किया गया। गुरुवार शाम को दिल्ली कैबिनेट की पहली बैठक में आयुष्मान योजना को लागू करने और कैग की 14 रिपोर्टों को विधानसभा के पहले सत्र में पेश करने का निर्णय लिया गया।
आतिशी सरकार के सभी निजी स्टाफ को हटाया गया
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पदभार संभालते ही आतिशी सरकार के सभी निजी स्टाफ को हटा दिया है। साथ ही, पूर्व मुख्यमंत्री और मंत्रियों के व्यक्तिगत स्टाफ को भी हटाया गया है। आम आदमी पार्टी की सरकार द्वारा अन्य विभागों में नियुक्त अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने मूल विभागों में लौटने का निर्देश दिया गया है। दिल्ली विधानसभा का पहला सत्र 24 फरवरी से शुरू होगा, जिसमें नए विधायकों का शपथ ग्रहण समारोह होगा। 27 फरवरी को कैग रिपोर्ट सदन में पेश की जाएगी। Delhi News