दिल्ली की इस जगह में गूंज रही खामोशी, दुकान छोड़कर भाग रही महिलाएं
Delhi News
दिल्ली
चेतना मंच
02 Dec 2025 01:11 AM
Delhi News : दिल्ली के जनकपुरी इलाके में बने 'दिल्ली हाट' को 11 साल हो गए हैं, लेकिन अब ये हाट अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। एक समय था जब बाजार रौनक और रंग-बिरंगी दुकानों से गुलजार रहता था वहां अब सन्नाटा पसरा है।120 करोड़ रुपये की लागत से 8 एकड़ जमीन पर बना यह हाट अब वीरान होता जा रहा है। ग्राहक नदारद हैं, दुकानें बंद हो रही हैं और सबसे ज्यादा असर उन महिलाओं पर पड़ रहा है जिन्होंने घर-परिवार संभालते हुए यहां व्यापार की नई शुरुआत की थी।
"अब तो 300 रुपये भी कमाए तो बहुत है..."
एक स्थानीय निवासी का कहना है कि वह पिछले साल तक 70,000 रुपये महीना कमा लेती थीं लेकिन अब अगर 300 रुपये भी बन जाएं तो बड़ी बात है। किराया 10,000 रुपये है, लेकिन बिक्री शून्य। आखिर कब तक अपनी जेब से दें?"
"जिसको रहना है रहे बाकी चले जाएं..."
यह जवाब मिला महिला व्यापारियों को जब उन्होंने प्रबंधन से गुहार लगाई कि इवेंट्स फिर से कराए जाएं ताकि भीड़ लौटे। श्रावली गांगुली बताती हैं कि उन्होंने मेल लिखकर एमडी से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। "अगर ऐसा ही चलता रहा तो जल्द ही ये हाट पूरी तरह से बंद हो जाएगा।" एक व्यापारी का कहना हैं कि, 2016 में जब वे यहां आए थे तब 100 से ज्यादा दुकानें थीं, लेकिन अब सिर्फ 6 दुकानें बची हैं। शनिवार-रविवार को थोड़ा बहुत ग्राहक आ जाते हैं लेकिन बाकी दिन तो पूरी तरह सन्नाटा रहता है।"
महिला व्यापारी कहां जाएं?
यह हाट उन महिलाओं के लिए आशा की किरण थी जो आत्मनिर्भर बनना चाहती थीं। अब वही महिलाएं अपनी दुकानों पर बैठी खाली नजरों से राह तक रही हैं कि कोई ग्राहक आए, कोई सुने, कोई समझे। प्रबंधन से जुड़े अनुदीप सिंह बेदी का कहना है कि मरम्मत कार्य के बाद इवेंट की योजना बनाई जाएगी। इस बार तीज उत्सव पीतमपुरा में आयोजित किया जा रहा है। हालांकि उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही यहां रौनक लौटेगी।
व्यापारी उठा रहे सवाल
दिल्ली हाट INA में आग के बाद मुआवज़ा और किराया माफी दी गई, लेकिन जनकपुरी की उपेक्षा हो रही है व्यापारी सवाल उठा रहे हैं। "अगर हादसा नहीं हुआ तो क्या हम मरम्मत के हकदार नहीं हैं?" महिला व्यापारी पूछती हैं। एक सवाल, जो सबके दिल में है क्या जनकपुरी हाट को जानबूझकर भुलाया जा रहा है?