दिल्ली के चांदनी चौक में दिनदहाड़े ज्वेलरी से 50 लाख लूटे

'रिया गोल्ड' ज्वेलर्स की दुकान पर बुधवार दोपहर तेजी से ग्राहकों का आना-जाना जारी था। इसी दौरान कुछ लोग ग्राहक बनकर शॉप के अंदर घुसे। शुरू में उन्होंने गहने देखने का बहाना बनाया और कर्मचारियों से बातचीत की।

robbery in broad daylight
भीड़भाड़ वाले इलाके में दिनदहाड़े लूट (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar25 Feb 2026 05:00 PM
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Delhi Crime: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में बुधवार को दिनदहाड़े लूट की एक बड़ी वारदात सामने आई है। किनारी बाजार स्थित गली अनार वाली में बदमाशों ने एक ज्वेलरी शॉप को निशाना बनाया और बंदूक की नोक पर करीब 50 लाख रुपये के गहने लूट लिए। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।

ग्राहक बनकर किया कामयाब

जानकारी के मुताबिक, प्रसिद्ध 'रिया गोल्ड' ज्वेलर्स की दुकान पर बुधवार दोपहर तेजी से ग्राहकों का आना-जाना जारी था। इसी दौरान कुछ लोग ग्राहक बनकर शॉप के अंदर घुसे। शुरू में उन्होंने गहने देखने का बहाना बनाया और कर्मचारियों से बातचीत की। तभी अचानक उन्होंने बंदूकें निकालीं और दुकान में मौजूद कर्मचारियों को गनपॉइंट पर रख लिया।

50 लाख के गहने लूटे

बदमाशों ने कर्मचारियों को धमकाते हुए कहा कि शॉप में रखे सभी गहने बाहर निकाल दिए जाएं। अपनी जान बचाने के डर से कर्मचारियों को मजबूरन गहने बदमाशों के हवाले करने पड़े। आरोपियों ने करीब 50 लाख रुपये के गहने अपने कब्जे में लेकर मौके से फरार हो गए।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना के बाद जैसे ही बदमाश भागे, डरे-सहमे कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर चांदनी चौक थाना पुलिस की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और जांच-पड़ताल में जुट गईं। पुलिस अब आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण कर रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। चांदनी चौक जैसे भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील इलाके में दिनदहाड़े इस तरह की हिम्मत करने वाले बदमाशों की तलाश अब पुलिस की प्राथमिकता बनी हुई है। Delhi Crime

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दिल्लीवालों सावधान! वोटर लिस्ट की जांच हुई शुरू, अभी जुटा लें दस्तावेज

इसका मकसद मतदाता सूची को क्लीन और अपडेट करना है। इस दौरान दिल्ली छोड़ चुके लोगों के नाम हटाए जा सकते हैं, जबकि नए योग्य मतदाताओं को सूची में जोड़ा जाएगा ताकि चुनावी रिकॉर्ड पूरी तरह दुरुस्त रहे।

दिल्ली वोटर लिस्ट अपडेट
दिल्ली वोटर लिस्ट अपडेट
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar25 Feb 2026 01:54 PM
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Delhi News : दिल्ली के मतदाताओं के लिए एक बड़ा और बेहद अहम अपडेट सामने आया है। अगर आप राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रहते हैं और चाहते हैं कि आपका वोटिंग अधिकार किसी उलझन में न फंसे, तो अब पुराने दस्तावेजों को संभालकर रखना जरूरी हो गया है। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के निर्देश पर दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसका मकसद मतदाता सूची को क्लीन और अपडेट करना है इस दौरान दिल्ली छोड़ चुके लोगों के नाम हटाए जा सकते हैं, जबकि नए योग्य मतदाताओं को सूची में जोड़ा जाएगा ताकि चुनावी रिकॉर्ड पूरी तरह दुरुस्त रहे।

क्यों अहम बन गया 2002 का रिकॉर्ड?

निर्वाचन विभाग ने इस विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में वर्ष 2002 की मतदाता सूची को रेफरेंस बेस बनाया है। यानी अगर आप 2002 से पहले से दिल्ली में रह रहे हैं, तो आपके लिए सबसे जरूरी काम यही है कि 2002 वाली वोटर लिस्ट में अपना नाम खोजकर उसका रिकॉर्ड सुरक्षित कर लें। आमतौर पर इस एंट्री में आपका नाम, पिता/पति/अभिभावक का नाम, विधानसभा क्षेत्र, भाग संख्या (Part No.) और क्रम संख्या (Serial No.) जैसी अहम जानकारियां दर्ज होती हैं।

2002 के बाद दिल्ली आने वालों के लिए क्या नियम?

दिल्ली देशभर के लोगों का शहर है, इसलिए दूसरे राज्यों से आकर बसे मतदाताओं के लिए सत्यापन का तरीका थोड़ा अलग रखा गया है। स्वाभाविक है कि अगर आप 2002 के बाद दिल्ली आए हैं, तो आपका नाम दिल्ली की 2002 वाली वोटर लिस्ट में नहीं मिलेगा। ऐसे मामलों में आपको अपने मूल राज्य की उस अवधि की मतदाता सूची/रिकॉर्ड दिखाने की जरूरत पड़ सकती है, जब वहां आखिरी बार गहन पुनरीक्षण (SIR) हुआ था (जैसे 2002, 2003 या 2005)। इसके लिए संबंधित राज्य की CEO वेबसाइट से अपना पुराना डेटा निकालकर सुरक्षित रखें, ताकि BLO के घर-घर सत्यापन के वक्त आप उसे तुरंत उपलब्ध करा सकें और नाम को लेकर कोई उलझन न बने।

घर बैठे ऐसे खोजें अपना रिकॉर्ड

दिल्ली चुनाव कार्यालय ने मतदाताओं के लिए ऑनलाइन सर्च की सुविधा खोल दी है, ताकि लोग घर बैठे 2002 की वोटर लिस्ट में अपना रिकॉर्ड आसानी से ढूंढ सकें। आप नाम के जरिए, पोलिंग स्टेशन के आधार पर या फिर अपने क्षेत्र की पूरी सूची डाउनलोड करके जरूरी विवरण सुरक्षित कर सकते हैं। बेहतर यही है कि जो भी जानकारी मिले, उसका स्क्रीनशॉट या प्रिंट आउट अभी निकालकर रख लें। बता दें कि यह मुहिम सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं है। बिहार में यह वोटर लिस्ट क्लीन-अप पहले ही पूरा हो चुका है, जबकि उत्तर प्रदेश, गुजरात, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु समेत कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इसे तेज़ी से आगे बढ़ाया जा रहा है। Delhi News

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केरल के बाद दिल्ली के नाम बदलने की उठी मांग, गृह मंत्रालय तक पहुंची चिट्ठी

भाजपा सांसद खंडेलवाल का कहना है कि राजधानी का नाम बदलना सिर्फ प्रशासनिक फैसला नहीं होगा, बल्कि इससे दिल्ली की “ऐतिहासिक और सभ्यतागत पहचान” को दोबारा स्थापित करने में मदद मिलेगी।

दिल्ली के नाम पर बहस तेज
दिल्ली के नाम पर बहस तेज
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar25 Feb 2026 11:28 AM
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Delhi News : देश के सबसे शिक्षित राज्य केरल के नाम को ‘केरलम’ किए जाने की चर्चा के बाद अब राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का नाम बदलने की मांग ने जोर पकड़ लिया है। राजधानी दिल्ली के चांदनी चौक से बीजेपी सांसद और कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दिल्ली का नाम ‘इंद्रप्रस्थ’ किए जाने पर विचार करने का आग्रह किया है। भाजपा सांसद खंडेलवाल का कहना है कि राजधानी का नाम बदलना सिर्फ प्रशासनिक फैसला नहीं होगा, बल्कि इससे दिल्ली की “ऐतिहासिक और सभ्यतागत पहचान” को दोबारा स्थापित करने में मदद मिलेगी।

गृह मंत्री अमित शाह को लिखा पत्र

प्रवीन खंडेलवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखे पत्र में कहा है कि भारत दुनिया की प्राचीनतम जीवित सभ्यताओं में शामिल है, इसलिए देश की राजधानी का नाम भी उसी गहरे सांस्कृतिक–ऐतिहासिक मूल्यों को प्रतिबिंबित करना चाहिए। उनके मुताबिक ‘इंद्रप्रस्थ’ नाम दिल्ली की प्राचीन विरासत से जुड़ाव को मजबूत करेगा। इसके अलावा भाजपा सांसद खंडेलवाल ने एक अलग पत्र दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता को भी भेजा है। इसमें उन्होंने अनुरोध किया है कि दिल्ली विधानसभा में राजधानी का नाम ‘इंद्रप्रस्थ’ करने के लिए प्रस्ताव पारित किया जाए, ताकि इस मांग को औपचारिक प्रक्रिया के तौर पर आगे बढ़ाया जा सके। खंडेलवाल का दावा है कि ऐतिहासिक साहित्य, पुरातात्विक संकेत और दीर्घकालिक सभ्यतागत परंपराएं इस बात की ओर इशारा करती हैं कि आज की दिल्ली ही प्राचीन इंद्रप्रस्थ का क्षेत्र रहा है,जिसे पांडवों की भव्य राजधानी के रूप में महाभारत में वर्णित किया गया है। उन्होंने कहा कि ग्रंथों में इंद्रप्रस्थ को यमुना तट पर बसा समृद्ध नगर बताया गया है, जिसका भूगोल वर्तमान दिल्ली से मेल खाता है।

प्राचीन बसावट के प्रमाण बताए

पत्र में पुराना किला क्षेत्र में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की खुदाई का उल्लेख भी किया गया है। खंडेलवाल के मुताबिक वहां लगभग 1000 ईसा पूर्व की बसावट से जुड़े प्रमाण सामने आए हैं, जिनमें पेंटेड ग्रे वेयर (PGW) संस्कृति के अवशेष भी बताए जाते हैं। उनका तर्क है कि ऐसे संकेत महाभारत काल से जोड़कर देखे जाते रहे हैं, जिससे इंद्रप्रस्थ वाली धारणा को बल मिलता है। सांसद का कहना है कि ‘दिल्ली’ नाम अपेक्षाकृत मध्यकालीन कालखंड में अधिक प्रचलन में आया और इतिहासकार इसे ढिल्लिका/देहली जैसे संदर्भों से जोड़ते हैं। उनके अनुसार यह नाम राजधानी की “मूल सभ्यतागत पहचान” का प्रतिनिधित्व नहीं करता, जबकि ‘इंद्रप्रस्थ’ उस प्राचीन पहचान का प्रतीक है जिसे फिर से सामने लाया जा सकता है।

पुराना किला पर पांडव प्रतिमाएं लगाने का सुझाव

खंडेलवाल ने तर्क दिया कि देश में कई शहरों के ऐतिहासिक नाम पहले भी पुनर्स्थापित किए गए हैं जैसे मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और प्रयागराज। उन्होंने यह भी कहा कि ‘इंद्रप्रस्थ’ नाम दिल्ली के कई संस्थानों और स्थानों में पहले से उपयोग होता है, इसलिए समाज में इसकी स्वाभाविक स्वीकार्यता मौजूद है। नाम परिवर्तन के साथ एक सांस्कृतिक प्रस्ताव भी रखा गया है। खंडेलवाल ने सुझाव दिया कि पुराना किला या किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर पांडवों की प्रतिमाएं स्थापित की जाएं, ताकि दिल्ली की प्राचीन सांस्कृतिक–ऐतिहासिक पहचान को दृश्य रूप में भी पुनर्जीवित किया जा सके। Delhi News

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