मानवता को कलंकित करने वालों का हुआ भंडाफोड़, हद दर्जे की नीचता
भारत
चेतना मंच
29 Aug 2025 02:06 PM
देश की राजधानी दिल्ली में मानवता को कलंकित करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। दिल्ली पुलिस ने जिस गिरोह का भंडाफोड़ किया है वह गिरोह नीचता की सारी हदें पार करने वाला गिरोह है। दिल्ली पुलिस ने मानवता पर बड़ा कलंक लगाने वाले गिरोह का प्रसिद्ध सामाजिक संगठन एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन की मदद से किया है। दिल्ली के नागरिक AVA तथा दिल्ली पुलिस के काम की खूब तारीफ कर रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने जिस गिरोह का भंडफोड़ किया है उस गिरोह के काले कारनामे जानकर आप भी दंग रह जाएंगे। Delhi News
नाबालिग गर्भवती बच्ची को भी बेच डाला गिरोह ने
दिल्ली पुलिस ने मानवता को कलंकित करने वाले जिस गिरोह का भंडाफोड़ किया है वह गिरोह नाबालिग बच्चियों से वेश्यावृत्ति का धंधा करा रहा था। इतना ही नहीं दिल्ली में सक्रिय यह गिरोह नाबालिग बच्चियों को खरीदने तथा बेचने का काम भी कर रहा था। दिल्ली पुलिस ने गिरोह के अड्डे पर छापा मारकर पांच महिलाओं को मुक्त कराया है। दिल्ली पुलिस द्वारा मुक्त कराई गई महिलाओं में 14 साल की नाबालिग बच्ची भी शामिल है। इतना ही नहीं दिल्ली पुलिस ने इस गिरोह के कब्जे से 15 साल की एक ऐसी बच्ची को भी बरामद किया है जो बच्ची मानवता के तस्करों की करतूत के कारण 6 महीने की गर्भवती थी। इतना घिनौना पाप करते हुए दिल्ली में सक्रिय गिरोह किसी से नहीं डरता था। Delhi News
सामाजिक संस्था ने किया बड़ा ही सराहनीय काम
दिल्ली में पकड़े गए गिरोह की पूरी जानकारी प्रसिद्ध सामाजिक संगठन AVA ने दी है। दिल्ली में सक्रिय AVA के प्रवक्ता जितेन्द्र कुमार ने बताया कि एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन (एवीए) की सूचना पर कार्रवाई करते हुए बाहरी उत्तरी दिल्ली पुलिस ने स्वरूप नगर स्थित एक फ्लैट में वेश्यावृत्ति के धंधे का भंडाफोड़ करते हुए 5 महिलाओं को मुक्त कराया। इनमें एक 14 वर्षीय नाबालिग और एक 6 महीने की गर्भवती नाबालिग भी शामिल हैं। AVA के सदस्य कई हफ्तों से फर्जी ग्राहक बनकर इस गिरोह के बारे में जानकारी जुटा रहे थे। छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक अधेड़ महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के खिलाफ अनैतिक दुर्व्यापार (निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। Delhi News
काउंसलिंग के दौरान बच्ची ने बताया कि पिछले महीने की शुरुआत में एक परिचित ने उसे इस धंधे में फंसाया था। बच्ची ने बताया कि घर में आर्थिक तंगी के चलते उसने एक महिला से फैक्ट्री में नौकरी ढूंढने में मदद मांगी थी। लेकिन परिचित उसे रंजीता नाम की एक महिला के पास ले गई जो इसी तरह का सेक्स रैकेट चलाती थी। बच्ची ने कहा कि जब उसने यह काम करने से इनकार किया तो उन्होंने उसे यकीन दिलाया कि इसमें बहुत पैसा है और इससे उसकी सभी परेशानियां खत्म हो जाएंगी। उसे कहा गया कि उसे रोज एक या दो ग्राहकों को खुश करना होगा और बदले में उसे 1000 रुपए मिलेंगे।
बार-बार दिल्ली में गिरोह के चंगुल में फंसती रही बच्ची
मासूम बच्ची ने बताया कि 15 दिन बाद वह स्वरूपनगर आई, जहां वह फिर से उसी रैकेट में फंस गई। उसने कहा - ग्राहकों को खुश करने के एवज में उसे रोजाना केवल 300 रुपए मिलते थे, जबकि बाकी पैसे गिरोह के संचालक अपने पास रख लेते थे। बच्ची ने बताया कि उसके माता-पिता को इस बारे में कुछ भी नहीं पता था। फिलहाल उसे बाल सुधार गृह में भेज दिया है। आगे उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया जाएगा ताकि उसकी बेहतर देखभाल सुनिश्चित की जा सके। इस बीच, दूसरी पीडि़ता जो गर्भवती थी, ने रोते हुए बताया कि उसे अपनी उम्र 25 साल बताने के लिए कहा गया था, लेकिन बचाव दल को वह काफी छोटी लग रही थी। दस्तावेजों के अभाव में मेडिकल जांच से उसकी उम्र की पुष्टि की जाएगी। Delhi News
एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन के वरिष्ठ निदेशक मनीष शर्मा ने अभियान की जानकारी साझा करते हुए कहा - हमारी टीम को कुछ हफ्ते पहले इस रैकेट की खबर मिली थी। इसके बाद हमारी टीम के ही एक सदस्य ने ग्राहक बनकर बिचौलिए से संपर्क किया। कई दिनों तक विश्वास जीतने के बाद दलाल ने चार नाबालिग लड़कियां भेजने के एवज में 10,000 रुपए की मांग की। पुख्ता जानकारी के बाद हमने पुलिस को सूचना दी जिसके बाद छापे की कार्रवाई हुई। Delhi News
दिल्ली पुलिस के काम की तारीफ
इस काम को करने के लिए दिल्ली पुलिस की खूब तारीफ हो रही है। AVA के पदाधिकारियों का कहना है कि यह सराहनीय है कि दिल्ली पुलिस के DCP हरेश्वर स्वामी के नेतृत्व में दिल्ली पुलिस की टीम ने शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की। इस तरह की कार्रवाइयां और अभियान सुनिश्चित करेंगे कि नाबालिग बच्चों की ट्रैफिकिंग न हो और वे इन गिरोहों के चंगुल में नहीं फंसें। इस मामले में कानून प्रवर्तन एजेंसियों की तत्परता सराहनीय है, लेकिन यह कोई अकेली घटना नहीं है। हमने पहले भी ऐसे ही रैकेट का भंडाफोड़ किया है। हमें आरोपियों को न्याय के कटघरे में लाना होगा क्योंकि जब तक कानून उन पर शिकंजा नहीं कसेगा तब तक ये गिरोह अपनी गतिविधियां बेखौफ चलाते रहेंगे। Delhi News
एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन (एवीए), जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन का सहयोगी संगठन है, जो देश भर के 434 जिलों में बाल संरक्षण के लिए काम करने वाले 250 से अधिक नागरिक समाज संगठनों का देश का सबसे बड़ा नेटवर्क है। AVA की सूचना पर पिछले महीने भी पुलिस ने एक वेश्यावृत्ति रैकेट के खिलाफ कार्रवाई करते हुए द्वारका में एक 16 वर्षीय बच्ची को मुक्त कराया था। बच्ची ने खुलासा किया था कि उसे लगभग साल भर पहले इस धंधे में धकेला गया था और उसे हर रात 8 से 10 ग्राहकों को खुश करना पड़ता था। बताते चलें कि एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन को बचपन बचाओ आंदोलन के नाम से भी जाना जाता है। Delhi News