जंतर-मंतर पर एक बार फिर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सौरव दास और आशुतोष रांका को दोबारा हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आने के बाद आखिर पूरा मामला क्या है ?

Delhi News : नई दिल्ली के जंतर-मंतर से बड़ी खबर सामने आई है। सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस ने एक बार फिर हिरासत में लिया है। दोनों कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख प्रवक्ताओं में शामिल हैं। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों नेता मंगलवार को जंतर-मंतर पहुंचे थे, जहां पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। यह कार्रवाई मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन के बीच हुई है। ध्यान देने वाली बात यह है कि शुरुआती रिपोर्टों में दोनों नेताओं को हिरासत में लिए जाने की बात कही गई है। । Delhi News
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने दावा किया है कि सौरव दास, आशुतोष रांका, अजिंक्य शिंदे और पार्टी के अन्य सदस्यों को दिल्ली पुलिस ने फिर हिरासत में लिया है। हालांकि, इस बार की कार्रवाई के विस्तृत कारणों और सभी हिरासत में लिए गए लोगों की स्थिति को लेकर अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। Delhi News
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत 10 अक्टूबर 2026 को हुई थी। उस दिन CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके और सह-संयोजक सौरव दास तथा आशुतोष रांका मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे। जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने उन्हें विमान के भीतर ही हिरासत में ले लिया था। प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं मिलने की बात भी रिपोर्टों में सामने आई थी।
इसके बाद तीनों नेताओं को करीब 23 घंटे हिरासत में रखने के बाद 11 अक्टूबर को रिहा कर दिया गया था। दिल्ली कैंट स्थित कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत ने उन्हें 50,000 रुपये के मुचलके और एक साल तक शांति एवं अच्छा आचरण बनाए रखने की शर्त पर रिहा किया था। Delhi News
CJP के आंदोलन का प्रमुख मुद्दा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग रहा है। प्रदर्शन से जुड़े विवाद में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी विरोध दर्ज कराया गया है। आंदोलन से जुड़े पक्षों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार और प्रदर्शन स्थल की अनुमति को लेकर सवाल उठाए हैं। Delhi News
इस खबर में एक महत्वपूर्ण तथ्य स्पष्ट करना जरूरी है। उपलब्ध रिपोर्टों में सौरव दास और आशुतोष रांका को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता एवं पदाधिकारी बताया गया है, बीजेपी के बड़े नेता नहीं। इसलिए चेतना मंच की खबर में उन्हें बीजेपी नेता लिखना उपलब्ध जानकारी के आधार पर सही नहीं होगा। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि 11 अक्टूबर को रिहा किए जाने के बाद दोनों नेताओं को दोबारा हिरासत में लेने की वजह क्या है और दिल्ली पुलिस इस कार्रवाई पर क्या आधिकारिक स्पष्टीकरण देती है। Delhi News
विज्ञापन